दिल्ली में सीजेपी प्रदर्शन के दौरान 50 से अधिक पुलिसकर्मी घायल, 10 से ज़्यादा आईपीएस अधिकारी भी चोटिल
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़पें हुईं, जिनमें 50 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए और उन्हें अस्पताल भेजा गया। दिल्ली पुलिस सूत्रों के अनुसार, घायलों में 10 से अधिक आईपीएस तथा दिल्ली, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह पुलिस सेवा के अधिकारी भी शामिल हैं।
मुख्य घटनाक्रम
दिल्ली पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मार्च के दौरान हुई पथराव की घटनाओं में 50 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए। पुलिस ने स्पष्ट किया कि घायलों की यह संख्या और बढ़ सकती है, क्योंकि कई पुलिसकर्मी अभी अस्पताल में इलाज की प्रक्रिया में हैं।
नई दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में तैनात वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी भी इस हिंसा में चोटिल हुए। कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया — आंसू गैस के गोले दागे गए और लाठीचार्ज किया गया। जवाब में कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थर फेंके।
सीजेपी की तीन प्रमुख मांगें
सीजेपी ने सरकार के सामने तीन मांगें रखी हैं। पहली — शिक्षा मंत्री का इस्तीफा। दूसरी — सोनम वांगचुक की रिहाई और उनके आवागमन पर किसी प्रकार की रोक न लगाई जाए। तीसरी — नीट पेपर लीक से आहत होकर आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को ₹1 करोड़ का मुआवजा दिया जाए।
यह ऐसे समय में आया है जब नीट पेपर लीक मामले को लेकर पूरे देश में छात्रों और अभिभावकों में आक्रोश व्याप्त है। सीजेपी का कहना है कि जब तक ये मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक प्रदर्शन और अनशन जारी रहेगा।
सरकार की प्रतिक्रिया
प्रदर्शनकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा से मुलाकात की। नड्डा ने कहा, 'आज सुबह पहली बार प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकार के साथ बातचीत करने का प्रस्ताव आया। सौहार्दपूर्ण वातावरण में मुलाकात हुई। उनके डेलीगेशन के साथ विस्तार से पहले मौखिक चर्चा हुई और उनके द्वारा लगभग 4 बजे मुझे लिखित याचिका दी गई। मैंने सभी प्रदर्शनकारियों से अनुरोध किया कि वे अपने धरने को समाप्त करें और सामान्य स्थिति बहाल करने में प्रशासन की मदद करें।'
हालांकि, मुलाकात के बाद भी सरकार की ओर से सीजेपी की तीनों मांगों पर कोई ठोस प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। नड्डा की अपील के बाद भी सीजेपी ने प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान किया।
आम जनता और यातायात पर असर
नई दिल्ली के कई इलाकों में मार्च और झड़पों के कारण यातायात प्रभावित रहा। गौरतलब है कि राजधानी में इस पैमाने की झड़पें हाल के वर्षों में कम देखी गई हैं, जिनमें वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी तक घायल हों।
क्या होगा आगे
सीजेपी ने स्पष्ट किया है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाती, प्रदर्शन और अनशन जारी रहेगा। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने राजधानी के प्रमुख इलाकों में सुरक्षा बल तैनात रखे हैं।