CJP के दिल्ली प्रदर्शन से पहले 45 मेट्रो स्टेशन बंद, जंतर-मंतर के 4 किमी क्षेत्र में इंटरनेट सेवा ठप
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में 10 अक्टूबर 2026 (शनिवार) को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन से पहले सुरक्षा एजेंसियों ने राजधानी को व्यापक सुरक्षा घेरे में ले लिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की माँग को लेकर आयोजित इस प्रदर्शन के मद्देनज़र दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के हज़ारों जवान राजधानी के संवेदनशील इलाकों में तैनात किए गए हैं।
मुख्य सुरक्षा प्रबंध
राजधानी में करीब 45 मेट्रो स्टेशन बंद रखे गए हैं और दिल्ली आने वाली कई ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। जंतर-मंतर के आसपास के 4 किलोमीटर के दायरे में इंटरनेट सेवाएँ निलंबित हैं। दिल्ली के कई इलाके छावनी में तब्दील हो गए हैं।
मंडी हाउस से जंतर-मंतर की ओर जाने वाले मार्ग पर सुरक्षाकर्मी वाहनों की गहन जाँच के बाद ही आगे जाने की अनुमति दे रहे हैं। फिरोज़ शाह रोड पर बैरिकेड लगाए गए हैं और जनपथ गोल चक्कर पर भारी पुलिस बल तैनात है।
CEC आवास पर बढ़ाई गई सुरक्षा
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नई दिल्ली स्थित आवास के बाहर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के अतिरिक्त जवान तैनात किए गए हैं। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है।
यातायात पर असर
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने करीब 30 मार्गों को चिह्नित किया है जहाँ आवागमन बाधित रह सकता है। दिल्ली पुलिस ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी दी कि शनिवार सुबह 6 बजे IST से परिस्थितियों के अनुसार यातायात परिवर्तन लागू किए जाएंगे। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि जो लोग नई दिल्ली और मध्य दिल्ली से रेलवे स्टेशनों, अंतरराज्यीय बस अड्डों (ISBT) या हवाई अड्डे की ओर जा रहे हैं, वे अतिरिक्त समय लेकर यात्रा करें।
सीमाओं पर चौकसी
दिल्ली से सटे पड़ोसी राज्यों की सीमाओं पर भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर दिल्ली पुलिस के साथ अतिरिक्त बल तैनात है और बैरिकेड लगाकर वाहनों की जाँच की जा रही है। इसी प्रकार, दिल्ली-गाजियाबाद के बीच लोनी गोल चक्कर पर भी सुरक्षा कड़ी है। हालाँकि, टिकरी बॉर्डर पर फिलहाल स्थिति सामान्य बताई जा रही है और वाहनों की आवाजाही सुचारू है।
आगे की स्थिति
सुरक्षा एजेंसियाँ पूरी तरह सतर्क हैं और आने-जाने वाले वाहनों पर निगरानी जारी है। यह ऐसे समय में आया है जब ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति और चुनाव आयोग की स्वायत्तता को लेकर राजनीतिक माहौल पहले से ही गर्म है। गौरतलब है कि यह शहर के बड़े हिस्से को प्रभावित करने वाला असाधारण सुरक्षा बंदोबस्त है, जिससे आम नागरिकों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है।