22 जुलाई 2026
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जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन: दिल्ली पुलिस ने पत्थरबाजी के दावों को नकारा, सोशल मीडिया वीडियो को बताया भ्रामक

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जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन: दिल्ली पुलिस ने पत्थरबाजी के दावों को नकारा, सोशल मीडिया वीडियो को बताया भ्रामक

सारांश

जंतर-मंतर पर नीट-यूजी पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन जारी रहा और सोशल मीडिया पर पत्थरबाजी के दावे वायरल हुए — लेकिन दिल्ली पुलिस ने इन्हें सीधे तौर पर झूठा बताया। भ्रामक वीडियो और आधिकारिक खंडन के बीच सूचना की विश्वसनीयता ही असली सवाल बन गई है।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस ने 22 जुलाई को जंतर-मंतर पर पत्थरबाजी और पुलिस कार्रवाई के सोशल मीडिया दावों को 'झूठा और गुमराह करने वाला' बताया।
नई दिल्ली डीसीपी के आधिकारिक एक्स हैंडल से बयान जारी कर नागरिकों से केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करने की अपील की गई।
सोमवार को 'संसद चलो' मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच झड़प की सूचना मिली थी।
सीजेपी के समर्थक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और नीट-यूजी पेपर लीक की जांच की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।
जंतर-मंतर पर दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की भारी तैनाती बनी रही; विरोध बुधवार सुबह तक जारी रहा।

दिल्ली पुलिस ने 22 जुलाई को जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे उन वीडियो को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें पत्थरबाजी और पुलिस कार्रवाई के दावे किए जा रहे थे। नई दिल्ली जिले के डीसीपी के आधिकारिक एक्स हैंडल से जारी बयान में इन दावों को 'झूठा और गुमराह करने वाला' करार दिया गया। पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें।

पुलिस का आधिकारिक बयान

नई दिल्ली डीसीपी के एक्स हैंडल पर पोस्ट किए गए बयान में कहा गया, 'सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो चल रहे हैं, जिनमें पत्थरबाजी और पुलिस कार्रवाई की बात कही जा रही है। ये दावे झूठे और गुमराह करने वाले हैं।' पोस्ट में आगे स्पष्ट किया गया, 'ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। नागरिकों से अनुरोध है कि वे ऐसे वीडियो पर विश्वास न करें और न ही उन्हें शेयर करें।'

मुख्य घटनाक्रम

यह स्पष्टीकरण ऐसे समय में आया जब मंगलवार को जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन जारी था। इससे एक दिन पहले, सोमवार को 'संसद चलो' मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच झड़प की सूचना मिली थी। कांग्रेस जन आंदोलन पार्टी (सीजेपी) के हजारों समर्थक जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च कर रहे थे, जिसे पुलिस ने निषेधाज्ञा और बैरिकेड्स लगाकर रोका।

विरोध प्रदर्शन की पृष्ठभूमि

प्रदर्शनकारी नीट-यूजी पेपर लीक विवाद समेत परीक्षा प्रणाली में कथित गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। सुरक्षा कर्मियों द्वारा विरोध स्थल का मंच और टेंट हटाए जाने के बाद भी सीजेपी के आह्वान पर प्रदर्शनकारी मंगलवार को फिर उसी स्थान पर एकत्र हो गए।

सुरक्षा व्यवस्था

जंतर-मंतर पर दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) के जवानों की भारी तैनाती बनी रही। बुधवार सुबह तक विरोध प्रदर्शन जारी रहने की जानकारी मिली। गौरतलब है कि यह आंदोलन ऐसे समय में और तेज हुआ है जब नीट-यूजी परीक्षा विवाद राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है।

आगे की स्थिति

पुलिस ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे सही जानकारी और अपडेट के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें। सोशल मीडिया पर भ्रामक सामग्री की बाढ़ के बीच यह खंडन प्रशासन की ओर से सूचना नियंत्रण की एक अहम कोशिश मानी जा रही है। आने वाले दिनों में प्रदर्शन की दिशा और सरकार की प्रतिक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो 'कोई घटना नहीं हुई' का दावा कितना विश्वसनीय लगता है — यह नागरिकों को तय करना है। नीट-यूजी विवाद पहले से ही सरकार के लिए संवेदनशील मुद्दा है, और ऐसे में सूचना के प्रवाह पर नियंत्रण की कोशिश को केवल तथ्य-सुधार के रूप में देखना एकांगी होगा। स्वतंत्र पत्रकारों और नागरिक समाज की जमीनी रिपोर्टिंग ही इस खाई को पाट सकती है।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर पत्थरबाजी के दावों को क्यों खारिज किया?
दिल्ली पुलिस ने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पत्थरबाजी और पुलिस कार्रवाई के दावे झूठे और भ्रामक हैं तथा ऐसी कोई घटना नहीं हुई। नई दिल्ली डीसीपी के आधिकारिक एक्स हैंडल से यह बयान 22 जुलाई को जारी किया गया।
जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किस मुद्दे पर हो रहा था?
सीजेपी के समर्थक नीट-यूजी पेपर लीक विवाद और परीक्षा प्रणाली में कथित गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने 'संसद चलो' मार्च निकाला था जिसे पुलिस ने रोका।
'संसद चलो' मार्च के दौरान क्या हुआ?
सोमवार को जंतर-मंतर से संसद की ओर निकले मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच झड़प की सूचना मिली। पुलिस ने निषेधाज्ञा लागू कर बैरिकेड्स लगाए और मार्च को संसद तक पहुँचने से रोका।
जंतर-मंतर पर सुरक्षा व्यवस्था कैसी थी?
विरोध स्थल पर दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) के जवानों की भारी तैनाती बनी रही। मंच और टेंट हटाए जाने के बावजूद प्रदर्शनकारी मंगलवार को फिर एकत्र हुए और बुधवार सुबह तक आंदोलन जारी रहा।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर पुलिस की क्या सलाह है?
दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे बिना पुष्टि के वीडियो पर विश्वास न करें और न ही उन्हें शेयर करें। सही जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करने की सलाह दी गई है।
राष्ट्र प्रेस
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