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जंतर-मंतर धरना: सीजेपी प्रतिनिधिमंडल से मिले जेपी नड्डा, प्रदर्शन समाप्त करने की अपील

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जंतर-मंतर धरना: सीजेपी प्रतिनिधिमंडल से मिले जेपी नड्डा, प्रदर्शन समाप्त करने की अपील

सारांश

जंतर-मंतर पर एक महीने से जारी सीजेपी के धरने में पहली बार सरकारी स्तर पर बातचीत हुई — केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने प्रदर्शनकारियों से धरना खत्म करने की अपील की, पर सीजेपी ने ठोस आश्वासन के बिना आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया।

मुख्य बातें

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने 20 जुलाई 2026 को सीजेपी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की और धरना समाप्त करने की अपील की।
सीजेपी प्रतिनिधि सौरभ दास ने कहा — कोई पक्का वादा नहीं मिला, आंदोलन जारी रहेगा।
तीन प्रमुख मांगें: सोनम वांगचुक की रिहाई, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, और नीट पीड़ित परिवारों को ₹1 करोड़ मुआवजा।
संगठन का दावा — नीट 2026 पेपर लीक के बाद कथित तौर पर 21 अभ्यर्थियों ने आत्महत्या की।
जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन धरना 20 जून से जारी; सोनम वांगचुक का अनशन 28 जून से चल रहा है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने 20 जुलाई 2026 को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे छात्र जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की और सभी प्रदर्शनकारियों से धरना समाप्त करने की अपील की। हालांकि, सीजेपी ने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार की ओर से ठोस आश्वासन नहीं मिलता, आंदोलन जारी रहेगा।

बातचीत का घटनाक्रम

नड्डा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि सोमवार सुबह 11:50 बजे पहली बार प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकार के साथ बातचीत का प्रस्ताव आया। उन्होंने बताया कि सौहार्दपूर्ण माहौल में मुलाकात हुई, पहले मौखिक चर्चा हुई और लगभग शाम 4 बजे उन्हें लिखित याचिका सौंपी गई।

नड्डा ने कहा, 'मैंने सभी प्रदर्शनकारियों से अनुरोध किया कि वे अपने धरने को समाप्त करें और सामान्य स्थिति बहाल करने में प्रशासन की मदद करें।'

सीजेपी की प्रमुख मांगें

मुलाकात के बाद सीजेपी प्रतिनिधि सौरभ दास ने बताया कि उन्होंने केंद्रीय मंत्री के समक्ष तीन प्रमुख मांगें रखीं। पहली, सोनम वांगचुक की रिहाई और उनके आवागमन पर किसी भी प्रकार की रोक न लगाई जाए। दूसरी, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा या उन्हें पद से हटाया जाए। तीसरी, कथित नीट 2026 पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिवारों को ₹1 करोड़ प्रति परिवार मुआवजा दिया जाए।

सौरभ दास के अनुसार, 'मंत्री जी ने भरोसा दिलाया है कि वे इस मामले पर सही स्तर पर बात करेंगे। हालांकि, अभी तक कोई पक्का वादा नहीं किया गया है।'

आंदोलन की पृष्ठभूमि

सीजेपी के ज्ञापन के अनुसार, संगठन 6 जून से शिक्षा व्यवस्था में सुधार और कथित परीक्षा अनियमितताओं के विरोध में देशभर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहा है। 20 जून से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू हुआ, जिसमें शिक्षाविद और पर्यावरणविद सोनम वांगचुक भी शामिल हुए। संगठन का दावा है कि सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर वांगचुक ने 28 जून से अनशन शुरू किया, जो 20 जुलाई तक जारी बताया जा रहा है।

ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, तकनीकी गड़बड़ियाँ और प्रशासनिक अव्यवस्था देखने को मिली। संगठन के रिकॉर्ड के अनुसार, नीट 2026 पेपर लीक के बाद कथित तौर पर 21 अभ्यर्थियों ने आत्महत्या की — यह आँकड़ा स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुआ है।

पुलिस पर आरोप और प्रदर्शनकारियों का रुख

सीजेपी ने दिल्ली पुलिस पर शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग करने का आरोप लगाया है और इसे तत्काल रोकने की माँग की है। संगठन का कहना है कि जब तक मांगों पर सरकार की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं होती, उनका शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा।

आगे क्या

यह बातचीत पहली बार हुई सरकार-प्रदर्शनकारी वार्ता है, लेकिन किसी भी मांग पर लिखित प्रतिबद्धता अभी सामने नहीं आई है। नड्डा के अनुसार बातचीत जारी है, जबकि सीजेपी ने संकेत दिया है कि अगला कदम सरकार की ठोस प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

और इस पर किसी भी 'सही स्तर पर बात' का अर्थ तब तक अस्पष्ट रहेगा जब तक कोई समयसीमा सामने नहीं आती। नीट विवाद पर सरकार की जवाबदेही की माँग अब सड़क से संसद तक फैल रही है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीजेपी और जेपी नड्डा की मुलाकात में क्या हुआ?
20 जुलाई 2026 को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे सीजेपी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। नड्डा ने धरना समाप्त करने की अपील की, जबकि सीजेपी ने कहा कि ठोस आश्वासन के बिना आंदोलन जारी रहेगा।
सीजेपी की तीन प्रमुख मांगें क्या हैं?
सीजेपी ने तीन मांगें रखी हैं — सोनम वांगचुक की रिहाई और उन पर किसी प्रतिबंध का न होना; केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा या बर्खास्तगी; और नीट 2026 पेपर लीक के बाद कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिवारों को ₹1 करोड़ मुआवजा।
सोनम वांगचुक का अनशन कब से जारी है?
संगठन के दावे के अनुसार सोनम वांगचुक ने 28 जून से अनशन शुरू किया, जो 20 जुलाई तक जारी बताया जा रहा है। वे जंतर-मंतर पर 20 जून से चल रहे अनिश्चितकालीन धरने में भी शामिल हुए थे।
नीट 2026 पेपर लीक को लेकर सीजेपी के क्या आरोप हैं?
सीजेपी के ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल में कई परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, तकनीकी गड़बड़ियाँ और प्रशासनिक अव्यवस्था हुई। संगठन का दावा है कि नीट 2026 पेपर लीक के बाद उनके रिकॉर्ड के अनुसार 21 अभ्यर्थियों ने आत्महत्या की — यह आँकड़ा स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं है।
क्या सरकार ने सीजेपी की मांगें मान ली हैं?
नहीं। जेपी नड्डा ने केवल यह भरोसा दिलाया कि वे इस मामले पर 'सही स्तर पर बात करेंगे।' सीजेपी प्रतिनिधि सौरभ दास ने स्पष्ट किया कि कोई पक्का वादा नहीं किया गया है और जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, प्रदर्शन जारी रहेगा।
राष्ट्र प्रेस
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