13 अगस्त 2026
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प्रज्वल रेवन्ना की जेल बैरक में मोबाइल मिलने पर DIG की अगुवाई में विशेष जांच टीम गठित

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प्रज्वल रेवन्ना की जेल बैरक में मोबाइल मिलने पर DIG की अगुवाई में विशेष जांच टीम गठित

सारांश

उम्रकैद काट रहे पूर्व जेडीएस सांसद प्रज्वल रेवन्ना की जेल बैरक से मोबाइल फोन और पेन ड्राइव मिलने के बाद कर्नाटक में हड़कंप है। DIG की अगुवाई में विशेष जांच टीम गठित, एक अधिकारी निलंबित — और सवाल यह है कि जैमर के बावजूद फोन बैरक तक कैसे पहुंचा।

मुख्य बातें

कर्नाटक पुलिस ने 13 अगस्त 2026 को डीआईजी जिनेंद्र खनागवी की अगुवाई में विशेष जांच टीम गठित की।
परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में छापेमारी के दौरान 10 से अधिक मोबाइल फोन बरामद; प्रज्वल की कोठरी से नीला रेडमी 5जी मोबाइल और सैंडिस्क पेन ड्राइव मिली।
सहायक अधीक्षक ईरन्ना निलंबित; जेल अधीक्षक अंशुकुमार को कारण बताओ नोटिस जारी।
प्रज्वल रेवन्ना को वीआईपी बैरक से हटाकर 20 अन्य कैदियों वाली सामान्य सेल में स्थानांतरित किया गया।
जांच में आंध्र प्रदेश के कथित सिम कार्ड और जेल कर्मियों की संभावित मिलीभगत की भी पड़ताल होगी।
गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने कहा कि उन्होंने स्वयं मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद छापेमारी का आदेश दिया था।

बेंगलुरु की परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में बंद पूर्व जेडीएस सांसद प्रज्वल रेवन्ना की बैरक से मोबाइल फोन बरामद होने के मामले में कर्नाटक पुलिस ने 13 अगस्त 2026 को डीआईजी स्तर के अधिकारी की अगुवाई में एक विशेष जांच दल का गठन किया है। रेप के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे प्रज्वल रेवन्ना को मोबाइल बरामदगी के बाद वीआईपी बैरक से हटाकर सामान्य कैदियों वाली सेल में स्थानांतरित कर दिया गया है।

विशेष जांच टीम का गठन

कारागार विभाग के महानिदेशक आलोक कुमार ने विशेष टीम के गठन की आधिकारिक पुष्टि की। इस टीम का नेतृत्व डीआईजी कारागार एवं सुधार जिनेंद्र खनागवी करेंगे, जो पहले ही डीजीपी कारागार से मुलाकात कर जांच की रूपरेखा तय कर चुके हैं। जांच दल को मुख्य रूप से यह पता लगाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है कि कड़ी सुरक्षा और जेल में मोबाइल जैमर लगे होने के बावजूद फोन बैरक तक कैसे पहुंचा, किसने दिया और कितने समय तक उसका इस्तेमाल हुआ।

जांच के दायरे में यह भी शामिल है कि कथित तौर पर आंध्र प्रदेश से आए सिम कार्ड जेल के अंदर कैसे पहुंचे। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि किसी जेल कर्मी की मिलीभगत या लापरवाही तो नहीं थी।

छापेमारी में क्या-क्या मिला

सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) ने परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में छापेमारी के दौरान 10 से अधिक मोबाइल फोन बरामद किए। प्रज्वल रेवन्ना की कोठरी से कथित तौर पर एक नीला रेडमी 5जी मोबाइल, एक चार्जर, एक नीली पॉकेट नोटबुक और एक काली सैंडिस्क पेन ड्राइव बरामद की गई। रिपोर्टों के अनुसार, मोबाइल और पेन ड्राइव में आपत्तिजनक वीडियो भी पाए गए। फोन में कई ओटीटी एप्लिकेशन भी मिले।

गौरतलब है कि सोशल मीडिया पर 17 सेकंड का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें प्रज्वल को जेल बैरक के अंदर मोबाइल पर बात करते दिखाया गया था। वीडियो में वह अनिवार्य जेल वर्दी की जगह रंगीन कपड़ों में नज़र आ रहे थे और कोठरी में सीलिंग फैन भी दिख रहा था। वीडियो में उन्हें यह कहते हुए भी सुना गया कि उन्होंने दो दिन पहले भी कॉल किया था। हालांकि, इस वीडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और जेल अधिकारियों ने अब तक इस फुटेज पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

जेल प्रशासन पर कार्रवाई

कारागार डीजीपी आलोक कुमार ने बताया कि लापरवाही के आरोप में सहायक अधीक्षक ईरन्ना को निलंबित किया गया है, जबकि जेल अधीक्षक अंशुकुमार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। वीआईपी सेल में प्रज्वल के साथ बंद पॉक्सो मामले का विचाराधीन कैदी प्रताप राय पर आरोप है कि वह प्रज्वल की मदद कर रहा था।

आलोक कुमार ने कहा, 'कड़ी सुरक्षा के बीच कैदियों की कोठरियों तक मोबाइल फोन कैसे पहुंच रहे हैं और क्या जेल अधिकारियों की कोई मिलीभगत है, इसकी भी जांच होगी।'

सरकार की प्रतिक्रिया

कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने बताया कि उन्होंने स्वयं सीसीबी की छापेमारी का आदेश दिया था। उन्होंने कहा, 'मैंने दो हफ्ते पहले परप्पना अग्रहारा का दौरा किया था और कुछ खामियां देखी थीं। इसलिए मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद छापेमारी का आदेश दिया।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जो अधिकारी अनियमितता में शामिल पाए गए उन्हें निलंबित करने के निर्देश दिए गए हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब प्रज्वल रेवन्ना — जो पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के पोते और केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी के भतीजे हैं — पहले से ही अपनी कथित वीआईपी सुविधाओं को लेकर सवालों के घेरे में थे।

प्रज्वल की मौजूदा स्थिति

मोबाइल बरामदगी के बाद प्रज्वल रेवन्ना को अब करीब 20 अन्य कैदियों वाली सामान्य सेल में रखा गया है, जहां एक ही शौचालय है। उन्हें अनिवार्य जेल वर्दी पहनने और जेल लाइब्रेरी में ड्यूटी करने का निर्देश दिया गया है। जांच के नतीजे और जेल सुरक्षा में सुधार के लिए उठाए जाने वाले कदम आने वाले दिनों में सामने आने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह उस व्यापक सवाल को उठाता है कि राजनीतिक रसूख वाले कैदियों के लिए कानून का समान अनुप्रयोग कितना वास्तविक है। वायरल वीडियो में रंगीन कपड़े, सीलिंग फैन और 'दो दिन पहले भी कॉल' जैसे विवरण बताते हैं कि यह कोई एकबारगी चूक नहीं थी। जैमर लगे होने के बावजूद आंध्र प्रदेश के सिम कार्ड और ओटीटी ऐप्स का मिलना संकेत देता है कि व्यवस्था में संरचनागत खामी है, न कि केवल एक अधिकारी की लापरवाही। एक अधिकारी का निलंबन और एक नोटिस — यह जवाबदेही की शुरुआत है, अंत नहीं।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रज्वल रेवन्ना की जेल बैरक में मोबाइल फोन कैसे मिला?
सेंट्रल क्राइम ब्रांच की छापेमारी के दौरान परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में 10 से अधिक मोबाइल फोन बरामद हुए, जिनमें से एक कथित तौर पर प्रज्वल रेवन्ना की बैरक से मिला। यह फोन कैसे और किसके जरिए पहुंचा, इसकी जांच DIG की अगुवाई में गठित विशेष टीम करेगी।
प्रज्वल रेवन्ना कौन हैं और किस मामले में जेल में हैं?
प्रज्वल रेवन्ना पूर्व जनता दल (सेक्युलर) सांसद हैं, जो पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के पोते और केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी के भतीजे हैं। वह रेप के मामले में दोषी पाए जाने के बाद उम्रकैद की सजा काट रहे हैं।
जांच टीम क्या-क्या पता लगाएगी?
DIG जिनेंद्र खनागवी की अगुवाई वाली विशेष टीम यह पता लगाएगी कि मोबाइल बैरक तक कैसे पहुंचा, किसने दिया, कितने समय तक इस्तेमाल हुआ और क्या कोई जेल कर्मी इसमें शामिल था। आंध्र प्रदेश के कथित सिम कार्ड और जैमर के बावजूद कॉल होने के सवाल की भी जांच होगी।
मोबाइल मिलने के बाद प्रज्वल रेवन्ना को क्या सजा मिली?
प्रज्वल रेवन्ना को वीआईपी बैरक से हटाकर करीब 20 अन्य कैदियों वाली सामान्य सेल में स्थानांतरित किया गया है, जहां एक ही शौचालय है। उन्हें अनिवार्य जेल वर्दी पहनने और जेल लाइब्रेरी में ड्यूटी करने का निर्देश दिया गया है।
इस मामले में किन अधिकारियों पर कार्रवाई हुई?
लापरवाही के आरोप में सहायक अधीक्षक ईरन्ना को निलंबित किया गया है और जेल अधीक्षक अंशुकुमार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने कहा है कि अनियमितता में शामिल पाए गए अधिकारियों को निलंबित करने के निर्देश दिए गए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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