प्रज्वल रेवन्ना बेंगलुरु जेल में VIP सेल से सामान्य बैरक में शिफ्ट, मोबाइल-पेन ड्राइव बरामदगी के बाद कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना को 12 अगस्त 2026 को बेंगलुरु की परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में उनकी वीआईपी सेल से हटाकर सामान्य कैदियों की बैरक में स्थानांतरित कर दिया गया। यह कदम सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) की छापेमारी के बाद उठाया गया, जिसमें उनकी बैरक से एक मोबाइल फोन और एक पेन ड्राइव बरामद होने का दावा किया गया है।
छापेमारी में क्या मिला
सीसीबी की छापेमारी के दौरान प्रज्वल रेवन्ना की बैरक से एक ब्लू रेडमी 5जी मोबाइल फोन, उसका चार्जर, एक नीली पॉकेट नोटबुक और एक काली सैनडिस्क पेन ड्राइव बरामद की गई। रिपोर्टों के अनुसार, मोबाइल और पेन ड्राइव में अश्लील वीडियो भी पाए गए। जेल विभाग के डीजीपी आलोक कुमार ने बताया कि मोबाइल में कई ओटीटी ऐप्लिकेशन भी मिले हैं और यह जाँच की जाएगी कि कहीं जेल के वाईफाई नेटवर्क का उपयोग तो नहीं किया गया।
कुल मिलाकर इस छापे में जेल के भीतर से 10 से अधिक मोबाइल फोन बरामद किए गए, जिनमें से एक प्रज्वल की बैरक से था।
कथित वायरल वीडियो और विवाद
बुधवार शाम सोशल मीडिया पर 17 सेकंड का एक कथित वीडियो सामने आया, जिसमें प्रज्वल रेवन्ना को बैरक के भीतर मोबाइल फोन पर बात करते दिखाया गया है। वीडियो में वे जेल की अनिवार्य वर्दी की जगह रंगीन कपड़ों में नज़र आ रहे हैं और कथित तौर पर यह कहते सुने जा सकते हैं कि उन्होंने दो दिन पहले भी फोन किया था। हालाँकि, इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और जेल प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
जेल प्रशासन की कार्रवाई
बरामदगी के बाद प्रज्वल रेवन्ना को ऐसी बैरक में भेजा गया है जहाँ करीब 20 अन्य कैदी रहते हैं और सभी के लिए एक ही शौचालय की व्यवस्था है। उन्हें जेल की अनिवार्य वर्दी पहनने और जेल पुस्तकालय में काम करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे पहले वे पॉक्सो मामले में गिरफ्तार विचाराधीन कैदी प्रताप राय के साथ वीआईपी सेल में थे। प्रताप राय पर कथित तौर पर प्रज्वल की मदद करने का आरोप है।
लापरवाही के आरोप में जेल के सहायक अधीक्षक ईरन्ना को निलंबित कर दिया गया है, जबकि जेल अधीक्षक अंशुकुमार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
सरकार और विपक्ष की प्रतिक्रिया
कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने बुधवार को स्पष्ट किया कि परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में सीसीबी की छापेमारी का आदेश उन्होंने स्वयं दिया था। यह मामला कर्नाटक विधानसभा के मानसून सत्र से ठीक एक दिन पहले उजागर हुआ है।
विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल (सेक्युलर) ने ऐलान किया है कि जब तक योजना एवं सांख्यिकी मंत्री बी. नागेंद्र इस्तीफा नहीं देते, वे विधानसभा की कार्यवाही नहीं चलने देंगे।
आगे क्या होगा
जेल विभाग के डीजीपी आलोक कुमार के अनुसार, जाँच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि मोबाइल फोन जेल के भीतर कैसे पहुँचा। गौरतलब है कि यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब प्रज्वल रेवन्ना पहले से ही यौन शोषण के गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं। जेल सुरक्षा में सेंध और कथित वायरल वीडियो मिलकर इस मामले को और जटिल बना रहे हैं।