प्रेसीडेंसी जेल में आतंकी आफताब अंसारी के पास मिले 3 स्मार्टफोन, वाई-फाई डिवाइस और ₹31,000 नकद, FIR दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता की प्रेसीडेंसी जेल में बंद कुख्यात आतंकी और 2002 के अमेरिकन सेंटर हमले के मुख्य आरोपी आफताब अंसारी की हाई-सिक्योरिटी सेल में अचानक की गई छापेमारी के दौरान 3 स्मार्टफोन, एक वाई-फाई डिवाइस, एक पेन ड्राइव और ₹31,000 नकद बरामद होने के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है। जेल अधिकारियों की शिकायत पर कोलकाता पुलिस ने हेस्टिंग्स थाने में एफआईआर दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।
छापेमारी में क्या-क्या मिला
जेल सूत्रों के अनुसार, प्रेसीडेंसी जेल प्रशासन ने अचानक की गई तलाशी में आफताब अंसारी की सेल से एक आईफोन समेत तीन स्मार्टफोन बरामद किए। इसके अलावा एक वाई-फाई डिवाइस, एक पेन ड्राइव और ₹31,000 नकद भी मिले। ये सभी वस्तुएँ जेल के नियमों के तहत पूर्णतः प्रतिबंधित हैं।
जाँच एजेंसियाँ इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि ये प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक उपकरण हाई-सिक्योरिटी सेल तक कैसे पहुँचे और अंसारी इनका उपयोग किस उद्देश्य के लिए कर रहा था।
पहले भी हो चुकी है बरामदगी
यह पहला मामला नहीं है जब आफताब अंसारी के पास जेल के भीतर प्रतिबंधित संचार उपकरण मिले हों। इससे पहले भी उसके पास से एक सिम कार्ड बरामद किया जा चुका है। यह बात जेल सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों की ओर इशारा करती है और सवाल उठाती है कि एक सज़ायाफ्ता आतंकी बार-बार इस तरह के उपकरण तक कैसे पहुँच पाता है।
आफताब अंसारी कौन है
आफताब अंसारी 22 जनवरी 2002 को कोलकाता के अमेरिकन सेंटर पर हुए आतंकी हमले का मुख्य आरोपी है, जिसमें पाँच पुलिसकर्मी शहीद हुए थे। वह फिलहाल प्रेसीडेंसी जेल में अपनी सज़ा काट रहा है। आलोचकों का कहना है कि इतने संवेदनशील कैदी की निगरानी में इस तरह की चूक अत्यंत चिंताजनक है।
पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया
जेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने हेस्टिंग्स थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर कोलकाता पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। पुलिस इस बात की जाँच कर रही है कि प्रतिबंधित वस्तुएँ सेल तक पहुँचाने में किन लोगों की मिलीभगत रही होगी। बरामद उपकरणों की फोरेंसिक जाँच भी कराई जा रही है।
आगे क्या होगा
जाँच के दायरे में जेल कर्मचारी भी आ सकते हैं, क्योंकि बिना किसी अंदरूनी सहयोग के हाई-सिक्योरिटी सेल तक इतने उपकरण पहुँचाना संभव नहीं माना जाता। फोरेंसिक विश्लेषण से यह स्पष्ट हो सकेगा कि अंसारी किन लोगों या नेटवर्क से संपर्क में था। मामले की जाँच जारी है और आने वाले दिनों में गिरफ्तारियाँ भी संभव हैं।