सीजेपी प्रदर्शन में हिंसा: स्पेशल कमिश्नर समेत 118 पुलिसकर्मी घायल, 70 प्रदर्शनकारी हिरासत में
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में 20 जुलाई 2026 (सोमवार) को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के दौरान बड़े पैमाने पर हिंसा भड़क उठी, जिसमें स्पेशल कमिश्नर ऑफ पुलिस सहित 118 से अधिक पुलिस अधिकारी और जवान घायल हो गए। दिल्ली पुलिस के अनुसार, करीब 70 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है और उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की जा रही है।
मुख्य घटनाक्रम
दिल्ली पुलिस ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान बार-बार चेतावनी और कानूनी निर्देश दिए गए, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने स्थान खाली करने से इनकार कर दिया और लागू निषेधाज्ञा का जानबूझकर उल्लंघन किया। पुलिस के मुताबिक, भीड़ ने पुलिसकर्मियों पर पथराव किया और अन्य वस्तुओं से हमला किया।
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की और 15 से 20 सरकारी वाहनों समेत अन्य सरकारी संपत्तियों में तोड़फोड़ की। सार्वजनिक संपत्ति को भी भारी नुकसान पहुँचाया गया। पुलिस के अनुसार इस हिंसा से राजधानी में कानून-व्यवस्था और ड्यूटी पर तैनात जवानों की सुरक्षा को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया।
घायलों का विवरण
घायल पुलिसकर्मियों में स्पेशल कमिश्नर ऑफ पुलिस, जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस, एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस, डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस, एडिशनल डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस और असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस रैंक के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। कई महिला पुलिसकर्मी भी इस हिंसा में घायल हुई हैं। सभी घायल पुलिसकर्मियों का मेडिकल-लीगल परीक्षण (एमएलसी) कराया जा रहा है।
झड़प के दौरान प्रदर्शनकारियों की ओर से भी करीब 60 लोगों के घायल होने की सूचना है।
कानूनी कार्रवाई
हिरासत में लिए गए करीब 70 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दंगा, सरकारी कर्मचारियों पर हमला, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने और अन्य अपराधों के आरोप में बीएनएस तथा संबंधित कानूनों की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की जा रही है। यह कार्रवाई अभी जारी है और आरोपियों की संख्या बढ़ने की संभावना है।
पुलिस की प्रतिक्रिया
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वह राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पुलिस ने कहा कि हिंसा और गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल पाए जाने वाले सभी व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आगे क्या
मामले की जाँच जारी है और पुलिस अतिरिक्त गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं कर रही। घायल अधिकारियों की स्थिति की निगरानी की जा रही है। यह घटना राजधानी में विरोध-प्रदर्शनों के दौरान कानून-व्यवस्था की चुनौतियों पर एक बार फिर सवाल खड़े करती है।