भाजपा नेता सुनील शर्मा का विपक्ष पर हमला: 'युवाओं को गुमराह करने की साजिश', सिंधु जल संधि पर भी कड़ा रुख
सारांश
मुख्य बातें
भाजपा नेता सुनील शर्मा ने 21 जुलाई को जम्मू में विपक्ष पर तीखा निशाना साधते हुए कहा कि कुछ शक्तियाँ भारत के युवाओं को गुमराह कर देश में अस्थिरता फैलाने की कोशिश कर रही हैं। दिल्ली में सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के युवाओं पर दिए गए बयान के बाद शर्मा की यह प्रतिक्रिया आई।
युवाओं को लेकर भाजपा का रुख
शर्मा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) और प्रधानमंत्री मोदी हमेशा से युवाओं को देश की सबसे बड़ी ताकत मानते आए हैं। उन्होंने कहा, 'भारत एक युवा राष्ट्र है और इसीलिए इसका भविष्य संभावनाओं से भरपूर है, लेकिन कुछ ताकतें इन्हीं युवाओं को दिशाहीन करने में लगी हैं।' उनके अनुसार, सरकार युवाओं के विकास, रोजगार और अवसरों के लिए लगातार काम कर रही है और यही बात कुछ लोगों को रास नहीं आ रही।
नेपाल का उदाहरण और अस्थिरता की आशंका
भाजपा नेता ने नेपाल का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि जिस प्रकार वहाँ जेन-जी आंदोलनों के ज़रिए सत्ता परिवर्तन की कोशिश हुई, उसी तर्ज पर कुछ शक्तियाँ भारत में भी अशांति फैलाने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का संकल्प लिया है और ऐसे में किसी भी अस्थिरता की कोशिश को रोकना अनिवार्य है।
विरोध-प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था पर प्रतिक्रिया
विरोध-प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर शर्मा ने आरोप लगाया कि भीड़ अनियंत्रित हो गई थी और सुरक्षा बलों पर पत्थर व लाठियों से हमला करने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों ने संयम और धैर्य का परिचय दिया, जिसके कारण स्थिति और नहीं बिगड़ी। यह उनका आरोप है; इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रदर्शन पर निशाना
जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की माँग को लेकर दिल्ली में नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रदर्शन पर भी शर्मा ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रदर्शन वास्तविक मुद्दे को उठाने के बजाय महज राजनीतिक दिखावा था और पार्टी के विधायक बड़ी संख्या में नज़र नहीं आए। उन्होंने यह भी कहा कि उमर अब्दुल्ला ने अपनी राजनीतिक स्थिति दिखाने के लिए यह आयोजन किया — जबकि जम्मू-कश्मीर में लोग प्राकृतिक आपदा से जूझ रहे हैं। नेशनल कॉन्फ्रेंस ने इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। शर्मा ने पार्टी पर परिवारवाद की राजनीति का भी आरोप लगाया।
सिंधु जल संधि पर भारत का कड़ा रुख
सिंधु जल समझौते पर बोलते हुए शर्मा ने कहा, 'ऑपरेशन सिंदूर के बाद प्रधानमंत्री ने साफ कहा था कि पानी और खून एक साथ नहीं बह सकते। सात नदियों से जुड़ी सिंधु जल संधि को निलंबित करके हमने अपने हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट और उससे जुड़ी पहल जारी रखी हैं। भारत सरकार किसी भी दबाव में नहीं आएगी और इस संधि के नाम पर अपनी परियोजनाएँ नहीं रोकेगी — यह जारी रहेगा।' गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय आया है जब सिंधु जल संधि पर भारत-पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक तनाव बना हुआ है।