जंतर-मंतर पर सीजेपी प्रदर्शन: दिल्ली पुलिस की अपील, नड्डा से मुलाकात पर भी नहीं थमा आंदोलन
सारांश
मुख्य बातें
जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का विरोध प्रदर्शन 20 जुलाई को भी जारी रहा, जिसके बीच दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त एवं जनसंपर्क अधिकारी राजीव रंजन ने प्रदर्शनकारियों से संयम बरतने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात के बावजूद सीजेपी ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है।
पुलिस की अपील और दिशा-निर्देश
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त राजीव रंजन ने एक वीडियो संदेश जारी करते हुए सभी प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करने का अनुरोध किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी गैर-कानूनी या हिंसक गतिविधि में शामिल न हों और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के कानूनी निर्देशों का पालन करें।
पुलिस ने आम नागरिकों को भी सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों और अपुष्ट जानकारी से सावधान रहने की हिदायत दी। संदेश में कहा गया कि केवल विश्वसनीय स्रोतों पर भरोसा करें और शांति व सद्भाव बनाए रखने में दिल्ली पुलिस का साथ दें।
नड्डा से मुलाकात, पर ठोस आश्वासन नहीं
सोमवार को सीजेपी के एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। सीजेपी की ओर से बाद में कहा गया कि उनकी मांगों पर कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला और जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।
नड्डा ने इस मुलाकात की तस्वीर साझा करते हुए बताया कि यह पहला मौका था जब प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकार के साथ बातचीत का प्रस्ताव आया। उन्होंने कहा, 'सुबह 11:50 बजे से हमारी बातचीत जारी रही। सौहार्दपूर्ण वातावरण में मुलाकात हुई और प्रतिनिधिमंडल ने लगभग 4 बजे मुझे लिखित याचिका सौंपी।' नड्डा ने सभी प्रदर्शनकारियों से धरना समाप्त कर सामान्य स्थिति बहाल करने में प्रशासन की मदद करने का अनुरोध किया।
विपक्ष का समर्थन
सीजेपी के इस आंदोलन को विपक्षी दलों का लगातार समर्थन मिल रहा है। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सरकार से मांग की है कि वे प्रदर्शनकारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए बातचीत करें। AAP के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया और आतिशी भी लगातार विरोध प्रदर्शन में शामिल होकर सीजेपी की मांगों का समर्थन कर रहे हैं।
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच पहली औपचारिक बातचीत हो चुकी है, लेकिन दोनों पक्षों के बीच की खाई अभी पाटी नहीं गई है। सीजेपी के रुख को देखते हुए आने वाले दिनों में जंतर-मंतर पर आंदोलन की तीव्रता और दिशा पर सभी की नज़रें टिकी हैं।