22 जुलाई 2026
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सीजेपी का प्रदर्शन सिर्फ जंतर-मंतर तक सीमित, अभिजीत दिपके बोले — उपद्रवियों का पार्टी से कोई नाता नहीं

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सीजेपी का प्रदर्शन सिर्फ जंतर-मंतर तक सीमित, अभिजीत दिपके बोले — उपद्रवियों का पार्टी से कोई नाता नहीं

सारांश

सीजेपी ने दिल्ली में उपद्रव से पल्ला झाड़ा — अभिजीत दिपके ने वीडियो जारी कर कहा कि पार्टी का आह्वान केवल जंतर-मंतर तक था। इसी दिन विपक्षी नेताओं का प्रधानमंत्री आवास तक मार्च बेनतीजा रहा और देर रात पुलिस ने सभी को रिहा किया।

मुख्य बातें

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने 22 जुलाई को स्पष्ट किया कि उसने समर्थकों को केवल जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए बुलाया था।
नेता अभिजीत दिपके ने वीडियो बयान में कहा कि दिल्ली के अन्य इलाकों में उपद्रव करने वाले तत्वों का पार्टी से कोई संबंध नहीं।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, रात करीब 8 बजे युवकों के एक समूह ने बैरिकेड्स के पास पुलिस पर पथराव किया; कुछ ही मिनटों में स्थिति सामान्य हुई।
पुलिस ने पुष्टि की कि नई दिल्ली क्षेत्र में कहीं भी बल प्रयोग नहीं किया गया।
विपक्षी नेताओं का संसद भवन से प्रधानमंत्री आवास तक मार्च और धरना — राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह व राहुल गांधी के बीच वार्ता बेनतीजा रही।
देर रात दिल्ली पुलिस ने सभी हिरासत में लिए गए नेताओं को रिहा कर दिया।

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने 22 जुलाई, मंगलवार को स्पष्ट किया कि उसने अपने समर्थकों को केवल जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए आमंत्रित किया है और दिल्ली के किसी अन्य हिस्से में एकत्र होने का कोई आह्वान पार्टी की ओर से नहीं किया गया। पार्टी की यह सफाई ऐसे समय आई जब राजधानी के कुछ इलाकों में तनाव की खबरें सामने आईं।

दिपके का वीडियो बयान

सीजेपी नेता अभिजीत दिपके ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि कुछ असामाजिक तत्वों को दिल्ली के अन्य इलाकों में उपद्रव फैलाने के उद्देश्य से भेजा गया हो सकता है। दिपके ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऐसे व्यक्तियों का सीजेपी से कोई संबंध नहीं है और पार्टी उनकी किसी भी गतिविधि की जिम्मेदारी नहीं लेती।

उन्होंने समर्थकों से अपील की कि वे केवल जंतर-मंतर पर चल रहे शांतिपूर्ण धरने में भाग लें और किसी भी अफवाह या भड़कावे में न आएं।

पथराव की घटना और पुलिस का पक्ष

दिल्ली पुलिस ने बताया कि नई दिल्ली क्षेत्र में करीब रात 8 बजे युवकों के एक समूह ने बैरिकेड्स के पास पहुँचकर वहाँ तैनात पुलिस बल पर पथराव किया। इस दौरान कुछ बैरिकेड्स भी गिरा दिए गए।

पुलिस के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने संयम बरतते हुए दूरी बनाए रखी और लोगों से शांति की अपील की। कुछ ही देर में वह समूह वहाँ से चला गया और स्थिति सामान्य हो गई। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि नई दिल्ली क्षेत्र में कहीं भी बल प्रयोग नहीं किया गया।

विपक्षी मार्च और धरने का घटनाक्रम

इसी दिन विपक्षी नेताओं ने संसद भवन से प्रधानमंत्री आवास तक मार्च निकाला और वहाँ धरने पर बैठ गए। केंद्रीय राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से बातचीत कर धरना समाप्त कराने पहुँचे, परंतु वार्ता बेनतीजा रही।

इसके बाद दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारी नेताओं को प्रधानमंत्री आवास के सामने से हटाकर अलग-अलग स्थानों पर ले गई। देर रात सभी नेताओं को पुलिस ने रिहा कर दिया।

आगे क्या

यह घटनाक्रम राजधानी में राजनीतिक तनाव के व्यापक संदर्भ में देखा जा रहा है। सीजेपी की ओर से जारी अपील और दिल्ली पुलिस के संयमित रुख ने फिलहाल स्थिति को नियंत्रण में रखा है, लेकिन विपक्ष और सत्तारूढ़ पक्ष के बीच तनातनी जारी रहने की संभावना बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो असामाजिक तत्वों की घुसपैठ की पूर्व सूचना होने पर पार्टी ने पहले से ही पुलिस को सतर्क क्यों नहीं किया? विपक्षी मार्च और धरने का बेनतीजा रहना यह भी दर्शाता है कि संवाद के रास्ते अभी बंद नहीं हुए — पर खुले भी नहीं हैं।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीजेपी ने 22 जुलाई को किस स्थान पर प्रदर्शन का आह्वान किया था?
सीजेपी ने अपने समर्थकों को केवल जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए बुलाया था। पार्टी ने स्पष्ट किया कि दिल्ली के किसी अन्य हिस्से में एकत्र होने का कोई आधिकारिक आह्वान नहीं किया गया था।
अभिजीत दिपके ने उपद्रवियों के बारे में क्या कहा?
अभिजीत दिपके ने एक वीडियो बयान में कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि कुछ असामाजिक तत्वों को दिल्ली के अन्य इलाकों में उपद्रव फैलाने के लिए भेजा गया हो सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे लोगों का सीजेपी से कोई संबंध नहीं है।
दिल्ली पुलिस ने पथराव की घटना पर क्या कहा?
दिल्ली पुलिस के अनुसार, नई दिल्ली क्षेत्र में रात करीब 8 बजे युवकों के एक समूह ने बैरिकेड्स के पास पुलिस पर पथराव किया और कुछ बैरिकेड्स गिरा दिए। पुलिसकर्मियों ने संयम बरतते हुए शांति की अपील की और कुछ ही मिनटों में स्थिति सामान्य हो गई; कहीं भी बल प्रयोग नहीं किया गया।
विपक्षी नेताओं के प्रधानमंत्री आवास तक मार्च का क्या परिणाम रहा?
विपक्षी नेताओं ने संसद भवन से प्रधानमंत्री आवास तक मार्च निकाला और धरने पर बैठ गए। केंद्रीय राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बीच वार्ता बेनतीजा रही, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने नेताओं को हटाया और देर रात सभी को रिहा कर दिया।
सीजेपी समर्थकों से पार्टी की क्या अपील थी?
सीजेपी ने अपने समर्थकों से अपील की कि वे केवल जंतर-मंतर पर चल रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शन में ही शामिल हों और किसी भी अफवाह या भड़कावे में न आएं।
राष्ट्र प्रेस
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