जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन: दिल्ली पुलिस ने पत्थरबाजी के दावों को नकारा, सोशल मीडिया वीडियो को बताया भ्रामक
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस ने 22 जुलाई को जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे उन वीडियो को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें पत्थरबाजी और पुलिस कार्रवाई के दावे किए जा रहे थे। नई दिल्ली जिले के डीसीपी के आधिकारिक एक्स हैंडल से जारी बयान में इन दावों को 'झूठा और गुमराह करने वाला' करार दिया गया। पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें।
पुलिस का आधिकारिक बयान
नई दिल्ली डीसीपी के एक्स हैंडल पर पोस्ट किए गए बयान में कहा गया, 'सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो चल रहे हैं, जिनमें पत्थरबाजी और पुलिस कार्रवाई की बात कही जा रही है। ये दावे झूठे और गुमराह करने वाले हैं।' पोस्ट में आगे स्पष्ट किया गया, 'ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। नागरिकों से अनुरोध है कि वे ऐसे वीडियो पर विश्वास न करें और न ही उन्हें शेयर करें।'
मुख्य घटनाक्रम
यह स्पष्टीकरण ऐसे समय में आया जब मंगलवार को जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन जारी था। इससे एक दिन पहले, सोमवार को 'संसद चलो' मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच झड़प की सूचना मिली थी। कांग्रेस जन आंदोलन पार्टी (सीजेपी) के हजारों समर्थक जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च कर रहे थे, जिसे पुलिस ने निषेधाज्ञा और बैरिकेड्स लगाकर रोका।
विरोध प्रदर्शन की पृष्ठभूमि
प्रदर्शनकारी नीट-यूजी पेपर लीक विवाद समेत परीक्षा प्रणाली में कथित गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। सुरक्षा कर्मियों द्वारा विरोध स्थल का मंच और टेंट हटाए जाने के बाद भी सीजेपी के आह्वान पर प्रदर्शनकारी मंगलवार को फिर उसी स्थान पर एकत्र हो गए।
सुरक्षा व्यवस्था
जंतर-मंतर पर दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) के जवानों की भारी तैनाती बनी रही। बुधवार सुबह तक विरोध प्रदर्शन जारी रहने की जानकारी मिली। गौरतलब है कि यह आंदोलन ऐसे समय में और तेज हुआ है जब नीट-यूजी परीक्षा विवाद राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है।
आगे की स्थिति
पुलिस ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे सही जानकारी और अपडेट के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें। सोशल मीडिया पर भ्रामक सामग्री की बाढ़ के बीच यह खंडन प्रशासन की ओर से सूचना नियंत्रण की एक अहम कोशिश मानी जा रही है। आने वाले दिनों में प्रदर्शन की दिशा और सरकार की प्रतिक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हैं।