12 अगस्त 2026
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प्रज्वल रेवन्ना की जेल बैरक में मोबाइल फोन बरामद, कांग्रेस ने की सख्त कार्रवाई की मांग

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प्रज्वल रेवन्ना की जेल बैरक में मोबाइल फोन बरामद, कांग्रेस ने की सख्त कार्रवाई की मांग

सारांश

बेंगलुरु की परप्पना अग्रहारा जेल में उम्रकैद काट रहे पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना की बैरक से एंड्रॉयड फोन मिला — और सवाल यह है कि 6 अगस्त की तलाशी में कुछ न मिलने के बाद यह फोन आया कहां से। CCB की छापेमारी में कुल 10 मोबाइल बरामद हुए, कांग्रेस ने राजनीतिक संपर्कों के दुरुपयोग का आरोप लगाया।

मुख्य बातें

परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में CCB की 6 घंटे की छापेमारी में प्रज्वल रेवन्ना की बैरक से एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किया गया।
पूरी छापेमारी में कुल करीब 10 मोबाइल फोन , चार्जर और एक पेन ड्राइव जब्त किए गए।
इस मामले में प्रताप राय आरोपी नंबर 1 और प्रज्वल रेवन्ना आरोपी नंबर 2 हैं; परप्पना अग्रहारा पुलिस ने एफआईआर दर्ज की।
6 अगस्त की पिछली तलाशी में प्रज्वल के पास कोई फोन नहीं मिला था — अर्थात फोन उसके बाद बैरक में पहुंचा।
कांग्रेस सांसदों प्रमोद तिवारी और जेबी माथर ने कथित राजनीतिक संपर्कों के दुरुपयोग की निष्पक्ष जांच की मांग की।

बेंगलुरु की परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे हासन के पूर्व जेडी(एस) सांसद प्रज्वल रेवन्ना की बैरक से एक प्रतिबंधित एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद होने के बाद राजनीतिक विवाद गहरा गया है। 12 अगस्त को सामने आई इस बरामदगी ने हाई-सिक्योरिटी जेल की सुरक्षा व्यवस्था और प्रभावशाली कैदियों को कथित तौर पर मिलने वाली विशेष सुविधाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस ने मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

छापेमारी में क्या मिला

सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) के अधिकारियों ने मंगलवार को परप्पना अग्रहारा जेल में करीब छह घंटे तक सर्च ऑपरेशन चलाया। इस दौरान अभिनेता दर्शन, उनकी साथी पवित्रा गौड़ा, प्रज्वल रेवन्ना और अन्य हाई-प्रोफाइल कैदियों की बैरकों की तलाशी ली गई। रिपोर्टों के अनुसार, इस छापेमारी में कुल करीब 10 मोबाइल फोन, चार्जर और एक पेन ड्राइव बरामद किए गए।

प्रज्वल रेवन्ना के बिस्तर के नीचे छिपा हुआ एक एंड्रॉयड फोन मिला। उस बैरक में रेवन्ना के साथ एक अन्य कैदी प्रताप राय भी रहते हैं। बरामदगी के बाद परप्पना अग्रहारा पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है और जांच शुरू कर दी है कि प्रतिबंधित उपकरण जेल के भीतर कैसे पहुंचा।

जांच का दायरा

इस मामले में प्रताप राय को आरोपी नंबर 1 और प्रज्वल रेवन्ना को आरोपी नंबर 2 बनाया गया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि फोन का वास्तविक उपयोगकर्ता कौन था — रेवन्ना या राय। गौरतलब है कि 6 अगस्त को जेल अधिकारियों ने बैरकों की तलाशी ली थी, तब प्रज्वल के पास कोई मोबाइल फोन नहीं मिला था। इसका अर्थ है कि फोन उसके बाद और मंगलवार की छापेमारी से पहले के बीच बैरक में पहुंचाया गया।

अधिकारियों को यह पता लगाने का निर्देश दिया गया है कि फोन बैरक तक किसने और किस माध्यम से पहुंचाया। यह ऐसे समय में आया है जब प्रभावशाली कैदियों को जेल के भीतर कथित वीआईपी सुविधाएं मिलने की शिकायतें पहले से चर्चा में हैं।

कांग्रेस की प्रतिक्रिया

कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा, 'उनके पिता पूर्व मंत्री हैं और उनके दादा देश के प्रधानमंत्री थे। वे खुद को कानून से ऊपर समझते हैं। उन्होंने महिलाओं के साथ जैसा बर्ताव किया, उसकी जितनी भी निंदा की जाए, कम है। अब जब वे जेल में हैं, तो वहां भी कानून का उल्लंघन कर रहे हैं। उनके खिलाफ निश्चित रूप से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।'

कांग्रेस सांसद जेबी माथर ने कहा, 'प्रज्वल रेवन्ना ने जो किया है, जिस तरह से उन्होंने महिलाओं का शोषण किया या उन्हें एक जरिया बनाया, वह सब रिकॉर्ड पर है। अब, जेल में जो हुआ है, वह मंजूर नहीं है। इस बात की गंभीरता से जांच होनी चाहिए कि यह कैसे हुआ। हो सकता है कि इसमें राजनीतिक संपर्कों का इस्तेमाल किया गया हो।' पार्टी ने यह भी सुझाया कि रेवन्ना ने कथित तौर पर अपने राजनीतिक संपर्कों का उपयोग कर प्रतिबंधित डिवाइस तक पहुंच बनाई होगी।

प्रज्वल रेवन्ना कौन हैं

प्रज्वल रेवन्ना पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा के पोते, जेडी(एस) विधायक एच.डी. रेवन्ना के पुत्र और केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी के भतीजे हैं। वे रेप और सेक्स वीडियो से जुड़े मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद परप्पना अग्रहारा जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं।

आगे क्या होगा

पुलिस जांच जारी है और यह स्पष्ट होना बाकी है कि जेल के भीतर प्रतिबंधित फोन पहुंचाने में किसकी भूमिका थी। इस घटना से जेल प्रशासन की जवाबदेही और हाई-प्रोफाइल कैदियों की निगरानी की व्यवस्था पर नए सिरे से बहस छिड़ने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह घटना महज एक और सुर्खी बनकर रह जाएगी।
RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रज्वल रेवन्ना की बैरक में मोबाइल फोन कैसे मिला?
CCB अधिकारियों ने मंगलवार को परप्पना अग्रहारा जेल में करीब छह घंटे का सर्च ऑपरेशन चलाया, जिसमें प्रज्वल रेवन्ना के बिस्तर के नीचे एक एंड्रॉयड फोन छिपा मिला। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि प्रतिबंधित डिवाइस जेल के भीतर कैसे और किसके जरिए पहुंचा।
इस मामले में कितने लोगों को आरोपी बनाया गया है?
परप्पना अग्रहारा पुलिस ने एफआईआर में प्रताप राय को आरोपी नंबर 1 और प्रज्वल रेवन्ना को आरोपी नंबर 2 बनाया है। पुलिस यह निर्धारित करने की कोशिश कर रही है कि फोन का वास्तविक उपयोगकर्ता कौन था।
कांग्रेस ने इस मामले में क्या मांग की है?
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी और जेबी माथर ने मांग की है कि इस बात की गंभीरता से जांच हो कि फोन जेल तक कैसे पहुंचा और क्या इसमें राजनीतिक संपर्कों का इस्तेमाल हुआ। उन्होंने प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की है।
प्रज्वल रेवन्ना कौन हैं और वे जेल में क्यों हैं?
प्रज्वल रेवन्ना हासन से जेडी(एस) के पूर्व सांसद हैं और पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा के पोते हैं। वे रेप और सेक्स वीडियो से जुड़े मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं।
6 अगस्त की तलाशी और मंगलवार की छापेमारी में क्या अंतर है?
6 अगस्त को जेल अधिकारियों ने बैरकों की तलाशी ली थी, तब प्रज्वल के पास कोई मोबाइल फोन नहीं मिला था। मंगलवार को CCB की छापेमारी में फोन मिला, जिससे यह स्पष्ट होता है कि डिवाइस उन दो तारीखों के बीच बैरक में पहुंचाया गया।
राष्ट्र प्रेस
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