21 जुलाई 2026
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जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक विरोध: 'चलो संसद' मार्च रोका, पुलिस ने लगाए बैरिकेड्स

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जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक विरोध: 'चलो संसद' मार्च रोका, पुलिस ने लगाए बैरिकेड्स

सारांश

NEET पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर एक महीने से जारी विरोध इस सोमवार अपने चरम पर पहुँचा — 'चलो संसद' मार्च, 5,000 पुलिसकर्मी, सिग्नल जैमर और बंद मेट्रो स्टेशन। सवाल यह है कि क्या सरकार अब भी चुप रहेगी?

मुख्य बातें

कॉक्रोच जनता पार्टी (CJP) के आह्वान पर 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में छात्र और युवा प्रदर्शनकारी जुटे।
प्रदर्शनकारियों ने कथित NEET पेपर लीक के विरोध में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग की।
दिल्ली पुलिस ने लगभग 5,000 जवान तैनात किए, बैरिकेड्स लगाए और दंगा-रोधी वाहन मौके पर भेजे।
पटेल चौक मेट्रो स्टेशन एहतियातन बंद किया गया; प्रदर्शन स्थल पर सिग्नल जैमर लगाए गए।
पुलिस ने लाठीचार्ज और हिरासत की खबरों को खारिज किया, कहा — प्रदर्शन 'पेशेवर तरीके से' संभाला जा रहा है।
जंतर-मंतर पर यह विरोध एक महीने से अधिक समय से जारी है।

नई दिल्ली में जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को कथित NEET पेपर लीक मामले को लेकर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुआ, जब कॉक्रोच जनता पार्टी (CJP) के आह्वान पर सैकड़ों छात्र और युवा प्रदर्शनकारी एकजुट हुए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग करते हुए 'चलो संसद' मार्च की कोशिश की। दिल्ली पुलिस ने भारी बल तैनात कर बैरिकेड्स लगाए और प्रदर्शनकारियों को संसद की दिशा में आगे बढ़ने से रोका, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

मुख्य घटनाक्रम

प्रदर्शनकारी पहले मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन के पास इकट्ठा हुए और फिर जंतर-मंतर की ओर बढ़े, रास्ते भर केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाते रहे। जैसे-जैसे भीड़ बढ़ती गई, प्रदर्शन और तेज होता गया। मौके की तस्वीरों में झंडे लिए और नारेबाजी करते सैकड़ों छात्र दिखाई दिए।

प्रदर्शनकारियों को केरल हाउस के पास रोक दिया गया जब वे जंतर-मंतर पर निर्धारित प्रदर्शन स्थल की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प के दौरान लाठीचार्ज की भी खबरें सामने आईं, हालाँकि दिल्ली पुलिस ने इससे इनकार किया।

सुरक्षा व्यवस्था

दिल्ली पुलिस के लगभग 5,000 जवान प्रदर्शन स्थल और आसपास के इलाकों में तैनात किए गए। सोमवार सुबह ही दंगा-रोधी वाहन मौके पर पहुँच गए थे। अधिकारियों ने नई दिल्ली जिले में कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की और दिल्ली-गाजीपुर बॉर्डर पर भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई।

एहतियात के तौर पर पटेल चौक मेट्रो स्टेशन को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। पुलिस ने प्रदर्शन स्थल के पास सिग्नल जैमर भी लगाए, जिससे कुछ प्रदर्शनकारियों के मोबाइल फोन की कनेक्टिविटी प्रभावित होने की शिकायतें मिलीं।

पुलिस की प्रतिक्रिया

दिल्ली पुलिस ने आधिकारिक बयान में कहा कि मीडिया के कुछ हिस्सों में हिंसा और हिरासत की जो खबरें आई हैं, वे सही नहीं हैं। पुलिस के अनुसार, 'विरोध-प्रदर्शन को पेशेवर तरीके से संभाला जा रहा है' और सभी से अफवाहों पर ध्यान न देने तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने का अनुरोध किया गया।

विरोध की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि जंतर-मंतर पर यह विरोध प्रदर्शन एक महीने से अधिक समय से जारी है। प्रदर्शनकारियों की मुख्य माँग कथित NEET पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार परीक्षा तंत्र में जवाबदेही सुनिश्चित करने में विफल रही है।

यह ऐसे समय में आया है जब NEET विवाद पहले से ही राष्ट्रीय स्तर पर बहस का केंद्र बना हुआ है और विपक्षी दलों ने संसद में भी इस मुद्दे को उठाने की माँग की है। आने वाले दिनों में प्रदर्शन की दिशा और सरकार की प्रतिक्रिया पर सबकी नज़रें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 पुलिसकर्मियों की तैनाती और सिग्नल जैमर का इस्तेमाल यह सवाल उठाता है कि क्या प्रशासन संवाद की जगह दमन को प्राथमिकता दे रहा है। शिक्षा मंत्री की चुप्पी और सरकार की ओर से किसी ठोस जवाब का अभाव आग में घी का काम कर रहा है। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक रही है वह यह है कि यह आंदोलन छात्रों की उस पीढ़ी की आवाज़ है जिसने परीक्षा प्रणाली पर भरोसा खो दिया है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जंतर-मंतर पर NEET विरोध प्रदर्शन क्यों हो रहा है?
कथित NEET पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता की माँग को लेकर यह प्रदर्शन एक महीने से अधिक समय से जंतर-मंतर पर जारी है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार परीक्षा तंत्र में जवाबदेही सुनिश्चित करने में विफल रही है।
'चलो संसद' मार्च क्या था और इसे क्यों रोका गया?
20 जुलाई को कॉक्रोच जनता पार्टी (CJP) के आह्वान पर प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर से संसद तक मार्च निकालने की योजना बनाई थी। दिल्ली पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग, लगभग 5,000 जवानों की तैनाती और प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित कर इस मार्च को रोक दिया।
दिल्ली पुलिस ने लाठीचार्ज की खबरों पर क्या कहा?
दिल्ली पुलिस ने आधिकारिक बयान में हिंसा और हिरासत की खबरों को गलत बताया और कहा कि विरोध प्रदर्शन को पेशेवर तरीके से संभाला जा रहा है। पुलिस ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने का अनुरोध किया।
पटेल चौक मेट्रो स्टेशन क्यों बंद किया गया?
जंतर-मंतर के निकट स्थित पटेल चौक मेट्रो स्टेशन को एहतियात के तौर पर बंद किया गया, ताकि प्रदर्शनकारियों की भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और किसी अनहोनी से बचा जा सके। प्रदर्शन स्थल पर सिग्नल जैमर भी लगाए गए जिससे मोबाइल कनेक्टिविटी प्रभावित हुई।
NEET पेपर लीक विवाद में धर्मेंद्र प्रधान की क्या भूमिका बताई जा रही है?
प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को कथित NEET पेपर लीक के लिए जिम्मेदार मानते हैं और उनके इस्तीफे की माँग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि मंत्रालय परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और दोषियों को जवाबदेह ठहराने में विफल रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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