आफताब अंसारी की जेल बैरक से 3 मोबाइल, राउटर और ₹31,000 नकद बरामद; फोरेंसिक जांच शुरू
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता के प्रेसिडेंसी सेंट्रल करेक्शनल होम में उम्रकैद की सजा काट रहे कुख्यात आतंकवादी आफताब अंसारी की बैरक से बरामद तीन सक्रिय मोबाइल फोन, दो राउटर, एक वाई-फाई डिवाइस और अन्य इंटरनेट उपकरणों को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। 30 अगस्त को सामने आई इस जानकारी के अनुसार, जांचकर्ता यह पता लगाने में जुटे हैं कि अंसारी न्यायिक हिरासत में रहते हुए किन लोगों और संगठनों के संपर्क में था।
छापेमारी में क्या-क्या मिला
कोलकाता पुलिस के डिटेक्टिव डिपार्टमेंट ने शुक्रवार रात अंसारी की बैरक में अचानक तलाशी अभियान चलाया। एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, "उसके कपड़ों और बिस्तर से तीन मोबाइल फोन, दो राउटर, एक वाई-फाई डिवाइस, दो कार्ड रीडर, एक पेन ड्राइव और ईयरफोन बरामद किए गए।" इसके साथ ही ₹31,000 नकद — सभी 500 रुपए के नोटों में — भी जब्त किए गए।
सूत्रों के अनुसार, बरामद मोबाइल फोन में व्हाट्सऐप और टेलीग्राम समेत कई एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप इंस्टॉल थे। यह छापेमारी उस सूचना के बाद की गई, जिसमें बताया गया था कि अंसारी की बैरक से दिन में कई बार मोबाइल के ज़रिए बातचीत हो रही थी।
पाकिस्तान कनेक्शन की जांच
जांचकर्ताओं का दावा है कि बरामद फोन से पाकिस्तान के एक नंबर पर कॉल की गई थीं। जासूस यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या अंसारी किसी सक्रिय आतंकी नेटवर्क के साथ समन्वय कर रहा था या जेल से फरार होने की योजना बना रहा था। फोरेंसिक टीम फोन की कॉल हिस्ट्री, चैट लॉग और डेटा ट्रांसफर रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
गौरतलब है कि आफताब अंसारी आतंकी संगठन 'आसिफ रजा कमांडो' का संचालक रहा है, जिसके पाकिस्तान स्थित संगठनों — हरकत-उल-जिहाद-ए-इस्लामी और जैश-ए-मोहम्मद — से संबंध रहे हैं। वह जनवरी 2002 में कोलकाता के अमेरिकी केंद्र (अमेरिकन सेंटर) पर हुए हमले का मास्टरमाइंड है।
जेल प्रशासन पर भी संदेह की नज़र
जांच अधिकारियों ने जेल अधिकारियों और कर्मचारियों की संभावित भूमिका से इनकार नहीं किया है। यह सवाल अहम है कि उम्रकैद की सजा काट रहे एक कुख्यात आतंकवादी की बैरक तक इतने उपकरण और नकदी कैसे पहुँची। इस मामले में स्थानीय हेस्टिंग्स पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया जा चुका है।
यह ऐसे समय में सामने आया है जब देश की जेलों में बंद आतंकवादियों की बाहरी दुनिया से संपर्क की घटनाएँ सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चिंता बनती जा रही हैं।
पूछताछ और आगे की जांच
जांच अधिकारी जेल के अंदर ही अंसारी से पूछताछ कर रहे हैं। उन सभी लोगों की गतिविधियों की जांच हो रही है जो अब तक उससे मिलने आए थे। उन कैदियों की भी पहचान की जा रही है जिनसे अंसारी नियमित रूप से बातचीत करता था। अंसारी की बैरक की सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से कड़ा कर दिया गया है।
फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद जांच की दिशा और स्पष्ट होगी — और यह तय होगा कि क्या यह मामला महज जेल नियमों के उल्लंघन तक सीमित है या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश है।