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सीजेपी मार्च हिंसा: दिल्ली पुलिस ने दर्ज कीं 10 एफआईआर, 250 से अधिक वीडियो की जांच जारी

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सीजेपी मार्च हिंसा: दिल्ली पुलिस ने दर्ज कीं 10 एफआईआर, 250 से अधिक वीडियो की जांच जारी

सारांश

सीजेपी के संसद मार्च के दौरान भड़की हिंसा के बाद दिल्ली पुलिस ने 5 अलग-अलग थानों में 10 एफआईआर दर्ज की हैं। आरएएफ जवान पर हमले और हाई-सिक्योरिटी जोन में अवैध ड्रोन उड़ान के मामले भी इनमें शामिल हैं। 250 से अधिक वीडियो की जांच के बाद गिरफ्तारियाँ संभव हैं।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस ने सीजेपी संसद मार्च हिंसा में अब तक 10 एफआईआर दर्ज की हैं।
संसद मार्ग थाने में 4 और सीपी थाने में 3 एफआईआर दर्ज; मंदिर मार्ग, बाराखंभा रोड और कर्तव्य पथ में एक-एक।
एक एफआईआर संसद सत्र के दौरान हाई-सिक्योरिटी जोन में बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने से जुड़ी है।
वायरल वीडियो में आरएएफ जवान पर हमले और उनकी गाड़ी पर पथराव की घटना दर्ज; इस पर भी एफआईआर दर्ज।
संदिग्धों की पहचान के लिए 250 से अधिक वीडियो — सीसीटीवी, ड्रोन, बॉडी-कैम फुटेज — की जांच जारी।
प्रदर्शन में दर्जनों पुलिसकर्मी घायल ; प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स गिराए और सुरक्षाकर्मियों से झड़प की।

नई दिल्ली में 22 जुलाई को 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) के संसद मार्च के दौरान भड़की हिंसा के मामले में दिल्ली पुलिस ने अब तक 10 एफआईआर दर्ज की हैं। पुलिस के अनुसार, ये मामले प्रदर्शन के दौरान हुई अलग-अलग घटनाओं और कानून-व्यवस्था के उल्लंघन से संबंधित हैं, और जांच सक्रिय रूप से जारी है।

किन थानों में दर्ज हुईं एफआईआर

पुलिस के अनुसार, सर्वाधिक 4 एफआईआर संसद मार्ग थाने में दर्ज की गई हैं, जबकि सीपी थाने में 3 एफआईआर दर्ज हुई हैं। इसके अतिरिक्त, मंदिर मार्ग, बाराखंभा रोड और कर्तव्य पथ थानों में एक-एक एफआईआर दर्ज की गई है। इनमें से एक मामला नई दिल्ली के हाई-सिक्योरिटी जोन में संसद सत्र के दौरान बिना अनुमति के ड्रोन उड़ाने से जुड़ा है।

आरएएफ जवान पर हमला, वायरल वीडियो से सुराग

पुलिस ने बताया कि वायरल हुए वीडियो में कुछ लोग एक आरएएफ (रैपिड एक्शन फोर्स) जवान को पीटते और उनकी गाड़ी पर पथराव व तोड़फोड़ करते दिखे। इस घटना के संबंध में भी एक अलग एफआईआर दर्ज की गई है। फिलहाल सभी एफआईआर अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध दर्ज हैं।

250 से अधिक वीडियो की जांच

उपद्रवियों की पहचान के लिए जांच टीमें 250 से अधिक वीडियो क्लिप खंगाल रही हैं। इनमें मोबाइल फोन रिकॉर्डिंग, सीसीटीवी फुटेज, ड्रोन कैमरे के विजुअल और पुलिस के बॉडी-वर्न कैमरों की फुटेज शामिल हैं। यह तकनीकी निगरानी-आधारित जांच का संकेत है जो आगे गिरफ्तारियों की नींव रख सकती है।

प्रदर्शन की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि सोमवार को हजारों प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च किया था। यह प्रदर्शन पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के साथ किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स गिरा दिए और सुरक्षाकर्मियों के साथ उनकी झड़प हुई, जिसमें दर्जनों पुलिसकर्मी घायल हुए और कई प्रदर्शनकारियों को भी चोटें आईं।

आगे क्या होगा

जांच टीमें वीडियो फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान में जुटी हैं और आने वाले दिनों में गिरफ्तारियाँ संभव हैं। यह मामला राजधानी की सुरक्षा-व्यवस्था और संसद के आसपास प्रदर्शन की सीमाओं पर नई बहस छेड़ सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि लक्षित गिरफ्तारियों की तैयारी में है। लेकिन सवाल यह भी है कि पेपर लीक जैसे वैध मुद्दे पर उठी आवाज़ को हिंसा की आड़ में दबाने का जोखिम तो नहीं है। हाई-सिक्योरिटी जोन में ड्रोन उड़ाने का मामला गंभीर है और इसकी अलग जांच ज़रूरी है। आलोचकों का कहना है कि जब तक शिक्षा मंत्रालय पेपर लीक पर जवाब नहीं देता, तब तक विरोध की जड़ें बनी रहेंगी।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीजेपी संसद मार्च हिंसा में दिल्ली पुलिस ने कितनी एफआईआर दर्ज की हैं?
दिल्ली पुलिस ने अब तक 10 एफआईआर दर्ज की हैं, जो 5 अलग-अलग थानों — संसद मार्ग, सीपी, मंदिर मार्ग, बाराखंभा रोड और कर्तव्य पथ — में दर्ज हैं। सभी एफआईआर फिलहाल अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध हैं और जांच जारी है।
सीजेपी का संसद मार्च किस मुद्दे को लेकर था?
यह मार्च पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ियों के विरोध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर निकाला गया था। हजारों प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़े, जिसके दौरान हिंसक झड़प हुई।
ड्रोन से जुड़ी एफआईआर क्यों दर्ज की गई?
संसद सत्र के दौरान नई दिल्ली के हाई-सिक्योरिटी जोन में बिना अनुमति ड्रोन उड़ाया गया, जो सुरक्षा नियमों का गंभीर उल्लंघन है। इस मामले में एक अलग एफआईआर दर्ज की गई है।
पुलिस उपद्रवियों की पहचान कैसे कर रही है?
जांच टीमें 250 से अधिक वीडियो क्लिप की जांच कर रही हैं, जिनमें सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल रिकॉर्डिंग, ड्रोन कैमरे के विजुअल और पुलिस के बॉडी-वर्न कैमरों की फुटेज शामिल हैं। इस तकनीकी साक्ष्य के आधार पर जल्द गिरफ्तारियाँ संभव हैं।
इस हिंसक प्रदर्शन में कितने लोग घायल हुए?
प्रदर्शन के दौरान दर्जनों पुलिसकर्मी घायल हुए, जिनमें एक आरएएफ जवान पर हमले का वायरल वीडियो भी सामने आया। कई प्रदर्शनकारियों को भी चोटें आईं।
राष्ट्र प्रेस
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