नेपाल बाढ़ आपदा: BJP सांसद जगन्नाथ सरकार बोले — भारत हर संभव मदद के साथ नेपाल के साथ खड़ा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद जगन्नाथ सरकार ने 30 अगस्त को नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ पर गहरा दुख व्यक्त किया और कहा कि भारत इस कठिन घड़ी में अपने पड़ोसी देश के साथ पूरी मज़बूती से खड़ा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्राकृतिक आपदाओं में भारत का सहयोग हमेशा से निर्बाध रहा है और इस बार भी वह सिलसिला जारी है।
नेपाल आपदा पर सांसद की प्रतिक्रिया
सांसद जगन्नाथ सरकार ने कहा, 'नेपाल में जो हुआ, वो काफी दुखद था। इसके बारे में किसी को जानकारी नहीं थी। अचानक आई बाढ़ से बहुत जानमाल का नुकसान हुआ।' उन्होंने आगे जोड़ा, 'हमारा देश भारत हमेशा प्राकृतिक आपदा की वजह से नुकसान हुए देशों के साथ खड़ा रहता है। हर बार की तरह इस बार भी भारत पूरे सहयोग के साथ नेपाल के साथ खड़ा है और उनकी मदद कर रहा है।'
बिहार में बाढ़ का खतरा
सांसद ने बिहार में बाढ़ के बढ़ते खतरे पर भी चिंता जताई। उनके अनुसार, 'नेपाल में जिस जल ने तबाही मचाई, अब वह बिहार की ओर बढ़ रहा है। बिहार की नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है। लोगों को सतर्क रहना चाहिए, क्योंकि नदियों का जलस्तर बहुत तेजी से बढ़ रहा है।' उन्होंने माँग की कि आपदा में जान गँवाने वालों के परिजनों को सरकार उचित मुआवज़ा दे और उनके साथ खड़ी रहे।
खाद्य सुरक्षा पर जोर
सांसद जगन्नाथ सरकार ने फूड सेफ्टी के मुद्दे पर भी बात की। उन्होंने कहा कि सरकार को खाद्य सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिए और यदि कोई इस क्षेत्र में अनियमितता करे तो उस पर कड़ा जुर्माना लगाया जाना चाहिए।
सज्जन कुमार श्रद्धांजलि सभा विवाद
सिख विरोधी दंगों के दोषी सज्जन कुमार की श्रद्धांजलि सभा में BJP के तीन सांसदों के शामिल होने के सवाल पर सांसद ने कहा, 'हमारा संगठन बहुत बड़ा है। इतने बड़े संगठन के बीच ऐसी छोटी-मोटी घटनाएं हो सकती हैं।' उन्होंने इस मामले पर अधिक टिप्पणी करने से परहेज़ किया।
अकाली दल गठबंधन पर बयान
अकाली दल के साथ BJP के संभावित गठबंधन पर सांसद ने कहा, 'अकाली दल भाजपा का सबसे पुराना सहयोगी रहा है, इसलिए उनके साथ तालमेल होना कोई नई बात नहीं है। इस गठबंधन से देश को फायदा होगा।' गौरतलब है कि दोनों दलों के बीच 2020 के कृषि कानूनों के विवाद के बाद संबंध तनावपूर्ण हो गए थे। आगे यह देखना होगा कि सरकार नेपाल राहत कार्यों और बिहार बाढ़ प्रबंधन दोनों मोर्चों पर किस तेज़ी से कदम उठाती है।