4 सितंबर 2026
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सीजेपी का पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पर प्रदर्शन: सौरव दास ने पूछा — जंतर-मंतर के 2,800 अपराधियों पर कार्रवाई क्यों नहीं?

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सीजेपी का पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पर प्रदर्शन: सौरव दास ने पूछा — जंतर-मंतर के 2,800 अपराधियों पर कार्रवाई क्यों नहीं?

सारांश

जंतर-मंतर हिंसा में कार्यकर्ता के पिता पर हमले के बाद एक वायरल पॉडकास्ट क्लिप ने मामले को नया मोड़ दिया — आरोपी ने खुद हमले की बात कबूली। अब सीजेपी ने पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पर प्रदर्शन कर दिल्ली पुलिस से 2,800 चिह्नित अपराधियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

मुख्य बातें

सीजेपी के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका ने 4 सितंबर को पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पर प्रदर्शन किया।
मांग: जंतर-मंतर पर चिह्नित 2,800 से ज़्यादा कथित अपराधियों की गिरफ्तारी और उन पर संगीन धाराएं लगाई जाएं।
कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार के सिर पर हमले के बाद से पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई।
सोशल मीडिया पर वायरल पॉडकास्ट में स्वतंत्र भारद्वाज ने कथित तौर पर संजय कुमार पर हमले की बात स्वीकार की।
सीजेपी ने आरोप लगाया कि राजनीतिक प्रभाव के कारण आरोपी पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज नहीं किया गया।

नई दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पर 4 सितंबर को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेताओं ने प्रदर्शन किया और दिल्ली पुलिस से जंतर-मंतर हिंसा मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की। सीजेपी कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ हुई मारपीट और एक वायरल पॉडकास्ट क्लिप में आरोपी के कथित स्वीकारोक्ति के बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।

प्रदर्शन की पृष्ठभूमि

जंतर-मंतर पर सीजेपी के एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर हिंसा भड़की थी, जिसमें कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार पर हमला हुआ और उनके सिर पर चोट आई। इस घटना के बाद से सीजेपी लगातार दिल्ली पुलिस से दोषियों की गिरफ्तारी की मांग करती रही है। 4 सितंबर को सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास, राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका और अन्य कार्यकर्ता पटेल चौक से संसद मार्ग थाने पहुँचे।

सौरव दास के आरोप और मांगें

सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने मीडिया से कहा, 'दिल्ली पुलिस बार-बार कह रही थी कि जंतर-मंतर पर 2,800 से ज़्यादा घोर अपराधियों की पहचान की गई — तो आप उन लोगों को यह छूट क्यों देना चाह रहे हैं? हमने कहा कि उन 2,800 अपराधियों की पहचान की जाए और यदि उन्होंने कोई संगीन अपराध किया है तो उनके खिलाफ कार्रवाई करें, जेल में डालें। क्या कानून व्यवस्था दिल्ली में इतनी दुर्बल हो गई है? दिल्ली पुलिस को जवाब देना चाहिए।'

दास ने यह भी कहा कि घटना के बाद से अब तक पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है और वे पहले दिन से सभी छात्रों के साथ खड़े हैं।

आशुतोष रांका की प्रतिक्रिया

सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि संजय कुमार के साथ हुई मारपीट खुलेआम हुई और हमलावरों ने उनका सिर फोड़ा। उन्होंने आरोप लगाया, 'लगातार हमारी टीम और सौरव दिल्ली पुलिस से मांग करते रहे कि इन गुंडों को गिरफ्तार करें, इन पर हत्या के प्रयास का चार्ज लगाएं, लेकिन दिल्ली पुलिस सोती रही।'

रांका ने यह भी कहा कि आरोपी खुद कबूल कर रहा है कि उस पर हत्या के प्रयास का मामला बनता था, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए शर्मनाक बताया।

वायरल पॉडकास्ट क्लिप ने बढ़ाई सरगर्मी

सोशल मीडिया पर वायरल एक पॉडकास्ट क्लिप में स्वतंत्र भारद्वाज नामक व्यक्ति ने कथित तौर पर दावा किया कि संजय कुमार के सिर पर वार उसी ने किया था। इसके साथ ही उसने यह भी कहा कि राजनीतिक प्रभाव के चलते उसके खिलाफ बड़ी कानूनी कार्रवाई नहीं हुई। इसी क्लिप के सामने आने के बाद सीजेपी ने पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पर प्रदर्शन का निर्णय लिया।

सीजेपी की मांगें और आगे की राह

सीजेपी ने मांग की है कि जिन लोगों ने खुद अपनी पहचान सार्वजनिक की है, उन्हें तत्काल गिरफ्तार किया जाए और उन पर हत्या के प्रयास समेत सभी संगीन धाराएं लगाई जाएं। इस पूरे घटनाक्रम पर दिल्ली पुलिस की प्रतिक्रिया अब तक सामने नहीं आई है, और यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर और गहरा होता दिख रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दिल्ली में कानून-व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। दिल्ली पुलिस का यह दावा कि जंतर-मंतर पर 2,800 अपराधियों की पहचान की गई, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई — यह विरोधाभास स्वयं पुलिस की जवाबदेही को कठघरे में खड़ा करता है। मुख्यधारा की कवरेज प्रदर्शन तक सिमटी रही, लेकिन असली सवाल यह है कि राजनीतिक प्रभाव और पुलिसिया निष्क्रियता का यह गठजोड़ राजधानी में न्याय की पहुँच को किस हद तक प्रभावित कर रहा है।
RashtraPress
4 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीजेपी ने पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पर प्रदर्शन क्यों किया?
सीजेपी ने 4 सितंबर को पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पर प्रदर्शन इसलिए किया क्योंकि जंतर-मंतर पर कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार पर हुए हमले के बाद दिल्ली पुलिस ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। एक वायरल पॉडकास्ट में आरोपी के कथित स्वीकारोक्ति के बाद मामले ने नया मोड़ लिया।
जंतर-मंतर हिंसा में 2,800 अपराधियों वाला दावा क्या है?
सीजेपी नेता सौरव दास के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने खुद कहा था कि जंतर-मंतर पर 2,800 से ज़्यादा घोर अपराधियों की पहचान की गई है। सीजेपी की मांग है कि इन सभी की गिरफ्तारी हो और उन पर संगीन धाराएं लगाई जाएं।
स्वतंत्र भारद्वाज का पॉडकास्ट कबूलनामा क्या है?
सोशल मीडिया पर वायरल एक पॉडकास्ट क्लिप में स्वतंत्र भारद्वाज नामक व्यक्ति ने कथित तौर पर दावा किया कि संजय कुमार के सिर पर वार उसी ने किया था और राजनीतिक प्रभाव के चलते उसके खिलाफ बड़ी कानूनी कार्रवाई नहीं हुई। इसी क्लिप के सामने आने के बाद सीजेपी ने थाने पर प्रदर्शन का निर्णय लिया।
सीजेपी की मुख्य मांगें क्या हैं?
सीजेपी ने मांग की है कि जिन लोगों ने खुद अपनी पहचान सार्वजनिक की है उन्हें तत्काल गिरफ्तार किया जाए और उन पर हत्या के प्रयास समेत सभी संगीन धाराएं लगाई जाएं। साथ ही जंतर-मंतर पर चिह्नित 2,800 अपराधियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की गई है।
इस मामले में दिल्ली पुलिस का रुख क्या रहा है?
सीजेपी के आरोपों के अनुसार, घटना के बाद से दिल्ली पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इस पूरे घटनाक्रम पर दिल्ली पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया अब तक सार्वजनिक नहीं हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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