जंतर-मंतर घटना: डीसीपी नई दिल्ली का फैक्ट चेक — हथियार नहीं, कड़े से लगी थी चोट
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस ने 3 सितंबर 2026 को स्पष्ट किया कि जंतर-मंतर पर सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन के दौरान घायल हुए संजय कुमार (38) को किसी हथियार से नहीं, बल्कि एक आरोपी के हाथ में पहने कड़े से चोट लगी थी। सोशल मीडिया पर खोपड़ी में दरार की अफवाहें फैलने के बाद डीसीपी नई दिल्ली ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर विस्तृत फैक्ट चेक पोस्ट किया।
मुख्य घटनाक्रम
23 जून को जंतर-मंतर पर सिटीजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस (सीजेपी) के विरोध-प्रदर्शन के दौरान गाजियाबाद निवासी संजय कुमार के सिर पर चोट आई। डीसीपी के अनुसार, हाथापाई के दौरान एक कथित आरोपी के हाथ में पहने कड़े की वजह से यह चोट लगी।
राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल के डॉक्टरों ने मेडिकल जांच के बाद पुष्टि की कि चोटें मामूली प्रकृति की थीं और किसी हथियार के उपयोग का कोई प्रमाण नहीं मिला।
पुलिस का आधिकारिक बयान
डीसीपी नई दिल्ली ने अपनी पोस्ट में कहा, 'खोपड़ी में दरार की जानकारी तथ्यों या एमएलसी से मेल नहीं खाती और पूरी तरह बेबुनियाद है।' पुलिस ने यह भी बताया कि घायल संजय कुमार के बयान के आधार पर पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
कानूनी कार्रवाई
घटनास्थल से हिरासत में लिए गए दो व्यक्तियों — सूरज कुमार (24) और स्वतंत्र भारद्वाज (21) — को जांच के दौरान कानून के अनुसार नोटिस जारी किए गए और पूछताछ की गई। अधिकारियों के अनुसार, जल्द ही सक्षम अदालत में चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
अनुचित दबाव के आरोपों पर पुलिस का जवाब
सोशल मीडिया पर पुलिस पर अनुचित प्रभाव और दखल के लगाए जा रहे आरोपों को डीसीपी नई दिल्ली ने सिरे से खारिज किया। पुलिस ने कहा कि 'इस मामले में किसी भी तरह के अनुचित प्रभाव या दखल का आरोप तथ्यात्मक रूप से गलत और बेबुनियाद है।' पुलिस ने दोहराया कि कानून और प्रक्रियाओं के अनुसार सख्ती से कार्रवाई की गई है।
क्या होगा आगे
दिल्ली पुलिस के अनुसार जांच जारी है और चार्जशीट शीघ्र न्यायालय में पेश की जाएगी। यह घटना सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाओं के तेज़ प्रसार और उनके खंडन में आधिकारिक तंत्र की भूमिका पर नई बहस छेड़ती है।