जंतर-मंतर छात्र प्रदर्शन: सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने एफआईआर वापसी और रिहाई पर सरकार से माँगी स्पष्ट समयसीमा
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 30 जुलाई — कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रवक्ता सौरव दास ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ दर्ज एफआईआर और उनकी रिहाई को लेकर दिल्ली सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने माँग की कि सरकार 'जल्द से जल्द' जैसी अस्पष्ट शब्दावली छोड़कर एक ठोस और बाध्यकारी समयसीमा घोषित करे।
एफआईआर की संख्या पर विवाद
सौरव दास ने कहा कि दिल्ली सरकार के नोटिफिकेशन में 13 एफआईआर दर्ज होने का उल्लेख है, जबकि सीजेपी की जानकारी के अनुसार वास्तविक संख्या 20 एफआईआर है। उन्होंने इस विसंगति को सरकार की पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न बताया और कहा कि एफआईआर की प्रतियाँ अभी तक संगठन को उपलब्ध नहीं कराई गई हैं।
'जल्द से जल्द' की परिभाषा तय हो
दास ने तीखे शब्दों में कहा, 'जल्द से जल्द' का अर्थ क्या माना जाए — एक घंटा, एक महीना, दस महीने या पंद्रह महीने? उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ने एफआईआर को 'बंद' करने की बात कही है, जबकि मूल गारंटी एफआईआर विथड्रॉ करने की थी — यह दोनों कानूनी रूप से अलग-अलग हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की भ्रामक शब्दावली से दूरियाँ बढ़ती हैं और विश्वास टूटता है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला
सौरव दास ने सर्वोच्च न्यायालय के एक निर्णय का संदर्भ देते हुए कहा कि अदालत ने माना है कि यदि किसी व्यक्ति की स्वतंत्रता एक दिन के लिए भी छिनती है, तो उसका प्रभाव दीर्घकालिक होता है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता एक मौलिक अधिकार है और हिरासत में बंद छात्रों की रिहाई में देरी किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है।
अन्य राज्यों में भी जारी है बातचीत
दास ने बताया कि यह मामला केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है। बिहार, असम, पश्चिम बंगाल और कई अन्य राज्यों में भी प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ नोटिफिकेशन जारी हुए हैं। सीजेपी इन राज्य सरकारों से भी स्पष्ट और गारंटीशुदा नोटिफिकेशन जारी करवाने के लिए बातचीत कर रही है।
युवाओं की उम्मीदें न टूटें
सौरव दास ने अंत में कहा कि युवा पीढ़ी बड़ी उम्मीदों के साथ आगे बढ़ना चाहती है और यदि सरकार अपनी गारंटी पर समय पर अमल नहीं करती, तो यह इस पीढ़ी के साथ गहरा विश्वासघात होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि संगठन स्थिति पर कड़ी नज़र बनाए हुए है और सरकार को सही शब्दावली के साथ ठोस प्रतिबद्धता देनी होगी।