प्रज्वल रेवन्ना के पास जेल में मिला फोन, CCB की छापेमारी में परप्पना अग्रहारा जेल का असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट सस्पेंड
सारांश
मुख्य बातें
बेंगलुरु की परप्पना अग्रहारा जेल में 12 अगस्त को सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) ने सभी हाई-प्रोफाइल कैदियों के बैरकों में छापेमारी की, जिसमें जनता दल (सेक्युलर) के पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना और प्रताप राय नामक एक अन्य कैदी के पास मोबाइल फोन बरामद हुए। दोनों के विरुद्ध प्रिजन्स एक्ट की धारा 42 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
छापेमारी में क्या मिला
जेल महानिदेशक (DGP) आलोक कुमार ने बताया कि मंगलवार दोपहर CCB ने जेल परिसर में व्यापक तलाशी अभियान चलाया। प्रज्वल रेवन्ना के पास से एक एंड्रॉयड फोन ज़ब्त किया गया। प्रताप राय के पास से भी एक फोन बरामद हुआ। अधिकारियों के अनुसार, यह स्पष्ट रूप से जेल नियमों का उल्लंघन है।
प्रशासनिक कार्रवाई
DIG (साउथ) की रिपोर्ट के आधार पर संबंधित असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा बेंगलुरु सेंट्रल जेल के पुलिस अधीक्षक (SP) को शो कॉज नोटिस जारी किया गया है। जांच अधिकारी फिलहाल सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहे हैं और नोटिस भेजने से पहले अतिरिक्त साक्ष्य एकत्र कर रहे हैं।
प्रज्वल रेवन्ना का मामला क्या है
गौरतलब है कि प्रज्वल रेवन्ना अश्लील वीडियो मामले में न्यायिक हिरासत में हैं। मार्च 2026 में इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) ने हासन की वरिष्ठ सिविल अदालत में 13,712 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट दाखिल की, जिसमें कुल 39 आरोपियों को नामजद किया गया है।
SIT के अनुसार जांच के दौरान 52 लोगों के नाम सामने आए थे, परंतु पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर 39 के विरुद्ध ही आरोप तय किए गए। यह जांच 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान जेडी(एस) के एजेंट रहे अधिवक्ता पूर्णचंद्र की शिकायत पर शुरू हुई थी।
चार्जशीट की अहम बातें
SIT की चार्जशीट के अनुसार, आरोपियों ने हासन में करीब 70 पेन ड्राइव खरीदे, जिनके ज़रिए कथित अश्लील वीडियो प्रसारित किए गए। जांच के दौरान 277 गवाहों के बयान दर्ज किए गए।
आगे क्या होगा
CCB द्वारा सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा पूरी होने के बाद संबंधित कैदियों और जेल कर्मियों को नोटिस भेजे जाने की संभावना है। इस घटना ने उच्च सुरक्षा जेलों में निगरानी तंत्र की खामियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।