21 जुलाई 2026
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दिल्ली मेट्रो: राजीव चौक और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट स्टेशनों के गेट खुले, 'चलो संसद' मार्च के बाद सामान्य हुई सेवा

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दिल्ली मेट्रो: राजीव चौक और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट स्टेशनों के गेट खुले, 'चलो संसद' मार्च के बाद सामान्य हुई सेवा

सारांश

'चलो संसद' मार्च के चलते दिल्ली मेट्रो के पाँच प्रमुख स्टेशन बंद हुए, लाठीचार्ज हुआ और AISA की भूख हड़ताल टूटी — लेकिन राजीव चौक और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट के गेट अब पुनः खुल गए हैं।

मुख्य बातें

दिल्ली मेट्रो ने राजीव चौक और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट स्टेशनों के इंटरचेंज गेट पुनः खोले।
सुरक्षा कारणों से पहले जनपथ, राजीव चौक, पटेल चौक, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट और सेवा तीर्थ स्टेशन बंद किए गए थे।
मंडी हाउस से जंतर-मंतर की ओर मार्च कर रहे छात्रों और युवा कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया।
AISA के तीन पदाधिकारियों की भूख हड़ताल शबाना आज़मी , मनोज झा और प्रकाश राज ने पानी पिलाकर समाप्त करवाई।
सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके ने मार्च को शांतिपूर्ण रखने की अपील की और सोनम वांगचुक के बलिदान का उल्लेख किया।

दिल्ली मेट्रो ने 20 जुलाई को जानकारी दी कि राजीव चौक और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट मेट्रो स्टेशनों पर इंटरचेंज सुविधाएं और गेट पुनः खोल दिए गए हैं। यह कदम कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के जंतर-मंतर से संसद तक 'चलो संसद' मार्च के मद्देनज़र पहले बंद किए गए स्टेशनों के बाद उठाया गया।

मेट्रो स्टेशन बंद और पुनः खुलने का क्रम

सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए दिल्ली मेट्रो ने पहले जनपथ, राजीव चौक, पटेल चौक, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट और सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशनों को अगले आदेश तक बंद करने की घोषणा अपनी सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए की थी। बाद में स्थिति सामान्य होने पर राजीव चौक और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट स्टेशनों की सेवाएं बहाल कर दी गईं।

प्रदर्शन का घटनाक्रम

मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन से जंतर-मंतर की ओर मार्च करते सैकड़ों छात्रों और युवा कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के विरुद्ध नारेबाज़ी की। इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया, बैरिकेड्स लगाए गए और वॉटर कैनन भी तैयार रखे गए।

भूख हड़ताल और著名 हस्तियों की उपस्थिति

जंतर-मंतर पर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के तीन पदाधिकारियों की भूख हड़ताल समाप्त करवाई गई। अभिनेत्री शबाना आज़मी, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राज्यसभा सांसद मनोज झा और अभिनेता प्रकाश राज ने उन्हें पानी पिलाकर अनशन तुड़वाया।

सीजेपी संस्थापक का बयान

सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा, 'हमारी तरफ से कोई भी गलत काम नहीं करेगा। यह हमारी जिम्मेदारी है कि यह विरोध प्रदर्शन और मार्च शांतिपूर्ण रहे। हम यहां एक महीने से बैठे हैं। सोनम वांगचुक ने इस विरोध प्रदर्शन के लिए अपनी जान दांव पर लगा दी है। हम इस विरोध प्रदर्शन को बदनाम नहीं होने दे सकते।'

आगे की स्थिति

प्रशासन की नज़र 'चलो संसद' मार्च की आगे की गतिविधियों पर बनी हुई है। दिल्ली पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त बल तैनात हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो सरकार और आंदोलनकारियों के बयानों के बीच की खाई को उजागर करता है। AISA की भूख हड़ताल में著名 हस्तियों की उपस्थिति आंदोलन को व्यापक सामाजिक समर्थन दिखाती है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या 'चलो संसद' मार्च नीतिगत बदलाव ला पाएगा या महज़ एक और प्रतीकात्मक प्रदर्शन बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजीव चौक और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट मेट्रो स्टेशन क्यों बंद किए गए थे?
सुरक्षा कारणों से, सीजेपी के 'चलो संसद' मार्च के मद्देनज़र दिल्ली मेट्रो ने जनपथ, राजीव चौक, पटेल चौक, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट और सेवा तीर्थ स्टेशनों को अगले आदेश तक बंद किया था। बाद में स्थिति सामान्य होने पर राजीव चौक और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट के गेट और इंटरचेंज सुविधाएं बहाल कर दी गईं।
'चलो संसद' मार्च क्या है और इसे किसने आयोजित किया?
'चलो संसद' मार्च कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा आयोजित किया गया, जो जंतर-मंतर से संसद तक निकाला गया। इसमें छात्र और युवा कार्यकर्ता शामिल हुए जिन्होंने केंद्र सरकार के विरुद्ध नारेबाज़ी की।
AISA की भूख हड़ताल किसने और कैसे समाप्त करवाई?
जंतर-मंतर पर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के तीन पदाधिकारियों की भूख हड़ताल अभिनेत्री शबाना आज़मी, RJD के राज्यसभा सांसद मनोज झा और अभिनेता प्रकाश राज ने पानी पिलाकर समाप्त करवाई।
प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
मंडी हाउस से जंतर-मंतर की ओर मार्च कर रहे सैकड़ों छात्रों और युवा कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इलाके में भारी पुलिस बल, बैरिकेड्स और वॉटर कैनन तैनात किए गए।
सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके ने मार्च के बारे में क्या कहा?
सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा कि उनकी तरफ से कोई गलत काम नहीं होगा और यह विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहेगा। उन्होंने सोनम वांगचुक के बलिदान का उल्लेख करते हुए आंदोलन को बदनाम न होने देने की प्रतिबद्धता जताई।
राष्ट्र प्रेस
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