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कोलकाता जेल में आतंकी आफताब अंसारी की कोठरी से 3 मोबाइल, 2 राउटर और ₹31,000 नकद बरामद

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कोलकाता जेल में आतंकी आफताब अंसारी की कोठरी से 3 मोबाइल, 2 राउटर और ₹31,000 नकद बरामद

सारांश

उम्रकैद काट रहे आतंकी आफताब अंसारी की जेल कोठरी में एक्टिव इंटरनेट वाले 3 मोबाइल और ₹31,000 नकद — यह महज़ सुरक्षा चूक नहीं, बल्कि जेल के भीतर एक समानांतर संचार नेटवर्क की आशंका है। सीआईडी जाँच अब बताएगी कि तार कहाँ-कहाँ तक जाते हैं।

मुख्य बातें

आफताब अंसारी की कोठरी से 3 मोबाइल फोन , 2 राउटर , वाई-फाई डिवाइस, 2 कार्ड रीडर, पेन ड्राइव और ₹31,000 नकद बरामद।
अंसारी जनवरी 2002 के कोलकाता अमेरिकन सेंटर हमले का मास्टरमाइंड है और प्रेसिडेंसी सेंट्रल जेल में उम्रकैद काट रहा है।
जाँचकर्ता यह पता लगा रहे हैं कि अंसारी पाकिस्तान स्थित किसी व्यक्ति या संगठन से संपर्क में था या नहीं।
20 अगस्त को भी उसी जेल में छापेमारी में विचाराधीन कैदी अब्दुल मोइनुद्दीन के पास से स्मार्टफोन और सिम कार्ड मिला था।
जेल के सुपरिटेंडेंट और चीफ कंट्रोलर निलंबित; मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सीआईडी जाँच के आदेश दिए।

कोलकाता की प्रेसिडेंसी सेंट्रल जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे 2002 अमेरिकन सेंटर हमले के मास्टरमाइंड आफताब अंसारी की कोठरी से पुलिस के डिटेक्टिव डिपार्टमेंट ने एक्टिव इंटरनेट कनेक्शन वाले तीन मोबाइल फोन, दो राउटर, एक वाई-फाई डिवाइस और ₹31,000 नकद बरामद किए हैं। शुक्रवार की रात की गई इस अचानक छापेमारी ने जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

छापेमारी का घटनाक्रम

डिटेक्टिव डिपार्टमेंट के अधिकारियों को जानकारी मिली थी कि प्रेसिडेंसी जेल में अंसारी की कोठरी से दिन में कई बार मोबाइल पर बातचीत हो रही है। इस सूचना के आधार पर अधिकारियों ने बिना पूर्व सूचना के उसकी कोठरी में छापा मारा और व्यापक तलाशी ली।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया, 'अंसारी के कपड़ों और बिस्तर से तीन मोबाइल फोन, दो राउटर, एक वाई-फाई डिवाइस, दो कार्ड रीडर, एक पेन ड्राइव और ईयरफोन बरामद हुए। साथ ही ₹31,000 नकद भी मिले, जो सभी 500 रुपये के नोट थे।'

अंसारी की आतंकी पृष्ठभूमि

अंसारी कभी 'आसिफ रजा कमांडो' (एआरसी) नाम के आतंकवादी संगठन का संचालन करता था, जिसके तार पाकिस्तान में सक्रिय 'हरकत-उल-जिहाद-ए-इस्लामी' (एचयूजेआई) और 'जैश-ए-मोहम्मद' (जेईएम) जैसे संगठनों से जुड़े थे। जनवरी 2002 में कोलकाता स्थित अमेरिकन सेंटर पर हुए हमले में उसकी केंद्रीय भूमिका साबित होने के बाद उसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।

यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में जेलों में बंद आतंकवादियों और संगठित अपराधियों द्वारा मोबाइल के जरिए बाहरी नेटवर्क से संपर्क बनाए रखने की घटनाएँ सामने आती रही हैं। गौरतलब है कि यह पहला मौका नहीं है जब प्रेसिडेंसी जेल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठे हों।

जाँच का दायरा और मुख्य सवाल

स्थानीय हेस्टिंग्स पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी गई है। जाँचकर्ता विशेष रूप से यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि अंसारी इन उपकरणों के ज़रिए किन लोगों से संपर्क में था और क्या उसकी बातचीत पाकिस्तान स्थित किसी व्यक्ति या संगठन से होती थी।

अधिकारियों के अनुसार जाँच में जेल के अधिकारियों और कर्मचारियों की संभावित मिलीभगत की भी पड़ताल की जा रही है। यह सवाल केंद्रीय है कि इतने कुख्यात कैदी की कोठरी तक ये इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और नकदी कैसे पहुँची।

पूर्व की घटनाएँ और प्रशासनिक कार्रवाई

इससे पहले 20 अगस्त को भी प्रेसिडेंसी सेंट्रल करेक्शनल होम में छापेमारी की गई थी, जिसमें विचाराधीन कैदी अब्दुल मोइनुद्दीन के पास से एक स्मार्टफोन और एक सिम कार्ड बरामद हुआ था। इन लगातार घटनाओं के बाद राज्य प्रशासन ने जेल में भ्रष्टाचार और मिलीभगत को खत्म करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं।

प्रेसिडेंसी सेंट्रल करेक्शनल होम के सुपरिटेंडेंट और चीफ कंट्रोलर को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इस पूरे मामले की जाँच क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (सीआईडी) से कराने का आदेश दिया है।

आगे की राह

जाँच एजेंसियाँ बरामद डिवाइस की फॉरेंसिक जाँच कर रही हैं, जिससे अंसारी के संपर्क नेटवर्क का पूरा खुलासा होने की उम्मीद है। सीआईडी जाँच के नतीजे यह तय करेंगे कि इस मामले में जेल के कितने कर्मचारी और अधिकारी दोषी पाए जाते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि तीन सक्रिय डिवाइस कैसे पहुँचे — यह लापरवाही नहीं, बल्कि सुनियोजित मिलीभगत की ओर इशारा करता है। पश्चिम बंगाल में जेल सुधार की घोषणाएँ पहले भी हुई हैं, लेकिन 10 दिनों के भीतर एक ही जेल में दूसरी बड़ी बरामदगी यह साबित करती है कि ढाँचागत बदलाव अभी बाकी है। सीआईडी जाँच की विश्वसनीयता इसी पर टिकी है कि क्या वह जेल कर्मचारियों तक जाँच को सीमित रखती है या ऊपर तक जाती है।
RashtraPress
29 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आफताब अंसारी कौन है और उसे किस मामले में सजा हुई है?
आफताब अंसारी जनवरी 2002 में कोलकाता के अमेरिकन सेंटर पर हुए आतंकी हमले का मास्टरमाइंड है, जिसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। वह 'आसिफ रजा कमांडो' (एआरसी) नाम के संगठन का संचालन करता था, जिसके तार पाकिस्तान स्थित एचयूजेआई और जेईएम से जुड़े थे।
अंसारी की जेल कोठरी से क्या-क्या बरामद हुआ?
डिटेक्टिव डिपार्टमेंट ने अंसारी के कपड़ों और बिस्तर से तीन मोबाइल फोन, दो राउटर, एक वाई-फाई डिवाइस, दो कार्ड रीडर, एक पेन ड्राइव, ईयरफोन और ₹31,000 नकद बरामद किए। सभी नोट 500 रुपये के मूल्यवर्ग के थे।
इस मामले में जाँच कौन कर रही है और किस दिशा में जा रही है?
हेस्टिंग्स पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर जाँच शुरू की गई है और मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सीआईडी जाँच के आदेश दिए हैं। जाँच का मुख्य फोकस यह पता लगाना है कि अंसारी इन डिवाइस से किनसे संपर्क में था और क्या उसकी बातचीत पाकिस्तान से होती थी।
क्या जेल कर्मचारियों की मिलीभगत की आशंका है?
जाँच अधिकारी जेल के अधिकारियों और कर्मचारियों की संभावित मिलीभगत से इनकार नहीं कर रहे हैं। प्रेसिडेंसी सेंट्रल करेक्शनल होम के सुपरिटेंडेंट और चीफ कंट्रोलर को पहले ही निलंबित किया जा चुका है।
क्या इससे पहले भी इस जेल में इस तरह की घटना हुई है?
हाँ, 20 अगस्त को भी प्रेसिडेंसी सेंट्रल करेक्शनल होम में छापेमारी में विचाराधीन कैदी अब्दुल मोइनुद्दीन के पास से एक स्मार्टफोन और सिम कार्ड बरामद हुआ था। दस दिनों के भीतर दूसरी बड़ी बरामदगी ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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