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सोनम वांगचुक की 25 दिन की भूख हड़ताल: सीजेपी ने अनशन समाप्त करने की अपील की, आंदोलन जारी रखने का वादा

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सोनम वांगचुक की 25 दिन की भूख हड़ताल: सीजेपी ने अनशन समाप्त करने की अपील की, आंदोलन जारी रखने का वादा

सारांश

25 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक की जान को खतरे के बीच सीजेपी ने अनशन समाप्त करने की अपील की है — लेकिन नीट सुधार और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर आंदोलन जारी रखने का संकल्प भी दोहराया है।

मुख्य बातें

सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल 22 जुलाई तक 25 दिन पूरे कर चुकी है, जिससे उनके स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा बताया जा रहा है।
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने वांगचुक को पत्र लिखकर अनशन समाप्त करने की अपील की, साथ ही आंदोलन जारी रखने का वादा किया।
सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके ने एक्स पर वीडियो साझा कर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक संघर्ष जारी रखने की घोषणा की।
वांगचुक ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी.
नड्डा और राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह को पत्र लिखकर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई न करने का आश्वासन मिलने पर अनशन खत्म करने की शर्त रखी।
20 जुलाई के 'चलो संसद' मार्च के बाद देशभर के युवा नीट सुधार आंदोलन में शामिल हो रहे हैं।

जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की 25 दिनों से जारी भूख हड़ताल को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने 22 जुलाई को उनसे अनशन समाप्त करने की अपील की है। संगठन ने स्पष्ट किया कि वांगचुक के अनशन खत्म करने के बाद भी नीट पेपर लीक मामले में परीक्षा व्यवस्था सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन जारी रहेगा।

सीजेपी का पत्र और अपील

सीजेपी ने सोनम वांगचुक को लिखे पत्र में कहा कि उनका संघर्ष हज़ारों छात्रों को एकजुट करने में सफल रहा है। पत्र में संगठन ने लिखा, 'हम पूरे सम्मान और कृतज्ञता के साथ आपसे अनुरोध करते हैं कि कृपया अपना अनशन समाप्त करें। आपने देशभर के छात्रों को प्रेरित किया है। अब हमें आपकी सेहत का भी ध्यान रखना है।' संगठन ने कहा कि 20 जुलाई को देश के विभिन्न राज्यों से युवा इस आंदोलन के समर्थन में पहुँचे, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि यह लड़ाई लाखों छात्रों की है।

आंदोलन जारी रखने का संकल्प

सीजेपी ने भरोसा दिलाया कि अनशन समाप्त होने के बाद भी परीक्षा प्रणाली में न्याय की मांग पूरी होने तक विरोध प्रदर्शन रुकेगा नहीं। पत्र में कहा गया, 'हम वादा करते हैं कि आपका अनशन समाप्त होने के साथ यह संघर्ष खत्म नहीं होगा। हमारी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।'

सीजेपी संस्थापक की अपील और शांतिपूर्ण आंदोलन पर ज़ोर

सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर एक वीडियो साझा कर वांगचुक से अनशन समाप्त करने की अपील की। उन्होंने कहा, '25 दिनों तक भोजन न करने से उनकी जान को खतरा हो गया है। मैं नहीं चाहता कि उनके साथ कुछ भी गलत हो, इसलिए उनसे आग्रह करता हूँ कि वे अपना अनशन समाप्त करें।' दिपके ने यह भी कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा।

दिपके ने प्रदर्शनकारियों से आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से जारी रखने की अपील करते हुए कहा, 'जो लोग आपत्तिजनक नारे लगाते हैं या किसी को धमकी देते हैं, उनका इस आंदोलन में कोई स्थान नहीं है। हमारा आंदोलन महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव आंबेडकर के बताए रास्ते पर चल रहा है।'

वांगचुक की सरकार से शर्त

इस बीच सोनम वांगचुक ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा और केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह को पत्र लिखकर कहा है कि यदि केंद्र सरकार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने का आश्वासन देती है, तो वह अनशन समाप्त करने को तैयार हैं। गौरतलब है कि यह पत्र 20 जुलाई को आयोजित 'चलो संसद' मार्च के संदर्भ में लिखा गया है। यह ऐसे समय में आया है जब नीट विवाद पर देशभर में छात्रों का आक्रोश लगातार बढ़ रहा है और सरकार पर दबाव बनता जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक कार्यकर्ता की जान का सवाल बन गया है। सीजेपी की अपील सामरिक रूप से समझदारी भरी है: वांगचुक को आंदोलन से बड़ा बनाए बिना उनकी जान बचाना। लेकिन असली परीक्षा यह है कि क्या अनशन समाप्त होने के बाद छात्र आंदोलन की गति बनी रहती है — भारत में अधिकतर जन आंदोलन प्रतीकात्मक चेहरे के हटने के बाद बिखर जाते हैं। सरकार की चुप्पी और 'चलो संसद' मार्च के बाद भी कोई ठोस प्रतिक्रिया न आना यह संकेत देता है कि दबाव अभी पर्याप्त नहीं माना जा रहा।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल किस मांग को लेकर है?
सोनम वांगचुक नीट पेपर लीक मामले में परीक्षा व्यवस्था में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर हैं। 22 जुलाई तक यह हड़ताल 25 दिन पूरे कर चुकी है।
सीजेपी ने सोनम वांगचुक से अनशन समाप्त करने की अपील क्यों की?
सीजेपी ने कहा कि 25 दिनों तक भोजन न करने से वांगचुक के स्वास्थ्य और जीवन को गंभीर खतरा हो गया है। संगठन ने भरोसा दिलाया कि अनशन समाप्त होने के बाद भी आंदोलन जारी रहेगा।
सोनम वांगचुक ने अनशन समाप्त करने के लिए क्या शर्त रखी है?
वांगचुक ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा और राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह को पत्र लिखकर कहा है कि यदि सरकार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने का आश्वासन दे, तो वह अनशन समाप्त करने को तैयार हैं।
'चलो संसद' मार्च क्या था?
'चलो संसद' मार्च 20 जुलाई को आयोजित किया गया था, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से युवा नीट सुधार आंदोलन के समर्थन में दिल्ली पहुँचे। यह मार्च वांगचुक के अनशन को व्यापक जन समर्थन दिलाने का प्रयास था।
क्या सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने के बाद आंदोलन खत्म हो जाएगा?
नहीं। सीजेपी और संस्थापक अभिजीत दिपके ने स्पष्ट किया है कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में न्याय की मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। संगठन ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष जारी रखने की अपील की है।
राष्ट्र प्रेस
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