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सीजेपी प्रदर्शन पर BJP विधायक संजय उपाध्याय का हमला: 'छात्र आंदोलन की आड़ में अराजकता की साजिश'

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सीजेपी प्रदर्शन पर BJP विधायक संजय उपाध्याय का हमला: 'छात्र आंदोलन की आड़ में अराजकता की साजिश'

सारांश

BJP विधायक संजय उपाध्याय ने सीजेपी प्रदर्शन को 'छात्र आंदोलन की आड़ में अराजकता की साजिश' बताया। उनके अनुसार, 100 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए और कांग्रेस ने परोक्ष रूप से इस आंदोलन को हवा दी। उन्होंने मोदी सरकार की हर चुनौती से निपटने की क्षमता पर भरोसा जताया।

मुख्य बातें

BJP विधायक संजय उपाध्याय ने 21 जुलाई को मुंबई में सीजेपी प्रदर्शन को राजनीतिक साजिश करार दिया।
उनके आरोप के अनुसार प्रदर्शन के दौरान 100 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए और वाहनों को नुकसान पहुँचाया गया।
उपाध्याय ने दावा किया कि कांग्रेस ने सार्वजनिक रूप से दूरी बनाते हुए परोक्ष रूप से आंदोलन का समर्थन किया।
सोनम वांगचुक को आगे कर मोदी सरकार को घेरने की कोशिश का आरोप लगाया गया।
उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन का अधिकार है, लेकिन हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

महाराष्ट्र के भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक संजय उपाध्याय ने 21 जुलाई को मुंबई में विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सीजेपी (CJP) के हालिया प्रदर्शन को छात्र आंदोलन का मुखौटा पहनाकर राजनीतिक अराजकता फैलाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि इन प्रदर्शनों में असामाजिक तत्वों ने घुसपैठ कर पुलिस पर हमला किया और कानून-व्यवस्था को चुनौती दी। उपाध्याय ने स्पष्ट किया कि सरकार और प्रशासन ऐसी हर चुनौती से निपटने में पूरी तरह सक्षम हैं।

प्रदर्शन में हिंसा के आरोप

उपाध्याय के अनुसार, सीजेपी के हालिया प्रदर्शन के दौरान 100 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए, पुलिस वाहनों को नुकसान पहुँचाया गया और कर्मियों पर सीधा हमला किया गया। उन्होंने कहा कि इस घटनाक्रम से साफ़ होता है कि आंदोलन में केवल छात्र नहीं, बल्कि ऐसे तत्व भी शामिल थे जो देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमज़ोर करना चाहते हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि देश की जनता ऐसे मामलों में उचित निर्णय करेगी।

मोदी नेतृत्व का बचाव

BJP विधायक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि वर्ष 2014 से जनता ने लगातार उन पर भरोसा जताया है। उनके अनुसार, मोदी ने जनकल्याण, गरीब कल्याण, राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक विकास जैसे सभी प्रमुख क्षेत्रों में प्रभावी कार्य किया है। उपाध्याय ने दावा किया कि जनता के अटूट विश्वास के कारण ही नरेंद्र मोदी लगातार तीन बार प्रधानमंत्री बने और निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सबसे लंबे समय तक सेवा देने का अनुभव प्राप्त कर चुके हैं।

विपक्ष पर निशाना

उपाध्याय ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल लगातार प्रधानमंत्री मोदी को सत्ता से हटाने के लिए अलग-अलग हथकंडे अपनाते रहे हैं, लेकिन जनता का विश्वास अब भी मोदी के साथ बना हुआ है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की विश्वसनीयता समाप्त हो चुकी है और अब सोनम वांगचुक जैसे नए चेहरों को आगे कर सरकार को घेरने की कोशिश की जा रही है। उनके अनुसार, जिन नेताओं पर जनता का भरोसा नहीं रहा, वे भविष्य में भी कोई प्रभाव नहीं छोड़ पाएंगे।

कांग्रेस की 'दोहरी नीति' पर सवाल

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उपाध्याय ने दावा किया कि पार्टी ने सार्वजनिक रूप से भले ही खुद को इस आंदोलन से अलग रखा, लेकिन परोक्ष रूप से उसका समर्थन किया। उन्होंने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) स्वयं भ्रम की स्थिति में है और उसके नेता जनता को क्या संदेश देना चाहते हैं, यह न तो देश समझ पा रहा है और न ही कांग्रेस के अपने नेता व कार्यकर्ता। उपाध्याय के अनुसार, कांग्रेस ने राहुल गांधी के नेतृत्व से जुड़े भविष्य के राजनीतिक लक्ष्यों को ध्यान में रखकर इस मुद्दे पर अपने सहयोगी दलों से भी अलग रुख अपनाया है। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी गठबंधन की एकजुटता पहले से ही सवालों के घेरे में है।

लोकतांत्रिक अधिकार और सरकार का रुख

उपाध्याय ने स्पष्ट किया कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है और हर नागरिक व संगठन को शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने का पूरा अधिकार है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि BJP ने भी विपक्ष में रहते हुए आंदोलन किए हैं। हालाँकि, उन्होंने यह रेखा भी खींची कि लोकतांत्रिक अधिकारों की आड़ में हिंसा और अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक तापमान और बढ़ने के आसार हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। यह भी गौरतलब है कि सत्तारूढ़ दल का विधायक जब विपक्षी आंदोलन को 'साजिश' बताता है, तो यह एक परिचित राजनीतिक पटकथा है जो असली शिकायतों को हाशिये पर धकेल सकती है। कांग्रेस पर 'दोहरी नीति' का आरोप तब तक अधूरा है जब तक कांग्रेस का अपना स्पष्ट बयान सामने न आए। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर सत्तारूढ़ दल के आरोपों और विपक्ष के जवाब को बराबर जगह नहीं देती — यही वह खाई है जो इस खबर को एकतरफा बनाती है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

BJP विधायक संजय उपाध्याय ने सीजेपी प्रदर्शन पर क्या आरोप लगाए?
उपाध्याय ने आरोप लगाया कि सीजेपी के प्रदर्शन में असामाजिक तत्वों ने घुसपैठ कर पुलिस पर हमला किया, वाहनों को नुकसान पहुँचाया और 100 से अधिक पुलिसकर्मियों को घायल किया। उनके अनुसार, छात्र आंदोलन की आड़ में अराजकता फैलाने की साजिश रची जा रही है।
सीजेपी (CJP) क्या है और यह प्रदर्शन किस मुद्दे पर था?
सीजेपी (Citizens for Justice and Peace) एक नागरिक अधिकार संगठन है। स्रोत में प्रदर्शन के विशिष्ट मुद्दे का उल्लेख नहीं है, लेकिन BJP विधायक ने इसे छात्र आंदोलन के नाम पर आयोजित राजनीतिक प्रदर्शन बताया है।
कांग्रेस का इस आंदोलन में क्या रोल बताया गया?
उपाध्याय के अनुसार, कांग्रेस ने सार्वजनिक रूप से खुद को इस आंदोलन से अलग रखा, लेकिन परोक्ष रूप से समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस राहुल गांधी के भविष्य के राजनीतिक लक्ष्यों को ध्यान में रखकर अपने सहयोगी दलों से भी अलग रुख अपना रही है।
सोनम वांगचुक का इस विवाद से क्या संबंध बताया गया?
उपाध्याय ने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों की घटती विश्वसनीयता के कारण सोनम वांगचुक को आगे कर मोदी सरकार को घेरने का प्रयास किया गया। हालाँकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि स्रोत में उपलब्ध नहीं है।
BJP का लोकतांत्रिक आंदोलन के अधिकार पर क्या रुख है?
उपाध्याय ने स्पष्ट किया कि भारत में हर नागरिक और संगठन को शांतिपूर्ण व लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने का अधिकार है और BJP ने भी विपक्ष में रहते हुए आंदोलन किए हैं। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि हिंसा और अराजकता किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं होगी।
राष्ट्र प्रेस
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