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जंतर-मंतर आंदोलन खत्म: दिल्ली मेट्रो के 18 बंद स्टेशनों पर सेवाएं बहाल, सरकार ने मांगें मानीं

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जंतर-मंतर आंदोलन खत्म: दिल्ली मेट्रो के 18 बंद स्टेशनों पर सेवाएं बहाल, सरकार ने मांगें मानीं

सारांश

नीट पेपर लीक को लेकर जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के खत्म होते ही DMRC ने मध्य दिल्ली के 18 बंद मेट्रो स्टेशनों के गेट खोल दिए। सरकार ने FIR वापसी, लिखित पुष्टि और मृत छात्रों के परिवारों को मुआवजे की मांगें मान लीं।

मुख्य बातें

DMRC ने 25 जुलाई 2026 शनिवार शाम दिल्ली मेट्रो नेटवर्क के सभी स्टेशनों के एंट्री-एग्जिट गेट पुनः खोले।
नीट पेपर लीक प्रदर्शन के चलते मध्य दिल्ली के 18 मेट्रो स्टेशनों पर सेवाएं अनिश्चितकाल के लिए निलंबित की गई थीं।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने घोषणा की कि सरकार प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ सभी FIR वापस लेगी और लिखित पुष्टि देगी।
कथित पेपर लीक विवाद में जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को अधिकतम संभव मुआवजा देने की प्रतिबद्धता जताई गई।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्र सरकार के साथ तीसरे दौर की वार्ता के बाद आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की।

दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने 25 जुलाई 2026, शनिवार शाम, जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के समाप्त होते ही दिल्ली मेट्रो नेटवर्क के सभी स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार पुनः खोल दिए। इससे पहले नीट पेपर लीक विवाद को लेकर हो रहे प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर मध्य दिल्ली के 18 मेट्रो स्टेशनों पर सेवाएं अनिश्चितकाल के लिए निलंबित कर दी गई थीं।

कौन-से स्टेशन थे बंद

DMRC की आधिकारिक एडवाइजरी के अनुसार लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंभा रोड, सुप्रीम कोर्ट, सेवा तीर्थ, जनपथ, मंडी हाउस, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, आईटीओ, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग, शिवाजी स्टेडियम, झंडेवालान और नई दिल्ली मेट्रो स्टेशनों के एंट्री-एग्जिट गेट बंद किए गए थे। ये सभी स्टेशन जंतर-मंतर और आसपास के संवेदनशील सरकारी क्षेत्रों के निकट स्थित हैं।

DMRC ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर जानकारी दी: 'दिल्ली मेट्रो नेटवर्क के सभी मेट्रो स्टेशनों के एंट्री गेट अब खोल दिए गए हैं।' इससे पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट स्टेशनों पर सेवाएं आंशिक रूप से बहाल की गई थीं।

सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच समझौता

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शनिवार को केंद्र सरकार के साथ तीसरे दौर की वार्ता के बाद जंतर-मंतर पर अपना धरना समाप्त करने की घोषणा की। नई दिल्ली में आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और CJP प्रतिनिधि सौरव दास एवं आशुतोष रांका उपस्थित रहे।

नड्डा ने बताया कि सरकार ने तीन प्रमुख मांगें स्वीकार की हैं — प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी पुलिस मामले और FIR वापस लेना, इसकी लिखित पुष्टि देना, तथा कथित पेपर लीक विवाद से जुड़े घटनाक्रम में जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को अधिकतम संभव मुआवजा देना।

CJP का आंदोलन वापसी का ऐलान

CJP नेता सौरव दास ने कहा कि सरकार ने सभी मांगें मान ली हैं, इसलिए अब जंतर-मंतर पर धरना जारी रखने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने छात्रों से अपना प्रदर्शन समाप्त कर घर लौटने की अपील की। गौरतलब है कि यह आंदोलन नीट पेपर लीक के आरोपों को लेकर शुरू हुआ था, जिसने देशभर में छात्रों में आक्रोश पैदा किया था।

आम यात्रियों पर असर

शनिवार सुबह से मध्य दिल्ली के 18 स्टेशनों पर सेवाएं बंद रहने से लाखों यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा। कार्यालय जाने वाले, पर्यटक और आम नागरिक — सभी को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ा। शाम को सेवाएं बहाल होने के बाद स्टेशनों पर सामान्य भीड़ देखी गई।

यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली मेट्रो प्रतिदिन औसतन 60 लाख से अधिक यात्रियों को सेवा देती है और किसी भी बड़े स्टेशन पर बंदी का असर तुरंत पूरे नेटवर्क पर महसूस होता है। आगे की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि सरकार द्वारा की गई प्रतिबद्धताएं कितनी जल्दी और पारदर्शी तरीके से पूरी की जाती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा इन प्रतिबद्धताओं के क्रियान्वयन में है — खासकर तब जब पिछले कई छात्र आंदोलनों में मौखिक आश्वासन कागज़ पर उतरने से पहले ही ठंडे पड़ गए। नीट पेपर लीक विवाद ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गहरे सवाल खड़े किए हैं, जिनका जवाब केवल FIR वापसी से नहीं मिलेगा। दिल्ली मेट्रो का 18 स्टेशन बंद करना सुरक्षा की दृष्टि से समझ में आता है, किंतु इससे लाखों आम यात्रियों पर पड़ने वाला बोझ यह भी दर्शाता है कि राजधानी में विरोध-प्रदर्शनों का प्रबंधन अभी भी प्रतिक्रियात्मक है, न कि सुनियोजित।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली मेट्रो के स्टेशन क्यों बंद किए गए थे?
नीट पेपर लीक विवाद को लेकर जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर DMRC ने 25 जुलाई 2026 को मध्य दिल्ली के 18 मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास सेवाएं अनिश्चितकाल के लिए निलंबित कर दी थीं। इनमें राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट जैसे प्रमुख स्टेशन शामिल थे।
दिल्ली मेट्रो सेवाएं कब बहाल हुईं?
25 जुलाई 2026 की शाम जंतर-मंतर पर CJP का आंदोलन समाप्त होने के बाद DMRC ने सभी 18 बंद स्टेशनों के एंट्री-एग्जिट गेट पुनः खोल दिए। DMRC ने एक्स पर पोस्ट कर इसकी आधिकारिक पुष्टि की।
सरकार ने प्रदर्शनकारी छात्रों की कौन-सी मांगें मानी हैं?
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने बताया कि सरकार ने तीन प्रमुख मांगें स्वीकार कीं — प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी FIR वापस लेना, इसकी लिखित पुष्टि देना और कथित पेपर लीक विवाद में जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को अधिकतम संभव मुआवजा देना।
CJP ने आंदोलन वापस क्यों लिया?
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्र सरकार के साथ तीसरे दौर की वार्ता के बाद आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया। CJP नेता सौरव दास ने कहा कि सरकार ने सभी प्रमुख मांगें मान ली हैं, इसलिए धरना जारी रखने का कोई औचित्य नहीं रहा।
नीट पेपर लीक विवाद क्या है?
नीट (NEET) परीक्षा में कथित पेपर लीक के आरोपों ने देशभर में छात्रों में आक्रोश पैदा किया, जिसके चलते जंतर-मंतर पर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए। इस विवाद में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी इस्तीफा दिया और सरकार पर परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने का दबाव बना।
राष्ट्र प्रेस
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