दिल्ली हिंसा: नड्डा ने आरएमएल और लेडी हार्डिंग अस्पताल में घायल प्रदर्शनकारियों से की मुलाकात, सीजेपी का ज्ञापन लिया
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा मंगलवार, 21 जुलाई को नई दिल्ली के राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल और लेडी हार्डिंग अस्पताल पहुँचे, जहाँ उन्होंने 'संसद चलो' मार्च के दौरान पुलिस के साथ हुई हिंसक झड़पों में घायल प्रदर्शनकारियों का हालचाल जाना। उन्होंने आरएमएल अस्पताल में चिकित्सकों के साथ बैठक कर घायलों की स्वास्थ्य स्थिति की समीक्षा भी की।
मुख्य घटनाक्रम
सोमवार को जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के समर्थकों और छात्रों की पुलिस के साथ हिंसक झड़प हुई थी। प्रदर्शनकारी नीट-यूजी पेपर लीक समेत परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग कर रहे थे। यह ऐसे समय में आया है जब नीट विवाद महीनों से राष्ट्रीय सुर्खियों में है और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
सीजेपी प्रतिनिधिमंडल की तीन प्रमुख माँगें
सोमवार को सीजेपी के दो प्रतिनिधियों — सौरव दास और आशुतोष रांका — ने नड्डा से उनके आवास पर दो बार मुलाकात की। सरकारी सूत्रों के अनुसार पहली बैठक सुबह करीब 11:50 बजे हुई, जिसमें मौखिक रूप से माँगें रखी गईं। इसके बाद नड्डा के कहने पर प्रतिनिधिमंडल दोपहर करीब चार बजे दोबारा पहुँचा और लिखित ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने तीन प्रमुख माँगें रखीं:
पहली — सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की बिना किसी प्रतिबंध के रिहाई। दूसरी — केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा। तीसरी — नीट-2026 पेपर लीक विवाद के बाद कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिवारों को ₹1-1 करोड़ मुआवजा।
सरकार की प्रतिक्रिया
सरकारी सूत्रों के मुताबिक नड्डा ने तीनों माँगों पर कोई आश्वासन नहीं दिया। मंगलवार को एनडीए के 'मंगल मिलन' कार्यक्रम में पत्रकारों के सवाल पर उन्होंने केवल इतना कहा, "बैठक अच्छी रही। बैठक हमेशा अच्छी होती है।" प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिए जाने के सवाल पर उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की। हालाँकि उन्होंने प्रदर्शनकारियों से जंतर-मंतर का धरना समाप्त कर संसद भवन क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। बैठक के बाद नड्डा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि बातचीत सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई और यह पहल सीजेपी की ओर से की गई थी।
जंतर-मंतर पर स्थिति
पुलिस द्वारा जंतर-मंतर से मंच और टेंट हटाए जाने के बावजूद प्रदर्शनकारी मंगलवार सुबह फिर वहाँ एकत्र हुए और विरोध जारी रखा। सीजेपी की अपील के बाद बड़ी संख्या में समर्थक जंतर-मंतर पहुँचे। स्थिति को देखते हुए इलाके में दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) के जवानों की भारी तैनाती की गई है। गौरतलब है कि यह विरोध प्रदर्शन नीट पेपर लीक विवाद के बाद देशभर में उठी छात्र नाराज़गी की व्यापक लहर का हिस्सा है।
आगे क्या
सीजेपी की तीन माँगों पर सरकार की ओर से अभी तक कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं आई है। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग और नीट पीड़ित परिवारों के मुआवजे का मुद्दा संसद सत्र में भी गूँजने की संभावना है। प्रदर्शनकारियों के अगले कदम और सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया पर सभी की नज़रें टिकी हैं।