दिल्ली में सीजेपी प्रदर्शन के दौरान हिंसा: 6 पुलिसकर्मी घायल, पत्थरबाजी और लाठी हमले के आरोप
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 21 जुलाई को सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प में 6 पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर पत्थरबाजी की और लाठियों से हमला किया, जिससे जनपथ, कनॉट प्लेस और जंतर-मंतर के आसपास के इलाकों में स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
मुख्य घटनाक्रम
एडिशनल डीसीपी संदीप लांबा ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने कथित तौर पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। उन्होंने कहा, 'पुलिसकर्मी बैरिकेडिंग बनाए रखने और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहे थे, इसी दौरान मुझे चोट लगी। मेरे घुटने पर चोट आई है।' पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में रिजर्व ड्यूटी पर तैनात इंस्पेक्टर रामपाल गोस्वामी को कनॉट प्लेस के आउटर चैंबर क्षेत्र में भेजा गया था, जहाँ स्थिति बिगड़ने पर वे भी घायल हो गए।
इंस्पेक्टर गोस्वामी के अनुसार, पुलिस टीम प्रदर्शनकारियों को अलग करने की कोशिश कर रही थी, तभी कथित तौर पर उन पर लाठियों और पत्थरों से हमला किया गया। उन्होंने बताया कि एक पत्थर उनके सिर पर लगा, लेकिन हेलमेट होने के कारण गंभीर चोट से बचाव हुआ, जबकि दूसरे पत्थर से हाथ पर चोट आई।
घायल पुलिसकर्मियों का विवरण
नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली के डीसीपी राहुल अलवाल ने पुष्टि की कि प्रदर्शन के दौरान कुल 6 पुलिसकर्मी घायल हुए। इनमें एडिशनल डीसीपी संदीप लांबा, इंस्पेक्टर रामपाल गोस्वामी, इंस्पेक्टर रविंदर मलिक, सब-इंस्पेक्टर योगेंद्र, सब-इंस्पेक्टर अजय और कांस्टेबल मोहित कसाना शामिल हैं। कांस्टेबल कसाना के सिर और आँख के पास गंभीर चोटें आई हैं।
जनपथ और संसद मार्ग पर तनाव
पुलिस के अनुसार, जनपथ मेट्रो स्टेशन के पास भी स्थिति तनावपूर्ण हो गई। आरोप है कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने एक पुलिस वाहन को पलटने और उसमें आग लगाने की कोशिश की, जिसके बाद पथराव शुरू हुआ। जंतर-मंतर पर तैनात सब-इंस्पेक्टर श्रीनिवास शर्मा ने बताया कि प्रदर्शनकारी सुबह से ही सड़कों पर जुटने लगे थे और दोपहर तक भीड़ काफी बढ़ गई थी।
सब-इंस्पेक्टर शर्मा के अनुसार, दोपहर करीब 1 बजे सूचना मिली कि प्रदर्शनकारी संसद मार्ग स्थित एसबीआई मुख्यालय के पास बैठे हैं। पुलिसकर्मी उनसे सड़क खाली करने की अपील करने पहुँचे, लेकिन स्थिति बिगड़ गई और कथित तौर पर उनके साथ मारपीट हुई, जिसमें उन्हें पैर में फ्रैक्चर हुआ।
कानून-व्यवस्था पर असर
दिल्ली पुलिस ने कहा कि उसने पूरे समय कानून-व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास किया। यह ऐसे समय में आया है जब राजधानी में बड़े प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन पर सवाल उठते रहे हैं। गौरतलब है कि इस तरह की झड़पें नई दिल्ली के केंद्रीय इलाकों में सार्वजनिक प्रदर्शनों के दौरान पहले भी देखी गई हैं।
क्या होगा आगे
पुलिस ने संकेत दिया है कि घटना की जाँच की जा रही है और घायल पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। आरोपी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई के संबंध में अधिकारियों ने आगे की जानकारी देने का वादा किया है।