नेपाल बाढ़: 9 दिन बाद त्रिशूली सुरंग से दो कर्मचारी जीवित बचाए, 1,252 की मौत, 5,053 लापता
सारांश
मुख्य बातें
नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के 9 दिन बाद, बचावकर्मियों ने शुक्रवार, 4 सितंबर को त्रिशूली 3-ए हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग से दो कर्मचारियों को जीवित बाहर निकाला। इस सफलता ने यह उम्मीद जगाई है कि सुरंग के भीतर अभी और लोग फंसे हो सकते हैं।
कौन हैं बचाए गए कर्मचारी
ऊर्जा, जल संसाधन और सिंचाई मंत्री के सचिवालय के अनुसार, बचाए गए दोनों कर्मचारियों में काठमांडू के रहने वाले 45 वर्षीय कबीर महर्जन और सप्तरी जिले के 30 वर्षीय संजय साह शामिल हैं। महर्जन अपर त्रिशूली 3-ए की हाइड्रोपावर ऑटोमेशन परियोजना में सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत हैं, जबकि साह फोरमैन के रूप में काम कर रहे थे। शुक्रवार को सबसे पहले संजय साह को बचाया गया, इसके बाद कबीर महर्जन को सुरक्षित निकाला गया। दोनों को हेलिकॉप्टर से काठमांडू के अस्पताल पहुँचाया गया।
कैसे हुआ बचाव अभियान सफल
बचावकर्मियों को सुरंग के भीतर से लोगों की आवाज़ें सुनाई देने के बाद अंदर फंसे लोगों से संपर्क स्थापित किया गया। इसके बाद नेपाल सेना और सशस्त्र पुलिस बल ने बचाव प्रयास और तेज़ कर दिए। सुरंग के अंदर एक बड़ी चट्टान मिली थी, जिसे हटाने के लिए विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया, ताकि रास्ता साफ हो सके।
बचाव में जुटी संयुक्त टीम
मंत्री के सचिवालय के अनुसार, नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल और चीनी विशेषज्ञों की संयुक्त टीम मौके पर तैनात है। बचाव कार्य में पाँच खुदाई मशीनें (एक्सकेवेटर), कंप्रेसर और ब्रेकर लगाए गए हैं। सुरंग तक पहुँच बनाने के लिए ड्रिलिंग और अन्य खुदाई का काम भी तेज़ किया गया है।
बाढ़ से तबाही का पैमाना
26 अगस्त को त्रिशूली नदी घाटी में अचानक आई बाढ़ ने भीषण तबाही मचाई। नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, इस आपदा में अब तक कम से कम 1,252 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि गुरुवार शाम तक 5,053 लोग लापता थे। बाढ़ की वजह से 60 मेगावाट की अपर त्रिशूली 3-ए परियोजना समेत दर्जनों जलविद्युत परियोजनाओं और महत्वपूर्ण सड़क संपर्क मार्गों को भारी नुकसान पहुँचा।
आगे क्या
यह ऐसे समय में आया है जब बचाव दल कठिन परिस्थितियों में सुरंगों और अन्य ढाँचों के भीतर फंसे अन्य लोगों की तलाश जारी रखे हुए है। दोनों कर्मचारियों के जीवित मिलने से बचाव अभियान में नई उम्मीद जगी है, और टीमें अंदर संभावित रूप से फंसे अन्य लोगों को निकालने के प्रयास में जुटी हैं।