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क्या कर्नाटक में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ गई है?

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क्या कर्नाटक में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ गई है?

सारांश

कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने राज्य में कानून-व्यवस्था की गंभीर स्थिति पर चिंता जताई, आरोप लगाया कि जेलों में मोबाइल फोन और नशीले पदार्थों का अवैध प्रवेश हो रहा है। क्या सरकार इस स्थिति को नियंत्रित कर सकेगी?

मुख्य बातें

कर्नाटक में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ चुकी है।
जेलों में मोबाइल फोन और नशीले पदार्थों का प्रवेश हो रहा है।
पुलिस की मिलीभगत के आरोप लगे हैं।
राज्य में 23,000 सक्रिय राउडी हैं।
ड्रग माफिया का प्रभाव बढ़ रहा है।

बेलगावी, 17 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। कर्नाटक विधानसभा में बुधवार को नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि स्थिति पूरी तरह से बिगड़ चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि जेलों में कैदियों के पास मोबाइल फोन पहुंच रहे हैं, ड्रग माफिया का प्रसार हो चुका है और पुलिसकर्मी स्वयं अपराधियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।

अशोक ने यह भी कहा कि बेंगलुरु सेंट्रल जेल में हत्यारों और आतंकवादियों को रिसॉर्ट जैसी पांच सितारा सुविधाएं दी जा रही हैं। कैदियों से रिश्वत लेकर उन्हें बैरकों में स्थानांतरित किया जाता है और इसके लिए लॉबिंग भी होती है। उन्होंने बताया कि कुख्यात अपराधी गुब्बच्ची शीना ने जेल में ही जन्मदिन मनाया, और उसके केक पर नाम लिखा गया था। यह जानना मुश्किल है कि ऐसा केक जेल के भीतर कैसे पहुंचा।

अशोक ने कहा कि आतंकी शकील मन्ना के हाथ में मोबाइल फोन का वीडियो सामने आया है। इससे पहले अभिनेता दर्शन की जेल में सिगरेट के साथ तस्वीर भी आई थी। अशोक ने बताया कि जेल नियमों के अनुसार पुलिस आयुक्त को हर महीने जेल का निरीक्षण करना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा।

उन्होंने करवार जेल में कैदियों द्वारा नशीले पदार्थों के सेवन और न मिलने पर जेल स्टाफ पर हमले का भी आरोप लगाया। अशोक ने कहा कि जेलों में 777 सीसीटीवी कैमरे हैं, जिनमें से 100 काम नहीं कर रहे हैं। जेल प्रशासन ने 1,123 कैमरों की मांग की थी, लेकिन सरकार ने धन की कमी का हवाला देकर उन्हें नहीं खरीदा। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों से कैदियों की मजदूरी का भुगतान नहीं हुआ है और सरकार को लंबित राशि का खुलासा करना चाहिए।

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि पुलिस खुद “चोर” बन चुकी है। उनके अनुसार, बेंगलुरु में 11 महीनों में अपराधियों से मिलीभगत के आरोप में 130 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया। जयनगर में 7 करोड़ रुपये की बैंक डकैती एक पुलिस कांस्टेबल के नेतृत्व में हुई।

उन्होंने कहा कि पहले अपराधी पुलिस से डरते थे, लेकिन अब डर खत्म हो गया है। राज्य में 23,000 सक्रिय राउडी हैं और 43,000 बाइक चोरी हो चुकी हैं। साइबर अपराध में 5,474 करोड़ रुपये की ठगी हुई है, जबकि पुलिस केवल 627 करोड़ रुपये ही बरामद कर पाई है।

ड्रग माफिया पर बोलते हुए अशोक ने कहा कि यह गतिविधि सरकार के नियंत्रण से बाहर हो चुकी है। एक स्कूल में कक्षा 9 की छात्रा ने बोतलबंद पानी में मिलाया गया नशीला पदार्थ पी लिया, जिसके बाद उसका व्यवहार असामान्य हो गया।

उन्होंने दावा किया कि 15 प्रतिशत स्कूली बच्चे नशीले पदार्थों की चपेट में हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में 150 करोड़ रुपये मूल्य के नशीले पदार्थ आ रहे हैं और पुलिस को ड्रग नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान कर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह चिंताजनक है कि पुलिस और प्रशासन के स्तर पर इतनी बड़ी कमी आ गई है। राजनीतिक दलों को एकजुट होकर इस समस्या का समाधान करना होगा। यह केवल एक राज्य की नहीं, बल्कि पूरे देश की सुरक्षा का मामला है।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक में कानून-व्यवस्था की स्थिति क्या है?
कर्नाटक में कानून-व्यवस्था की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है, जहां जेलों में मोबाइल फोन और नशीले पदार्थों का उपयोग बढ़ रहा है।
नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने क्या आरोप लगाए हैं?
आर. अशोक ने आरोप लगाया है कि जेलों में कैदियों को रिसॉर्ट जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं और पुलिस अपराधियों के साथ मिलीभगत कर रही है।
राज्य में ड्रग माफिया की स्थिति क्या है?
राज्य में ड्रग माफिया का प्रसार बढ़ चुका है, और स्कूल के बच्चों के बीच नशीले पदार्थों का सेवन बढ़ रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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