9 अक्टूबर 2026
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दिल्ली में इंटरनेट बंद: जनपथ–कर्तव्य पथ के 4 किमी दायरे में 24 घंटे मोबाइल सेवा निलंबित, गृह मंत्रालय की मंजूरी

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दिल्ली में इंटरनेट बंद: जनपथ–कर्तव्य पथ के 4 किमी दायरे में 24 घंटे मोबाइल सेवा निलंबित, गृह मंत्रालय की मंजूरी

सारांश

दिल्ली में 10 अक्टूबर के प्रदर्शन से पहले गृह मंत्रालय का बड़ा कदम — जनपथ–कर्तव्य पथ के 4 किमी दायरे में 24 घंटे मोबाइल इंटरनेट बंद। सर्वोच्च न्यायालय ने मेट्रो पर पूर्ण रोक से इनकार किया, आनुपातिकता का हवाला दिया।

मुख्य बातें

गृह मंत्रालय ने जनपथ–कर्तव्य पथ क्रॉसिंग के 4 किमी दायरे में 9 अक्टूबर रात 10 बजे से 24 घंटे के लिए मोबाइल इंटरनेट निलंबित करने की मंजूरी दी।
एयरटेल, वोडाफोन-आइडिया, जियो और एमटीएनएल को आदेश का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह आदेश दूरसंचार अधिनियम, 2023 और दूरसंचार सेवा निलंबन नियम, 2024 के तहत जारी किया गया।
सर्वोच्च न्यायालय ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता में दिल्ली मेट्रो सेवाएँ पूरी तरह बंद करने से रोका; नियंत्रित संचालन का आदेश दिया।
प्रदर्शन कॉक्रोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की जवाबदेही की माँग को लेकर प्रस्तावित है।

नई दिल्ली में 9 अक्टूबर 2026 की रात 10 बजे से 10 अक्टूबर 2026 की रात 10 बजे तक जनपथ–कर्तव्य पथ क्रॉसिंग के आसपास 4 किलोमीटर के दायरे में मोबाइल इंटरनेट सेवाएँ पूरी तरह निलंबित रहेंगी। गृह मंत्रालय की मंजूरी से जारी यह आदेश 10 अक्टूबर को प्रस्तावित एक प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा एहतियात के तौर पर लागू किया गया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने यह आदेश जारी किया है।

इंटरनेट निलंबन का विवरण

आदेश के तहत मोबाइल इंटरनेट की सभी तकनीकों — 2G, 3G, 4G और 5G — पर रोक लागू की गई है। दिल्ली पुलिस ने एयरटेल, वोडाफोन-आइडिया, जियो और एमटीएनएल सहित सभी संबंधित दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को इस आदेश का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। यह आदेश दूरसंचार अधिनियम, 2023 और दूरसंचार सेवा निलंबन नियम, 2024 के तहत जारी किया गया है।

प्रदर्शन की पृष्ठभूमि

यह प्रदर्शन कॉक्रोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार की जवाबदेही तय करने की माँग को लेकर प्रस्तावित है। गौरतलब है कि राजधानी के केंद्रीय क्षेत्र में इस स्तर का इंटरनेट निलंबन असाधारण माना जाता है, और यह ऐसे समय में आया है जब देश में चुनावी निष्पक्षता को लेकर बहस तेज़ है।

सर्वोच्च न्यायालय का हस्तक्षेप

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ — जिसमें न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना भी शामिल हैं — ने 9 अक्टूबर को यह स्पष्ट किया कि 10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली में मेट्रो और अन्य रेल सेवाओं को पूरी तरह बंद नहीं किया जाएगा। पीठ ने कहा कि अधिकारियों को आनुपातिकता के सिद्धांत को ध्यान में रखते हुए एहतियाती कदम उठाने चाहिए।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को आश्वस्त किया कि अधिकारी प्रतिबंधों पर पुनर्विचार करेंगे। पीठ ने स्पष्ट किया कि 'आवाजाही पर पूर्ण रोक' और 'सेवाओं का नियंत्रित संचालन' में अंतर है — और दूसरा विकल्प ही अपनाया जाना चाहिए।

आम जनता पर असर

इंटरनेट निलंबन और यातायात प्रतिबंधों का सीधा असर उन लाखों दिल्लीवासियों पर पड़ेगा जो रोज़ाना इस मार्ग से गुज़रते हैं। सर्वोच्च न्यायालय ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि मेट्रो के नियंत्रित संचालन से जुड़े फैसले का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि यात्रियों को समय रहते सूचना मिल सके और वे वैकल्पिक व्यवस्था कर सकें।

क्या होगा आगे

10 अक्टूबर की रात 10 बजे इंटरनेट प्रतिबंध की अवधि समाप्त होने के बाद सेवाएँ बहाल होने की उम्मीद है। मेट्रो का नियंत्रित संचालन जारी रहेगा, लेकिन भीड़-संवेदनशील स्टेशनों पर प्रतिबंध लागू हो सकते हैं। प्रदर्शन की स्थिति और प्रशासन की प्रतिक्रिया पर सभी की नज़र बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जब प्रदर्शन स्वयं चुनाव आयुक्त की जवाबदेही से जुड़ा हो। सर्वोच्च न्यायालय का हस्तक्षेप और 'आनुपातिकता' की याद दिलाना यह संकेत देता है कि अदालत भी एहतियाती प्रतिबंधों की सीमाएँ तय करने में सक्रिय है। लेकिन असली सवाल यह है कि इंटरनेट निलंबन — जो सूचना के प्रवाह को रोकता है — लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार के साथ कितना संगत है। इस तरह के कदमों की बढ़ती संख्या नागरिक स्वतंत्रता बनाम सार्वजनिक व्यवस्था की बहस को और तीखा करती है।
RashtraPress
9 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली में इंटरनेट कब से कब तक बंद रहेगा?
दिल्ली में जनपथ–कर्तव्य पथ क्रॉसिंग के 4 किलोमीटर दायरे में मोबाइल इंटरनेट 9 अक्टूबर 2026 की रात 10 बजे से 10 अक्टूबर 2026 की रात 10 बजे तक यानी पूरे 24 घंटे के लिए निलंबित रहेगा। गृह मंत्रालय ने इस आदेश को मंजूरी दी है।
दिल्ली में इंटरनेट निलंबन का कारण क्या है?
10 अक्टूबर 2026 को कॉक्रोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की जवाबदेही की माँग को लेकर एक प्रदर्शन प्रस्तावित है। इसी के मद्देनजर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सुरक्षा एहतियात के तौर पर इंटरनेट निलंबन का आदेश जारी किया।
सर्वोच्च न्यायालय ने दिल्ली मेट्रो पर क्या निर्देश दिया?
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने 9 अक्टूबर को स्पष्ट किया कि मेट्रो और अन्य रेल सेवाओं को पूरी तरह बंद नहीं किया जाएगा। अदालत ने नियंत्रित संचालन जारी रखने का निर्देश दिया और कहा कि अधिकारी आनुपातिकता के सिद्धांत का पालन करें।
इंटरनेट निलंबन किस कानून के तहत जारी किया गया है?
यह आदेश दूरसंचार अधिनियम, 2023 और दूरसंचार सेवा निलंबन नियम, 2024 के तहत जारी किया गया है। एयरटेल, वोडाफोन-आइडिया, जियो और एमटीएनएल सहित सभी दूरसंचार कंपनियों को इसका पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
दिल्ली इंटरनेट बंद से कौन-से इलाके प्रभावित होंगे?
जनपथ–कर्तव्य पथ क्रॉसिंग के 4 किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी क्षेत्र इस मोबाइल इंटरनेट निलंबन से प्रभावित होंगे। इस क्षेत्र में राजधानी के केंद्रीय और व्यावसायिक रूप से महत्वपूर्ण इलाके आते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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