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क्या प्रदूषण पर प्रदर्शन ने बवाल बना दिया? 22 प्रदर्शनकारी नक्सलवाद और आतंकवाद के आरोप में गिरफ्तार

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क्या प्रदूषण पर प्रदर्शन ने बवाल बना दिया? 22 प्रदर्शनकारी नक्सलवाद और आतंकवाद के आरोप में गिरफ्तार

सारांश

दिल्ली के इंडिया गेट पर प्रदूषण के खिलाफ प्रदर्शन ने हंगामा पैदा कर दिया। पुलिस ने 22 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया। जानिए इस मामले की पूरी जानकारी और इसके पीछे की सच्चाई।

मुख्य बातें

प्रदर्शन प्रदूषण के मुद्दे पर था, लेकिन अन्य समस्याएं भी जुड़ गईं।
दिल्ली पुलिस ने 22 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने कई धाराओं में एफआईआर दर्ज की है।
प्रदर्शन के दौरान हिंसा की घटनाएं भी हुईं।
कोर्ट ने कुछ आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा।

नई दिल्ली, २५ नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली के इंडिया गेट पर प्रदूषण के मामले को लेकर आयोजित प्रदर्शन में ज़बरदस्त हंगामा हुआ। इसके चलते दिल्ली पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए अब तक २२ प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने कर्तव्यपथ और संसद मार्ग थानों में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं।

जानकारी के अनुसार, कर्तव्यपथ थाने ने छह पुरुष प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया, जबकि संसद मार्ग थाने की एफआईआर में १७ लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

कर्तव्यपथ थाने की एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता की कई धाराएँ शामिल की गई हैं, जैसे कि सार्वजनिक शांति भंग करना और सरकारी आदेशों का उल्लंघन। वहीं, संसद मार्ग थाने में दर्ज एफआईआर में सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी धाराएँ लगाई गई हैं।

पुलिस का कहना है कि यह प्रदर्शन केवल प्रदूषण के मुद्दे तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें नक्सलवाद और आतंकवाद के समर्थन में भी नारेबाजी की जा रही थी। जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को इंडिया गेट के पास से हटाने का प्रयास किया, तो वे सीधे संसद मार्ग थाने के बाहर इकट्ठा हो गए। वहां उन्होंने थाने का गेट और डीसीपी ऑफिस का रास्ता जाम कर दिया, जिससे किसी को भी अंदर या बाहर जाने में परेशानी हुई।

पुलिस का आरोप है कि जब उन्हें हटाने का प्रयास किया गया, तो कुछ प्रदर्शनकारी आक्रामक हो गए और उन्होंने पुलिसकर्मियों पर हमला किया। बाद में, जब पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया और पहचान पूछी, तो कई प्रदर्शनकारियों ने सही जानकारी नहीं दी।

गौरतलब है कि सोमवार को पटियाला हाउस कोर्ट में पुलिस ने छह आरोपियों को पेश किया, जहां कोर्ट ने पांच को दो दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह मामला केवल प्रदूषण के मुद्दे तक सीमित नहीं है। इसमें राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों का भी समावेश है। हमें यह समझने की आवश्यकता है कि प्रदूषण जैसे मुद्दे पर जनता की आवाज़ सुनना महत्वपूर्ण है, लेकिन किसी भी प्रकार की हिंसा या कानून-व्यवस्था का उल्लंघन स्वीकार्य नहीं है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रदर्शन क्यों हुआ था?
प्रदर्शन प्रदूषण के मुद्दे को लेकर आयोजित किया गया था, लेकिन इसमें नक्सलवाद और आतंकवाद के समर्थन में भी नारेबाजी हुई।
कितने प्रदर्शनकारी गिरफ्तार हुए?
कुल 22 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने किस प्रकार की कार्रवाई की?
पुलिस ने दो अलग-अलग थानों में एफआईआर दर्ज की और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
क्या प्रदर्शन में कोई हिंसा हुई?
हाँ, पुलिस ने बताया कि कुछ प्रदर्शनकारी आक्रामक हो गए और पुलिसकर्मियों पर हमला किया।
कोर्ट ने क्या निर्णय लिया?
कोर्ट ने पांच आरोपियों को दो दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा और एक को सेफ हाउस में रखने का आदेश दिया।
राष्ट्र प्रेस
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