नीट विवाद: जितेंद्र सिंह बोले — 24 घंटों में सीजेपी को चार बार बातचीत का न्योता, कोई जवाब नहीं
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने गुरुवार, 23 जुलाई को कहा कि सरकार ने पिछले 24 घंटों में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के साथ वार्ता के लिए कम से कम चार औपचारिक प्रस्ताव भेजे हैं, परंतु पार्टी की ओर से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के विरोध में एक महीने से अधिक समय से प्रदर्शन कर रहे छात्रों और सरकार के बीच गतिरोध जारी है।
सरकार का रुख: 'दरवाजे चौबीसों घंटे खुले हैं'
मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा, 'हम उनका इंतजार कर रहे हैं। हमारे दरवाजे चौबीसों घंटे खुले हैं। हमने पिछले 24 घंटों में कम से कम चार बार उनसे संपर्क किया है। हम चाहते हैं कि वे नीट सहित सभी मुद्दों पर बातचीत में शामिल हों।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों से 'बेहद विनम्रता' के साथ संपर्क किया है और संवाद को गतिरोध सुलझाने का एकमात्र रचनात्मक मार्ग बताया है।
जेपी नड्डा करेंगे छात्रों की बात
जितेंद्र सिंह ने बताया कि सरकार के प्रतिनिधि के रूप में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा छात्रों की चिंताएँ सुनने और उनका समाधान करने के लिए तैयार हैं। छात्र बातचीत का समय और विषय स्वयं तय कर सकते हैं। वार्ता जेपी नड्डा के कार्यालय या आवास पर, किसी भी सुविधाजनक समय पर आयोजित की जा सकती है और स्वयं जितेंद्र सिंह भी इस चर्चा में उपस्थित रहेंगे।
फास्ट-ट्रैक कोर्ट और प्रधानमंत्री की संवेदनशीलता
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के युवाओं और उनके भविष्य को लेकर संवेदनशील हैं। उन्होंने बताया कि पेपर लीक के दोषियों पर त्वरित मुकदमा चलाने और न्याय सुनिश्चित करने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट गठित करने की घोषणा की गई है, ताकि दोषियों को बिना देरी के सजा मिल सके।
छात्र आंदोलन और सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल
सीजेपी के नेतृत्व में छात्र नीट पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर एक महीने से अधिक समय से धरने पर बैठे हैं। इसी बीच, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल गुरुवार को 26वें दिन में प्रवेश कर गई। सरकार और छात्रों के बीच पहले भी बातचीत के दौर हो चुके हैं, लेकिन अब तक दोनों पक्ष किसी आम सहमति पर नहीं पहुँच पाए हैं।
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि यह गतिरोध ऐसे समय में और गहरा हो रहा है जब नीट परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर देशभर में सवाल उठ रहे हैं। सरकार की ओर से बार-बार वार्ता का प्रस्ताव दिए जाने के बावजूद सीजेपी की चुप्पी आंदोलन को और लंबा खींच सकती है। फास्ट-ट्रैक कोर्ट के गठन की समयसीमा और उसकी व्यावहारिक प्रगति पर अब सबकी निगाहें टिकी हैं।