25 जुलाई 2026
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NEET विरोध के बीच दिल्ली मेट्रो: राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट स्टेशनों के गेट फिर खुले

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NEET विरोध के बीच दिल्ली मेट्रो: राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट स्टेशनों के गेट फिर खुले

सारांश

NEET पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के बीच DMRC ने 18 केंद्रीय दिल्ली स्टेशनों पर सेवाएं निलंबित कीं — बाद में राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट के गेट फिर खोले गए। इसी दिन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने जवाबदेही स्वीकार करते हुए इस्तीफा दे दिया।

मुख्य बातें

DMRC ने 25 जुलाई को राजीव चौक , मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश द्वार फिर से खोले।
NEET पेपर लीक विरोध और बढ़ाई गई सुरक्षा के चलते मध्य दिल्ली के 18 मेट्रो स्टेशनों पर सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित की गई थीं।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने परीक्षा अनियमितताओं की जवाबदेही लेते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस्तीफा सौंपा।
प्रधान ने कहा कि वे नहीं चाहते कि राष्ट्रविरोधी तत्व इस स्थिति का फायदा उठाएँ और छात्रों का भविष्य कानूनी उलझनों में फँसे।
शेष निलंबित स्टेशनों पर DMRC की ओर से अलग अपडेट की प्रतीक्षा है।

दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने 25 जुलाई 2026 को घोषणा की कि राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश द्वार फिर से यात्रियों के लिए खोल दिए गए हैं। ये गेट जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे छात्र प्रदर्शन और बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था के कारण अस्थायी रूप से बंद किए गए थे।

मुख्य घटनाक्रम

DMRC ने शनिवार को अपने आधिकारिक अपडेट में कहा, 'राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट मेट्रो स्टेशनों के एंट्री गेट अब खोल दिए गए हैं।' इससे पहले, उसी दिन DMRC ने मध्य दिल्ली के 18 मेट्रो स्टेशनों पर अगले आदेश तक प्रवेश और निकास सेवाएं निलंबित करने की घोषणा की थी।

निलंबित स्टेशनों की सूची में लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंभा रोड, सुप्रीम कोर्ट, सेवा तीर्थ, जनपथ, मंडी हाउस, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, आईटीओ, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग, शिवाजी स्टेडियम, झंडेवालान और नई दिल्ली स्टेशन शामिल थे।

NEET विरोध और सुरक्षा का संदर्भ

यह निर्णय ऐसे समय में आया जब जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं के विरुद्ध छात्रों का आंदोलन तेज़ हो रहा था। केंद्रीय दिल्ली में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों की मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने DMRC से प्रमुख स्टेशनों पर भीड़ नियंत्रण के लिए समन्वय करने को कहा था। गौरतलब है कि इस तरह के अस्थायी निलंबन पहले भी बड़े प्रदर्शनों और वीआईपी आवाजाही के दौरान लागू किए जाते रहे हैं।

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा

इसी पृष्ठभूमि में, केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि पिछले 10 दिनों की घटनाओं से उन्हें गहरा दुख पहुँचा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंपते हुए कहा कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने और छात्रों के भविष्य की रक्षा के लिए उन्होंने जवाबदेही स्वीकार करते हुए यह फैसला लिया।

प्रधान ने राष्ट्र के नाम संदेश में कहा, 'मुझे हमारे लोकतंत्र की ताकत पर हमेशा अटूट विश्वास रहा है और युवाओं की आकांक्षाओं, सपनों और उम्मीदों का मैं गहरा सम्मान करता हूँ। वे केवल भारत का भविष्य नहीं, बल्कि विकसित भारत के निर्माता हैं। पिछले दस दिनों की घटनाओं से मैं बेहद आहत हूँ। यह मेरे व्यक्तिगत सम्मान का विषय नहीं है।'

उन्होंने यह भी कहा, 'जंतर-मंतर और देशभर की मौजूदा स्थिति को देखते हुए, ताकि राष्ट्रविरोधी ताकतें इसका लाभ न उठा सकें, राष्ट्रीय एकता बनी रहे, किसी भी छात्र का भविष्य कानूनी उलझनों में न फँसे और हमारे बच्चे पढ़ाई व अपने करियर पर ध्यान केंद्रित कर सकें, मैंने प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।'

आम यात्रियों पर असर

18 स्टेशनों के एक साथ बंद होने से शनिवार को मध्य दिल्ली में मेट्रो यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। वैकल्पिक मार्गों पर भीड़ बढ़ गई और सड़क यातायात पर भी दबाव देखा गया। राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट के गेट खुलने से आंशिक राहत मिली है, हालाँकि शेष स्टेशनों की स्थिति के बारे में DMRC की ओर से अलग से अपडेट आने की प्रतीक्षा है।

क्या होगा आगे

NEET पेपर लीक मामले में विरोध प्रदर्शन जारी रहने की स्थिति में केंद्रीय दिल्ली के अन्य मेट्रो स्टेशनों पर प्रतिबंध बने रह सकते हैं। DMRC के अनुसार स्थिति की लगातार समीक्षा की जा रही है और सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय के आधार पर आगे के निर्णय लिए जाएँगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि NEET प्रणाली की खामियाँ कब और कैसे दूर होंगी। मंत्री के जाने से छात्रों की माँगें पूरी नहीं होतीं — परीक्षा सुधार का ठोस रोडमैप अभी सामने नहीं आया है। मेट्रो बंदी जैसे कदम यह भी बताते हैं कि प्रशासन विरोध को संवाद से नहीं, नियंत्रण से संभालने की कोशिश कर रहा है।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

DMRC ने दिल्ली मेट्रो स्टेशन क्यों बंद किए थे?
NEET पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र प्रदर्शन और बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था के कारण DMRC ने मध्य दिल्ली के 18 मेट्रो स्टेशनों पर अस्थायी रूप से प्रवेश और निकास सेवाएं निलंबित कर दी थीं। यह निर्णय सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय के बाद लिया गया।
कौन से मेट्रो स्टेशनों के गेट अब खुल गए हैं?
राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश द्वार 25 जुलाई को फिर से खोल दिए गए हैं। शेष 15 स्टेशनों की स्थिति के बारे में DMRC की ओर से अलग अपडेट जारी होने की प्रतीक्षा है।
धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा क्यों दिया?
धर्मेंद्र प्रधान ने परीक्षा अनियमितताओं और NEET पेपर लीक को लेकर उपजी स्थिति की जवाबदेही स्वीकार करते हुए इस्तीफा दिया। उन्होंने कहा कि वे नहीं चाहते कि इस स्थिति का राष्ट्रविरोधी तत्व फायदा उठाएँ या किसी छात्र का भविष्य कानूनी उलझनों में फँसे।
NEET पेपर लीक विरोध का दिल्ली मेट्रो यात्रियों पर क्या असर पड़ा?
18 केंद्रीय दिल्ली स्टेशनों के एक साथ बंद होने से शनिवार को यात्रियों को भारी असुविधा हुई, वैकल्पिक मार्गों पर भीड़ बढ़ी और सड़क यातायात पर अतिरिक्त दबाव पड़ा। तीन स्टेशनों के दोबारा खुलने से आंशिक राहत मिली है।
DMRC ने पहले भी इस तरह स्टेशन बंद किए हैं?
हाँ, बड़े प्रदर्शनों, वीआईपी आवाजाही या सुरक्षा अलर्ट के दौरान DMRC समय-समय पर प्रमुख स्टेशनों पर अस्थायी प्रतिबंध लगाता रहा है। यह प्रचलित प्रोटोकॉल का हिस्सा है और सुरक्षा एजेंसियों के निर्देश पर लागू किया जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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