23 जुलाई 2026
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नीट विवाद: जितेंद्र सिंह बोले — 24 घंटों में सीजेपी को चार बार बातचीत का न्योता, कोई जवाब नहीं

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नीट विवाद: जितेंद्र सिंह बोले — 24 घंटों में सीजेपी को चार बार बातचीत का न्योता, कोई जवाब नहीं

सारांश

नीट पेपर लीक पर जंतर-मंतर पर धरना दे रहे छात्रों से सरकार ने 24 घंटों में चार बार बातचीत का प्रस्ताव रखा, पर सीजेपी की ओर से कोई जवाब नहीं आया। सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल 26वें दिन जारी है और गतिरोध बरकरार है।

मुख्य बातें

केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने 23 जुलाई को कहा कि सरकार ने पिछले 24 घंटों में सीजेपी को चार बार वार्ता का औपचारिक प्रस्ताव दिया।
सीजेपी ने किसी भी प्रस्ताव पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा छात्रों की चिंताएँ सुनने को तैयार; समय और स्थान छात्र स्वयं तय कर सकते हैं।
नीट पेपर लीक के दोषियों के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट गठित करने की घोषणा की गई है।
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल 26वें दिन में प्रवेश कर गई।
जंतर-मंतर पर छात्रों का विरोध प्रदर्शन एक महीने से अधिक समय से जारी है।

केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने गुरुवार, 23 जुलाई को कहा कि सरकार ने पिछले 24 घंटों में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के साथ वार्ता के लिए कम से कम चार औपचारिक प्रस्ताव भेजे हैं, परंतु पार्टी की ओर से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के विरोध में एक महीने से अधिक समय से प्रदर्शन कर रहे छात्रों और सरकार के बीच गतिरोध जारी है।

सरकार का रुख: 'दरवाजे चौबीसों घंटे खुले हैं'

मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा, 'हम उनका इंतजार कर रहे हैं। हमारे दरवाजे चौबीसों घंटे खुले हैं। हमने पिछले 24 घंटों में कम से कम चार बार उनसे संपर्क किया है। हम चाहते हैं कि वे नीट सहित सभी मुद्दों पर बातचीत में शामिल हों।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों से 'बेहद विनम्रता' के साथ संपर्क किया है और संवाद को गतिरोध सुलझाने का एकमात्र रचनात्मक मार्ग बताया है।

जेपी नड्डा करेंगे छात्रों की बात

जितेंद्र सिंह ने बताया कि सरकार के प्रतिनिधि के रूप में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा छात्रों की चिंताएँ सुनने और उनका समाधान करने के लिए तैयार हैं। छात्र बातचीत का समय और विषय स्वयं तय कर सकते हैं। वार्ता जेपी नड्डा के कार्यालय या आवास पर, किसी भी सुविधाजनक समय पर आयोजित की जा सकती है और स्वयं जितेंद्र सिंह भी इस चर्चा में उपस्थित रहेंगे।

फास्ट-ट्रैक कोर्ट और प्रधानमंत्री की संवेदनशीलता

मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के युवाओं और उनके भविष्य को लेकर संवेदनशील हैं। उन्होंने बताया कि पेपर लीक के दोषियों पर त्वरित मुकदमा चलाने और न्याय सुनिश्चित करने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट गठित करने की घोषणा की गई है, ताकि दोषियों को बिना देरी के सजा मिल सके।

छात्र आंदोलन और सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल

सीजेपी के नेतृत्व में छात्र नीट पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर एक महीने से अधिक समय से धरने पर बैठे हैं। इसी बीच, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल गुरुवार को 26वें दिन में प्रवेश कर गई। सरकार और छात्रों के बीच पहले भी बातचीत के दौर हो चुके हैं, लेकिन अब तक दोनों पक्ष किसी आम सहमति पर नहीं पहुँच पाए हैं।

आगे क्या होगा

गौरतलब है कि यह गतिरोध ऐसे समय में और गहरा हो रहा है जब नीट परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर देशभर में सवाल उठ रहे हैं। सरकार की ओर से बार-बार वार्ता का प्रस्ताव दिए जाने के बावजूद सीजेपी की चुप्पी आंदोलन को और लंबा खींच सकती है। फास्ट-ट्रैक कोर्ट के गठन की समयसीमा और उसकी व्यावहारिक प्रगति पर अब सबकी निगाहें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह भी उजागर करता है कि दोनों पक्षों के बीच विश्वास की खाई कितनी गहरी है। फास्ट-ट्रैक कोर्ट की घोषणा स्वागतयोग्य है, परंतु पिछले पेपर लीक मामलों में न्याय की गति का रिकॉर्ड संतोषजनक नहीं रहा है। सोनम वांगचुक की 26 दिन की भूख हड़ताल यह दर्शाती है कि मामला केवल नीट तक सीमित नहीं, बल्कि परीक्षा प्रणाली की व्यापक विश्वसनीयता का संकट है। बिना ठोस संस्थागत सुधार के महज वार्ता का निमंत्रण इस आंदोलन को शांत करने के लिए पर्याप्त नहीं होगा।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जितेंद्र सिंह ने सीजेपी को कितने बातचीत के प्रस्ताव दिए?
केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह के अनुसार, सरकार ने पिछले 24 घंटों में सीजेपी को कम से कम चार औपचारिक वार्ता प्रस्ताव भेजे हैं। हालाँकि, सीजेपी की ओर से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
नीट पेपर लीक पर सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?
सरकार ने नीट पेपर लीक के दोषियों पर त्वरित मुकदमा चलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट गठित करने की घोषणा की है। इसके अलावा, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को छात्रों के साथ बातचीत के लिए सरकार का प्रतिनिधि नियुक्त किया गया है।
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल किस मुद्दे पर है और यह कितने दिनों से जारी है?
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल 23 जुलाई को 26वें दिन में प्रवेश कर गई। उनकी भूख हड़ताल नीट पेपर लीक और संबंधित मुद्दों के विरोध में चल रहे व्यापक छात्र आंदोलन के साथ जुड़ी हुई है।
जंतर-मंतर पर छात्र कितने समय से प्रदर्शन कर रहे हैं?
सीजेपी के नेतृत्व में छात्र नीट पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर एक महीने से अधिक समय से धरना दे रहे हैं। सरकार और छात्रों के बीच पहले भी वार्ता हो चुकी है, लेकिन दोनों पक्ष अभी तक किसी आम सहमति पर नहीं पहुँचे हैं।
बातचीत कहाँ और किन शर्तों पर होगी?
जितेंद्र सिंह के अनुसार, वार्ता जेपी नड्डा के कार्यालय या आवास पर हो सकती है और समय व विषय छात्र स्वयं तय कर सकते हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जितेंद्र सिंह भी इस बातचीत में शामिल होंगे।
राष्ट्र प्रेस
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