नीरज चोपड़ा टखने के लिगामेंट चोट से बाकी सीजन बाहर, डायमंड लीग फाइनल और एशियन गेम्स से चूकेंगे
सारांश
मुख्य बातें
भारत के स्टार भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ट्रेनिंग के दौरान टखने का लिगामेंट फटने की चोट के चलते बचे हुए पूरे सीजन से बाहर हो गए हैं। उन्होंने यह जानकारी 29 अगस्त को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की। इस चोट के कारण वे 4-5 सितंबर को होने वाले डायमंड लीग फाइनल और एशियन गेम्स में भी हिस्सा नहीं ले पाएंगे।
चोट का विवरण और खिलाड़ी का बयान
नीरज ने एक्स पर लिखा, 'काफी समय की मेहनत के बाद मुझे लगा था कि मैं अपनी लय हासिल करने लगा हूं। लुसाने में मैंने इस सीजन का अपना बेस्ट थ्रो भी फेंका था। हालांकि, दुर्भाग्यवश इसके ठीक बाद ही ट्रेनिंग के दौरान मेरे टखने का लिगामेंट फट गया है। अपने डॉक्टर और टीम से बातचीत करने के बाद हमने यह फैसला लिया है कि मैं बचे हुए सीजन से बाहर बैठूंगा।'
उन्होंने आगे कहा, 'यह काफी निराशाजनक है, क्योंकि मैं पूरी तरह से अपनी लय हासिल करने के काफी करीब था। हालांकि, जैसा कहा जाता है कि बाधाएं और असफलताएं हमारी सफलता की यात्रा का एक स्वाभाविक हिस्सा हैं। मेरा पूरा ध्यान अच्छे से रिकवरी करने और मजबूती से वापसी करने पर है। आपके प्यार और सपोर्ट के लिए धन्यवाद।'
इस सीजन का प्रदर्शन
चोट से पहले नीरज का यह सीजन मिला-जुला रहा था। लुसाने डायमंड लीग में उन्होंने 88.05 मीटर का थ्रो कर इस सीजन का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था और दूसरा स्थान हासिल किया था। हालांकि श्रीलंका के रुमेश थरंगा ने 88.14 मीटर के थ्रो के साथ खिताब जीता था।
इससे पहले दोहा डायमंड लीग में नीरज 85.69 मीटर के थ्रो के साथ चौथे स्थान पर रहे थे। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में उन्होंने 85.83 मीटर के थ्रो के साथ रजत पदक अपने नाम किया था। इस सीजन में महज दो बार मैदान पर उतरने के बावजूद वे डायमंड लीग फाइनल के लिए क्वालीफाई करने में सफल रहे थे।
बड़े टूर्नामेंटों पर असर
सीजन से बाहर होने का सबसे बड़ा झटका यह है कि नीरज अब एशियन गेम्स में भी शिरकत नहीं कर पाएंगे, जो उनके लिए एक अहम प्रतियोगिता थी। डायमंड लीग फाइनल, जो 4 और 5 सितंबर को निर्धारित था, उससे भी उन्हें हटना पड़ेगा। गौरतलब है कि नीरज चोपड़ा चोटों से पहले भी जूझ चुके हैं और हर बार मजबूती से वापसी की है।
आगे क्या
नीरज के अनुसार उनका पूरा ध्यान अभी रिकवरी पर केंद्रित है। डॉक्टरों और उनकी सपोर्ट टीम की सलाह पर यह निर्णय लिया गया है। भारतीय एथलेटिक्स प्रशंसकों की नज़रें अब उनकी वापसी की समयसीमा पर टिकी हैं।