सीजेपी प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस अलर्ट: नई दिल्ली 20 जोन में बँटी, 4 किमी दायरे में इंटरनेट बंद
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस ने 10 अक्टूबर 2026 को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित सीजेपी (CJP) प्रदर्शन से पहले 9 अक्टूबर को पुलिस मुख्यालय में उच्चस्तरीय बैठक बुलाई, जिसमें पुलिस आयुक्त ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ करीब तीन घंटे तक सुरक्षा रणनीति पर विचार-विमर्श किया। इस बैठक में नई दिल्ली जिले को 20 जोन में बाँटने का निर्णय लिया गया ताकि निगरानी, सुरक्षा प्रबंधन और त्वरित प्रतिक्रिया को प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सके।
इंटरनेट निलंबन और कानूनी आधार
दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार रात 10 बजे से शनिवार रात 10 बजे तक जनपथ-कर्तव्य पथ चौराहे के 4 किलोमीटर के दायरे में मोबाइल इंटरनेट सेवाएँ 24 घंटे के लिए अस्थायी रूप से निलंबित करने की घोषणा की। केंद्रीय गृह मंत्रालय की मंजूरी मिलने के बाद स्पेशल सेल (मुख्यालय) के पुलिस उपायुक्त मनीषी चंद्रा ने सभी टेलीकॉम कंपनियों के नोडल अधिकारियों को यह प्रतिबंध लागू करने के निर्देश दिए।
डीसीपी चंद्रा के पत्र के अनुसार, केंद्रीय गृह सचिव ने दूरसंचार (सेवाओं का अस्थायी निलंबन) नियम, 2024 के नियम 3 की उपधारा (1) और दूरसंचार अधिनियम, 2023 की धारा 20(2)(बी) के तहत इस अनुरोध को स्वीकृति दी है। यह ऐसे समय में आया है जब नई दिल्ली क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 भी लागू की गई है।
मेट्रो स्टेशन बंद और यातायात प्रभाव
इंटरनेट प्रतिबंध के अतिरिक्त, 57 दिल्ली मेट्रो स्टेशन शुक्रवार रात 9 बजे से बंद किए गए। बंद स्टेशनों में राजीव चौक, जनपथ, पटेल चौक, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, लोक कल्याण मार्ग, सुप्रीम कोर्ट, मंडी हाउस, बाराखंबा रोड, आईटीओ, दिल्ली गेट, कश्मीरी गेट, सराय काले खां-निजामुद्दीन, लाजपत नगर, जंगपुरा, हौज खास और अन्य प्रमुख स्टेशन शामिल हैं। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) को इस संबंध में प्रस्ताव भेजा गया है।
रेलवे और सुरक्षाबलों की तैनाती
रेलवे पुलिस उपायुक्त बी. भरत रेड्डी ने बताया कि प्रदर्शन में शामिल होने के लिए ट्रेन से दिल्ली आने वाले लोगों की आवाजाही को नियंत्रित करने हेतु 334 सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) कर्मियों को दिल्ली के सात प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर तैनात किया गया है। इसके साथ ही केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की 14 कंपनियाँ भी तलब की गई हैं।
रेड्डी ने कहा, 'सुरक्षा बलों की तैनाती 24 घंटे जारी रहेगी। जिन यात्रियों की ट्रेनें डायवर्ट नहीं की गई हैं, उन्हें किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी।' गौरतलब है कि दिल्ली में सात प्रमुख रेलवे स्टेशन हैं जहाँ सर्वाधिक ट्रेनें आती हैं।
प्रदर्शन की अनुमति क्यों नहीं मिली
दिल्ली पुलिस के अनुसार, सीजेपी के इस प्रस्तावित प्रदर्शन को इसलिए अनुमति नहीं दी गई क्योंकि आयोजकों ने कथित तौर पर कानूनी निर्देशों और पिछले प्रदर्शन के दौरान दिए गए अपने आश्वासनों का पालन नहीं किया। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब राजधानी में बड़े जनसमागमों को लेकर सुरक्षा एजेंसियाँ पहले से सतर्क रहती हैं।
आगे की स्थिति
सुरक्षा बलों की तैनाती, इंटरनेट निलंबन और मेट्रो बंदी — ये तीनों उपाय मिलकर दिल्ली में आम नागरिकों की दैनिक गतिविधियों को प्रभावित करने वाले हैं। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति सामान्य होते ही सेवाएँ बहाल कर दी जाएँगी। आगामी घंटों में सीजेपी और पुलिस प्रशासन के बीच कानूनी और प्रशासनिक टकराव की दिशा तय होगी।