28 जून 2026
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सीपी जोशी का कांग्रेस पर हमला: पेपर लीक में संरक्षण का आरोप, राम मंदिर चोरी पर SIT जाँच का समर्थन

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सीपी जोशी का कांग्रेस पर हमला: पेपर लीक में संरक्षण का आरोप, राम मंदिर चोरी पर SIT जाँच का समर्थन

सारांश

BJP सांसद सीपी जोशी ने भीलवाड़ा में कांग्रेस पर दोहरा हमला बोला — राजस्थान में 19 बार पेपर लीक के दौरान दोषियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया और अयोध्या राम मंदिर दानपात्र चोरी मामले में SIT जाँच का समर्थन करते हुए विपक्ष को आस्था पर सवाल उठाने का अधिकार नहीं बताया।

मुख्य बातें

BJP सांसद सीपी जोशी ने 28 जून को भीलवाड़ा में कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला।
जोशी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन में राजस्थान में करीब 19 बार पेपर लीक हुए और दोषियों को बचाया गया।
राजीव गांधी स्टडी सर्कल और RPSC के पदाधिकारियों पर पेपर लीक में शामिल होने का आरोप लगाया।
वर्तमान सरकार ने परीक्षा सामग्री पहुँचाने के लिए आर्मी के विमान का उपयोग किया — पारदर्शिता का उदाहरण बताया।
अयोध्या राम मंदिर दानपात्र चोरी मामले में SIT गठित, जाँच जारी; दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन।

भीलवाड़ा में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद सीपी जोशी ने 28 जून को पत्रकारों से बातचीत में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने पेपर लीक मामलों में कांग्रेस शासन पर दोषियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया और अयोध्या राम मंदिर के दानपात्र चोरी मामले में गठित SIT जाँच का पूरा समर्थन किया।

पेपर लीक पर कांग्रेस को घेरा

जोशी ने राहुल गांधी पर सीधा निशाना साधते हुए कहा, "राहुल गांधी एक फेलियर स्टूडेंट हैं। लोग BJP और कांग्रेस के पेपर लीक के विषय में अंतर समझते हैं। एक समय राजस्थान में करीब 19 बार पेपर लीक हुए थे। कांग्रेस और BJP के बीच क्या अंतर है — यह जनता को देखना चाहिए।" उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में राजीव गांधी स्टडी सर्कल से जुड़े लोग और राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) सहित कई संस्थानों के पदाधिकारी पेपर लीक में शामिल पाए गए थे।

जोशी ने कहा कि कांग्रेस सरकार में इन अपराधियों के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं हुई, बल्कि उन्हें बचाने का प्रयास किया गया। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब देशभर में परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं।

वर्तमान सरकार की पारदर्शिता के दावे

BJP सांसद ने दावा किया कि मौजूदा सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर गंभीर है और परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित व पारदर्शी बनाने के लिए पहली बार ठोस कदम उठाए गए हैं। उन्होंने उदाहरण दिया कि परीक्षा सामग्री पहुँचाने के लिए आर्मी के विमान का उपयोग किया गया, जो सुरक्षा व्यवस्था की गंभीरता को दर्शाता है। जोशी ने कहा कि जहाँ भी युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ की कोशिश होती है, वहाँ तुरंत कार्रवाई की जाती है।

राम मंदिर दानपात्र चोरी: SIT जाँच का समर्थन

अयोध्या राम मंदिर के दानपात्र में चोरी के मामले पर जोशी ने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा, "राम मंदिर और भगवान राम की आस्था पर सवाल उठाने वालों को इस मुद्दे पर बोलने का अधिकार नहीं है। जिन लोगों ने सर्वोच्च न्यायालय में हलफनामा दिया था कि राम काल्पनिक हैं, उन्हें इस विषय पर बोलने का अधिकार नहीं है।" उन्होंने कहा कि जिन्होंने लंबे समय तक राम मंदिर मामले को लटकाए रखा और सनातन पर आपत्तिजनक टिप्पणियाँ कीं, वे आज सवाल उठा रहे हैं।

जोशी ने बताया कि मामला संज्ञान में आते ही सरकार ने तुरंत SIT का गठन किया और जाँच शुरू कर दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जाँच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और राम भक्तों की आस्था के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि पेपर लीक का मुद्दा हाल के महीनों में राष्ट्रीय स्तर पर गरमाया है, जिसमें NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की अनियमितताओं को लेकर विपक्ष सरकार पर लगातार दबाव बना रहा है। BJP और कांग्रेस दोनों एक-दूसरे पर इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगा रहे हैं। जोशी के बयान इसी व्यापक राजनीतिक संघर्ष का हिस्सा हैं। आने वाले दिनों में SIT की जाँच रिपोर्ट और परीक्षा सुधार के ठोस क्रियान्वयन पर सभी की नजर रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन वे उस असुविधाजनक प्रश्न से बचते हैं जो अभी राष्ट्रीय विमर्श में केंद्र में है — NEET और अन्य केंद्रीय परीक्षाओं में कथित अनियमितताएँ, जो केंद्र सरकार के कार्यकाल में सामने आई हैं। राजस्थान के पुराने पेपर लीक को ढाल बनाना तब तक प्रभावी नहीं होगा जब तक वर्तमान सरकार अपने स्तर पर सत्यापन-योग्य सुधार न दिखाए। राम मंदिर दानपात्र चोरी पर SIT गठन त्वरित प्रतिक्रिया है, परंतु जाँच की स्वतंत्रता और पारदर्शिता ही इसकी विश्वसनीयता तय करेगी।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीपी जोशी ने कांग्रेस पर पेपर लीक को लेकर क्या आरोप लगाए?
जोशी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन में राजस्थान में करीब 19 बार पेपर लीक हुए और राजीव गांधी स्टडी सर्कल तथा RPSC से जुड़े पदाधिकारी इसमें शामिल पाए गए, लेकिन उन्हें बचाने का प्रयास किया गया।
अयोध्या राम मंदिर दानपात्र चोरी मामले में क्या कार्रवाई हुई?
जोशी के अनुसार मामला संज्ञान में आते ही सरकार ने SIT का गठन किया और जाँच शुरू कर दी गई है। जाँच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
BJP सरकार ने परीक्षा पारदर्शिता के लिए क्या कदम उठाए हैं?
जोशी ने दावा किया कि परीक्षा सामग्री पहुँचाने के लिए आर्मी के विमान का उपयोग किया गया और निगरानी व सुरक्षा के लिए पहली बार ठोस कदम उठाए गए हैं। हालाँकि इन दावों का स्वतंत्र सत्यापन उपलब्ध नहीं है।
राहुल गांधी पर सीपी जोशी ने क्या टिप्पणी की?
जोशी ने राहुल गांधी को 'फेलियर स्टूडेंट' बताया और कहा कि जनता BJP और कांग्रेस के पेपर लीक से निपटने के तरीके में अंतर समझती है।
विपक्ष को राम मंदिर मुद्दे पर बोलने का अधिकार क्यों नहीं — जोशी का तर्क क्या था?
जोशी ने कहा कि जिन लोगों ने सर्वोच्च न्यायालय में हलफनामा दिया कि राम काल्पनिक हैं और जिन्होंने लंबे समय तक राम मंदिर मामले को लटकाए रखा, उन्हें इस विषय पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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