नीरज चोपड़ा ने डायमंड लीग फाइनल के लिए क्वालीफाई किया, ब्रसेल्स में होगा खिताबी मुकाबला
सारांश
मुख्य बातें
भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने डायमंड लीग फाइनल 2024 के लिए क्वालीफाई कर लिया है। ज्यूरिख डायमंड लीग के समापन के बाद जारी ओवरऑल स्टैंडिंग में 12 अंकों के साथ छठे स्थान पर रहते हुए चोपड़ा ने यह जगह पक्की की। उनकी नज़र अब 4 और 5 सितंबर को ब्रसेल्स में होने वाले फाइनल पर होगी।
सीज़न में सीमित भागीदारी, फिर भी फाइनल में जगह
चोपड़ा इस सीज़न में केवल दो लेग्स में हिस्सा ले सके और ज्यूरिख सहित तीन लेग्स से बाहर रहे। इसके बावजूद उन्होंने पर्याप्त अंक अर्जित कर फाइनल में प्रवेश किया। इस महीने की शुरुआत में लॉज़ेन डायमंड लीग में उन्होंने 88.05 मीटर का थ्रो कर दूसरा स्थान हासिल किया था, जहाँ श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिरगे ने उन्हें पछाड़ा था।
ज्यूरिख लेग में रुमेश का दबदबा
ज्यूरिख डायमंड लीग में श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिरगे ने 92.07 मीटर का शानदार थ्रो कर लेग जीता और एंडरसन पीटर्स को पीछे छोड़ा। पीटर्स 86.93 मीटर के साथ दूसरे और चेक गणराज्य के डेविड वेगनर 85.16 मीटर के साथ तीसरे स्थान पर रहे। चोपड़ा ने यह लेग नहीं खेला।
चोट से वापसी और हालिया प्रदर्शन
चोट से उबरने के बाद चोपड़ा ने दोहा डायमंड लीग में वापसी की थी, जहाँ उन्होंने 85.69 मीटर का थ्रो कर चौथा स्थान हासिल किया। इसके बाद ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में 85.83 मीटर के थ्रो के साथ वे दूसरे स्थान पर रहे — यहाँ भी रुमेश ने उन्हें पीछे छोड़ा। यह ऐसे समय में आया है जब चोपड़ा चोट के बाद अपनी लय पुनः हासिल करने में जुटे हैं।
नीरज का भावनात्मक संदेश
ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद चोपड़ा ने अपने इंस्टाग्राम पर लिखा, 'कुछ थ्रो ऐसे होते हैं जो दूर तक जाते हैं, और फिर कुछ ऐसे पल होते हैं जो पूरी यात्रा का बोझ उठाते हैं। पिछले 10 महीनों ने मुझे ऐसे तरीकों से परखा है जिनकी मैंने कभी उम्मीद नहीं की थी।' यह संदेश उनकी चोट और संघर्ष की झलक देता है।
ब्रसेल्स फाइनल और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि टोक्यो ओलंपिक 2020 में स्वर्ण और पेरिस ओलंपिक 2024 में रजत पदक जीतने वाले चोपड़ा ने 2022 में 88.44 मीटर का थ्रो कर डायमंड लीग फाइनल जीता था और यह खिताब जीतने वाले पहले भारतीय बने थे। अब ब्रसेल्स में वे एक बार फिर उस ऊँचाई को छूने की कोशिश करेंगे।