सीजेपी मार्च हिंसा: दिल्ली पुलिस ने दर्ज कीं 10 एफआईआर, 250 से अधिक वीडियो की जांच जारी
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में 22 जुलाई को 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) के संसद मार्च के दौरान भड़की हिंसा के मामले में दिल्ली पुलिस ने अब तक 10 एफआईआर दर्ज की हैं। पुलिस के अनुसार, ये मामले प्रदर्शन के दौरान हुई अलग-अलग घटनाओं और कानून-व्यवस्था के उल्लंघन से संबंधित हैं, और जांच सक्रिय रूप से जारी है।
किन थानों में दर्ज हुईं एफआईआर
पुलिस के अनुसार, सर्वाधिक 4 एफआईआर संसद मार्ग थाने में दर्ज की गई हैं, जबकि सीपी थाने में 3 एफआईआर दर्ज हुई हैं। इसके अतिरिक्त, मंदिर मार्ग, बाराखंभा रोड और कर्तव्य पथ थानों में एक-एक एफआईआर दर्ज की गई है। इनमें से एक मामला नई दिल्ली के हाई-सिक्योरिटी जोन में संसद सत्र के दौरान बिना अनुमति के ड्रोन उड़ाने से जुड़ा है।
आरएएफ जवान पर हमला, वायरल वीडियो से सुराग
पुलिस ने बताया कि वायरल हुए वीडियो में कुछ लोग एक आरएएफ (रैपिड एक्शन फोर्स) जवान को पीटते और उनकी गाड़ी पर पथराव व तोड़फोड़ करते दिखे। इस घटना के संबंध में भी एक अलग एफआईआर दर्ज की गई है। फिलहाल सभी एफआईआर अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध दर्ज हैं।
250 से अधिक वीडियो की जांच
उपद्रवियों की पहचान के लिए जांच टीमें 250 से अधिक वीडियो क्लिप खंगाल रही हैं। इनमें मोबाइल फोन रिकॉर्डिंग, सीसीटीवी फुटेज, ड्रोन कैमरे के विजुअल और पुलिस के बॉडी-वर्न कैमरों की फुटेज शामिल हैं। यह तकनीकी निगरानी-आधारित जांच का संकेत है जो आगे गिरफ्तारियों की नींव रख सकती है।
प्रदर्शन की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि सोमवार को हजारों प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च किया था। यह प्रदर्शन पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के साथ किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स गिरा दिए और सुरक्षाकर्मियों के साथ उनकी झड़प हुई, जिसमें दर्जनों पुलिसकर्मी घायल हुए और कई प्रदर्शनकारियों को भी चोटें आईं।
आगे क्या होगा
जांच टीमें वीडियो फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान में जुटी हैं और आने वाले दिनों में गिरफ्तारियाँ संभव हैं। यह मामला राजधानी की सुरक्षा-व्यवस्था और संसद के आसपास प्रदर्शन की सीमाओं पर नई बहस छेड़ सकता है।