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जंतर-मंतर के पास 8 घंटे मोबाइल इंटरनेट बंद, गृह मंत्रालय का आदेश; NEET विरोध के बीच सरकार ने बातचीत के 4 प्रस्ताव रखे

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जंतर-मंतर के पास 8 घंटे मोबाइल इंटरनेट बंद, गृह मंत्रालय का आदेश; NEET विरोध के बीच सरकार ने बातचीत के 4 प्रस्ताव रखे

सारांश

NEET पेपर लीक को लेकर जंतर-मंतर पर एक महीने से जारी छात्र आंदोलन के बीच गृह मंत्रालय ने 8 घंटे के लिए मोबाइल इंटरनेट बंद कर दिया। सरकार ने बातचीत के चार प्रस्ताव रखे, फास्ट-ट्रैक कोर्ट का वादा किया — लेकिन प्रदर्शनकारियों की चुप्पी गतिरोध को और गहरा कर रही है।

मुख्य बातें

गृह मंत्रालय ने 23 जुलाई 2026 को जंतर-मंतर के 1.5 किमी दायरे में शाम 4:00 से रात 12:00 बजे तक मोबाइल इंटरनेट निलंबित किया।
आदेश टेलीकम्युनिकेशन एक्ट, 2023 की धारा 20 और टेलीकम्युनिकेशन्स (सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद करने के नियम) 2024 के तहत जारी हुआ।
PMO राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि सरकार ने 24 घंटों में CJP को बातचीत के 4 औपचारिक प्रस्ताव दिए, जिन पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
सरकार ने NEET पेपर लीक दोषियों के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित करने की घोषणा की।
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल 26वें दिन में प्रवेश कर गई।
छात्र एक महीने से अधिक समय से जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 23 जुलाई 2026 को जंतर-मंतर और उसके 1.5 किलोमीटर के दायरे में शाम 4:00 बजे से रात 12:00 बजे तक मोबाइल इंटरनेट सेवाएं (सभी प्रौद्योगिकी) पूरी तरह निलंबित करने का आदेश जारी किया। अधिकारियों के अनुसार यह कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी उकसावे को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया।

आदेश का कानूनी आधार

यह निर्देश महेंद्र विक्रम सिंह द्वारा हस्ताक्षरित आदेश के माध्यम से जारी किया गया। आदेश में स्पष्ट किया गया कि सचिव इस बात से संतुष्ट हैं कि जन-व्यवस्था बनाए रखने और अपराध के लिए उकसावे को रोकने के हित में यह कदम आवश्यक है।

यह आदेश टेलीकम्युनिकेशन एक्ट, 2023 की धारा 20 की उप-धारा (2) के क्लॉज (बी) तथा टेलीकम्युनिकेशन्स (सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद करने के नियम) 2024 के नियम 2 के उप-नियम 1 के क्लॉज (बी) एवं नियम 3 के उप-नियम 1 के तहत प्राप्त शक्तियों के अंतर्गत जारी हुआ।

सरकार की बातचीत की पेशकश

इंटरनेट निलंबन से पहले, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि सरकार ने पिछले 24 घंटों में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के साथ बातचीत के लिए चार औपचारिक प्रस्ताव रखे, लेकिन प्रदर्शनकारियों की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।

मंत्री ने कहा, 'हम उनका इंतजार कर रहे हैं। हमारे दरवाजे हर वक्त खुले हैं। हम चाहते हैं कि वे NEET सहित सभी मुद्दों पर बातचीत में शामिल हों।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा छात्रों की बात सुनने को तैयार हैं और बातचीत का समय व विषय छात्र स्वयं तय कर सकते हैं।

फास्ट-ट्रैक कोर्ट का ऐलान

मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी युवाओं की समस्याओं को लेकर संवेदनशील हैं। उन्होंने NEET पेपर लीक के दोषियों पर त्वरित मुकदमा चलाने और फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित करने की घोषणा की, ताकि बिना किसी देरी के न्याय सुनिश्चित हो सके।

विरोध-प्रदर्शन की पृष्ठभूमि

CJP की अगुवाई में छात्र NEET पेपर लीक को लेकर जंतर-मंतर पर एक महीने से अधिक समय से प्रदर्शन कर रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल 23 जुलाई को अपने 26वें दिन में प्रवेश कर गई। गौरतलब है कि भारत में इंटरनेट निलंबन के आदेश सामान्यतः बड़े सार्वजनिक प्रदर्शनों के दौरान जारी किए जाते हैं — यह कदम उसी प्रवृत्ति की कड़ी है।

आगे क्या

रात 12:00 बजे के बाद इंटरनेट सेवाएं बहाल होने की उम्मीद है। सरकार की ओर से बातचीत का प्रस्ताव खुला है और छात्र संगठनों की प्रतिक्रिया पर सभी की निगाहें टिकी हैं। यदि गतिरोध जारी रहा, तो आगे के कदमों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरी तरफ संचार काट देती है; यह विरोधाभास आलोचकों को यह तर्क देने का मौका देता है कि असली इरादा संवाद नहीं, प्रदर्शन की ऑनलाइन दृश्यता कम करना है। फास्ट-ट्रैक कोर्ट की घोषणा स्वागतयोग्य है, लेकिन बिना समयसीमा और जवाबदेही ढाँचे के यह केवल आश्वासन बनकर रह सकती है — जैसा कि NEET से जुड़ी पिछली घोषणाओं में भी देखा गया।
RashtraPress
7 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गृह मंत्रालय ने जंतर-मंतर पर इंटरनेट क्यों बंद किया?
गृह मंत्रालय ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराध के लिए उकसावे को रोकने के उद्देश्य से यह कदम उठाया। आदेश में स्पष्ट किया गया कि सचिव इस कदम की आवश्यकता से संतुष्ट हैं।
इंटरनेट बंद का दायरा और समय क्या था?
जंतर-मंतर के 1.5 किलोमीटर के दायरे में 23 जुलाई को शाम 4:00 बजे से रात 12:00 बजे तक — यानी 8 घंटे — सभी तकनीकों पर मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित रहीं।
NEET पेपर लीक विरोध में कौन शामिल है और कब से चल रहा है?
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की अगुवाई में छात्र एक महीने से अधिक समय से जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी दौरान सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल 23 जुलाई को 26वें दिन में प्रवेश कर गई।
सरकार ने छात्रों को बातचीत के लिए क्या प्रस्ताव दिया?
PMO राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह के अनुसार सरकार ने 24 घंटों में CJP को बातचीत के चार औपचारिक प्रस्ताव दिए। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के दफ्तर या घर पर, छात्रों की सुविधानुसार समय और विषय तय करके बातचीत का प्रस्ताव दिया गया।
NEET मामले में फास्ट-ट्रैक कोर्ट की घोषणा क्या है?
मंत्री जितेंद्र सिंह ने पेपर लीक के दोषियों पर त्वरित मुकदमा चलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित करने की घोषणा की। इसका उद्देश्य बिना देरी के न्याय सुनिश्चित करना और दोषियों को कानून का सामना कराना है।
राष्ट्र प्रेस
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