सीजेपी प्रदर्शन को NCP (SP) नेता नसीम सिद्दीकी का समर्थन, बोले — मोदी सरकार युवाओं की आवाज दबा रही है
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के वरिष्ठ नेता नसीम सिद्दीकी ने 21 जुलाई को मुंबई में कहा कि दिल्ली में चल रहे सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) के विरोध-प्रदर्शन पूरी तरह जायज और संवैधानिक हैं। उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार पर सीधा आरोप लगाया कि वह युवाओं की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है।
मुख्य आरोप और बयान
सिद्दीकी ने कहा, 'प्रदर्शनकारी संविधान में दिए गए अधिकारों के अनुरूप काम कर रहे हैं, लेकिन यह सरकार उनका दमन कर रही है।' उन्होंने चेतावनी दी कि यह छात्र आंदोलन जल्द ही देशव्यापी रूप लेगा और इसे 'इस सरकार के जाने की शुरुआत का ट्रेलर' बताया।
उन्होंने नेपाल और बांग्लादेश के छात्र आंदोलनों से तुलना करते हुए कहा कि जब जेन-जी पीढ़ी सड़कों पर उतरती है, तो सत्ता हिल जाती है। उनके अनुसार, 'मोदी सरकार इस समय बहुत डरी हुई है।'
पुलिस कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया
NCP (SP) नेता ने कहा कि प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण ढंग से धरना दे रहे थे, इसके बावजूद पुलिस ने लाठीचार्ज किया। उन्होंने इसे 'अलोकतांत्रिक' करार दिया और माँग की कि सरकार युवाओं की माँगों पर गंभीरता से ध्यान दे।
वंदे मातरम विवाद पर सिद्दीकी का पक्ष
वंदे मातरम बिल के संदर्भ में सिद्दीकी ने कहा कि भारत का मुस्लिम समुदाय राष्ट्रीय गीत का सम्मान करता है, किंतु धार्मिक कारणों से उसका गायन उनके लिए संभव नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया, 'मुस्लिम समुदाय केवल खुदा की इबादत करता है।' जो लोग वंदे मातरम न गाने वालों को पाकिस्तान जाने को कहते हैं, उन पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि यह देश किसी एक समुदाय की बपौती नहीं है — भारत की आज़ादी में मुसलमानों का भी रक्त बहा है।
उन्होंने जोड़ा कि भारत के मुसलमान यहाँ 'बाई चांस' नहीं, बल्कि 'बाई च्वाइस' रहते हैं। पाकिस्तान का विकल्प उपलब्ध होने के बावजूद उन्होंने नेहरू और गांधी के नेतृत्व में भारत को चुना।
बिहार में स्कूलों के 'भगवाकरण' पर प्रहार
बिहार में सरकारी स्कूलों के कथित भगवाकरण पर सिद्दीकी ने कहा कि हर रंग एक दिन फीका पड़ता है। उनके अनुसार, देश के युवाओं में जो रंग है वह आज़ादी का रंग है — और वह कभी मिटेगा नहीं।
आगे क्या
यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल सीजेपी के प्रदर्शन को लेकर एकजुट हो रहे हैं और केंद्र सरकार पर दबाव बढ़ रहा है। सिद्दीकी के बयान से यह स्पष्ट है कि NCP (SP) इस आंदोलन के साथ खड़ी है। आने वाले दिनों में विपक्ष की रणनीति और सरकार की प्रतिक्रिया इस आंदोलन की दिशा तय करेगी।