कर्नाटक कैबिनेट ने जेल विभाग में AI कैमरे और सिग्नल जैमर लगाने को दी मंजूरी
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक कैबिनेट ने 21 अगस्त 2026 को राज्य के जेल विभाग के आधुनिकीकरण के लिए एक अहम फैसला लिया — जेलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कैमरे, पोर्टेबल सिग्नल जैमर और प्रिजनर कॉलिंग सिस्टम जैसे उन्नत तकनीकी उपकरण खरीदने और स्थापित करने की स्वीकृति दी गई। यह निर्णय मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया।
मुख्य घटनाक्रम
गृह, सूचना प्रौद्योगिकी एवं जैव प्रौद्योगिकी तथा ई-गवर्नेंस मंत्री प्रियांक खड़गे ने शुक्रवार को इस निर्णय की जानकारी दी। उन्होंने कहा, 'बदलती चुनौतियों को देखते हुए, जेल विभाग में भी एडवांस्ड टेक्नोलॉजी जरूरी है। यह कदम सुरक्षा और निगरानी को और मजबूत करने के मकसद से उठाया गया है।' नई तकनीक से जेल परिसर के भीतर अनधिकृत गतिविधियों पर रोक लगाने और निगरानी तंत्र को सुदृढ़ करने की उम्मीद है।
प्रज्वल रेवन्ना प्रकरण की पृष्ठभूमि
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब हाल ही में अधिकारियों ने पूर्व जनता दल (सेक्युलर) सांसद प्रज्वल रेवन्ना और प्रताप राय की जेल सेल से मोबाइल फोन, चार्जर, पॉकेट नोटबुक और सैनडिस्क पेन ड्राइव बरामद की गई। एक वीडियो भी सामने आया जिसमें रेवन्ना को जेल सेल के अंदर आम कपड़ों में मोबाइल फोन पर बात करते देखा गया, जिससे जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे। खबरों के मुताबिक, रेवन्ना ने दावा किया कि वह फोन प्रताप राय का था।
जवाबदेही और अनुशासनात्मक कार्रवाई
इस घटना के बाद बेंगलुरु सेंट्रल जेल के असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट इरन्ना रंगापुर को ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया। जेल अधीक्षक अंशु कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। डीजीपी (जेल) आलोक कुमार ने बताया कि विस्तृत विभागीय जाँच के आदेश दे दिए गए हैं।
आम जनता और जेल व्यवस्था पर असर
गौरतलब है कि देश भर में जेलों के भीतर मोबाइल फोन के दुरुपयोग की घटनाएँ बार-बार सामने आती रही हैं। कर्नाटक सरकार का यह कदम उस व्यापक प्रवृत्ति का हिस्सा है जिसमें राज्य सरकारें तकनीक-आधारित निगरानी को जेल सुधार की बुनियाद बना रही हैं। AI कैमरे और सिग्नल जैमर न केवल अनधिकृत संचार को रोकेंगे, बल्कि जेल कर्मियों की जवाबदेही भी सुनिश्चित करेंगे।
क्या होगा आगे
मंत्री खड़गे के अनुसार, कैबिनेट की यह मंजूरी राज्य सरकार की उस व्यापक रणनीति का अंग है जिसके तहत जेल विभाग के समूचे कामकाज में तकनीक-आधारित सुरक्षा उपायों को अधिकतम रूप से शामिल किया जाएगा। उपकरणों की खरीद और स्थापना की समय-सीमा अभी घोषित नहीं की गई है।