28 अगस्त 2026
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मीठापुर-सिपारा एलिवेटेड पथ लोकार्पण पर मंत्री कुमार शैलेन्द्र बोले — विपक्ष के पास मुद्दा नहीं, सिर्फ नैरेटिव

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मीठापुर-सिपारा एलिवेटेड पथ लोकार्पण पर मंत्री कुमार शैलेन्द्र बोले — विपक्ष के पास मुद्दा नहीं, सिर्फ नैरेटिव

सारांश

पटना में ₹231 करोड़ की लागत से बने 2.10 किलोमीटर लंबे मीठापुर-सिपारा एलिवेटेड पथ का लोकार्पण हुआ। बिहार मंत्री कुमार शैलेन्द्र ने नेपाल आपदा पर राज्य की तैयारियाँ गिनाईं और विपक्ष पर सीधा हमला बोला — 'मुद्दा नहीं, सिर्फ नैरेटिव।'

मुख्य बातें

मीठापुर-सिपारा एलिवेटेड पथ की लंबाई 2.10 किलोमीटर , निर्माण लागत ₹231 करोड़ ; पटना के यातायात को राहत मिलेगी।
पूरे मार्ग पर उच्च गुणवत्ता के ध्वनि-अवरोधक (नॉइज़ बैरियर) लगाए गए हैं।
नेपाल आपदा के मद्देनज़र पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सारण, हाजीपुर, मुजफ्फरपुर समेत कई जिले हाई अलर्ट पर।
SDRF, NDRF और हेलीकॉप्टर सहित आपातकालीन संसाधन तैनात।
मंत्री ने विपक्ष पर आरोप लगाया — संसद में वॉकआउट करते हैं, ठोस मुद्दे नहीं हैं।
आने वाले दो से तीन महीनों में कई अन्य पुल व सड़क परियोजनाओं के लोकार्पण की योजना।

बिहार सरकार के मंत्री कुमार शैलेन्द्र ने 28 अगस्त 2026 को पटना में मीठापुर-सिपारा एलिवेटेड पथ के लोकार्पण, नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा और संसद के विशेष सत्र की चर्चाओं समेत कई महत्वपूर्ण विषयों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विकास कार्य बिहार की आधारभूत संरचना को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

मीठापुर-सिपारा एलिवेटेड पथ: मुख्य विशेषताएँ

मंत्री कुमार शैलेन्द्र ने पटना-मीठापुर-महुली-पुनपुन मार्ग के अंतर्गत निर्मित इस एलिवेटेड पथ के लोकार्पण के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि मीठापुर से सिपारा के बीच लगभग 2.10 किलोमीटर लंबे इस एलिवेटेड पथ को ₹231 करोड़ की लागत से तैयार किया गया है।

मंत्री के अनुसार, पहले इस मार्ग पर यात्रियों को भारी जाम और असुविधा का सामना करना पड़ता था। इस पथ के चालू होने से यातायात सुगम होगा और पटना में जाम की समस्या में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र सरकार और बिहार सरकार के सहयोग से कई अन्य पुल और सड़क परियोजनाएँ निर्माणाधीन हैं, जिनका लोकार्पण आने वाले दो से तीन महीनों में किए जाने की योजना है।

ध्वनि-अवरोधक और रात्रि यातायात की व्यवस्था

मंत्री ने इस एलिवेटेड पथ की विशेषता बताते हुए कहा कि पूरे मार्ग पर उच्च गुणवत्ता के ध्वनि-अवरोधक (नॉइज़ बैरियर) लगाए गए हैं। इनका उद्देश्य सड़क किनारे निवास करने वाले लोगों को यातायात के शोर से राहत दिलाना और शांत वातावरण सुनिश्चित करना है। साथ ही रात्रि में भी यातायात के सुचारु संचालन के लिए आवश्यक व्यवस्था की गई है।

नेपाल आपदा: बिहार में हाई अलर्ट

नेपाल में आई प्राकृतिक त्रासदी पर मंत्री कुमार शैलेन्द्र ने नेपालवासियों और लापता लोगों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तत्काल मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से संपर्क किया, जिसके बाद बिहार के संभावित प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया।

पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सारण, हाजीपुर और मुजफ्फरपुर सहित आसपास के जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री ने बताया कि आपात स्थिति से निपटने के लिए SDRF, NDRF और हेलीकॉप्टर समेत सभी आवश्यक संसाधन तैयार रखे गए हैं।

विपक्ष पर तीखा प्रहार

संसद के विशेष सत्र की चर्चाओं के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की चेतावनी पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री ने कहा कि जब संसद की कार्यवाही चलती है, तब विपक्षी दल महत्वपूर्ण अवसरों पर वॉकआउट कर देते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है और वह केवल राजनीतिक नैरेटिव गढ़ने में लगा है।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' अभियान के जवाब में 'झूठ की गूंज' वेबसाइट लॉन्च किए जाने पर मंत्री ने कहा कि यदि विपक्ष गलत जानकारी या भ्रामक नैरेटिव प्रस्तुत करेगा, तो सरकार और उसके समर्थक उसका तथ्यात्मक प्रतिकार करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने जोर दिया कि राजनीतिक विमर्श में गलत दावों का खंडन अनिवार्य है, विशेषकर जब नई पीढ़ी पर उसका प्रभाव पड़ने की आशंका हो।

गौरतलब है कि बिहार में अगले कुछ महीनों में और अधिक बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं के उद्घाटन की तैयारी है, जो राज्य सरकार के विकास एजेंडे की केंद्रीय धुरी बनती जा रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि क्या ये परियोजनाएँ समय पर पूरी होती हैं और आम नागरिक को दीर्घकालिक राहत मिलती है। विपक्ष पर 'नैरेटिव' का आरोप लगाना राजनीतिक रूप से सुविधाजनक है, पर यह उन वैध सवालों को नहीं ढकता जो रोज़गार, बाढ़ प्रबंधन और ग्रामीण कनेक्टिविटी पर खड़े होते हैं। नेपाल आपदा के संदर्भ में बिहार का त्वरित अलर्ट सराहनीय है, लेकिन हर बाढ़-सीज़न में यही प्रश्न उठता है कि दीर्घकालिक बाढ़-नियंत्रण नीति कहाँ है।
RashtraPress
28 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मीठापुर-सिपारा एलिवेटेड पथ क्या है और इसकी लागत कितनी है?
यह पटना में मीठापुर से सिपारा के बीच बना लगभग 2.10 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड पथ है, जिसे ₹231 करोड़ की लागत से तैयार किया गया है। यह पटना-मीठापुर-महुली-पुनपुन मार्ग का हिस्सा है और इसके चालू होने से पटना में यातायात जाम में कमी आने की उम्मीद है।
इस एलिवेटेड पथ की खास विशेषताएँ क्या हैं?
पूरे मार्ग पर उच्च गुणवत्ता के ध्वनि-अवरोधक (नॉइज़ बैरियर) लगाए गए हैं, जो सड़क किनारे रहने वाले लोगों को यातायात के शोर से बचाएँगे। रात में भी यातायात के सुचारु संचालन के लिए आवश्यक व्यवस्था की गई है।
नेपाल आपदा के बाद बिहार में क्या कदम उठाए गए हैं?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सारण, हाजीपुर और मुजफ्फरपुर समेत कई जिलों को हाई अलर्ट पर रखा है। SDRF, NDRF और हेलीकॉप्टर सहित सभी आपातकालीन संसाधन तैयार रखे गए हैं।
मंत्री कुमार शैलेन्द्र ने विपक्ष पर क्या आरोप लगाए?
मंत्री ने कहा कि विपक्षी दल संसद की कार्यवाही के दौरान महत्वपूर्ण अवसरों पर वॉकआउट कर देते हैं और उनके पास कोई ठोस विकास-केंद्रित मुद्दा नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष केवल राजनीतिक नैरेटिव गढ़ने की कोशिश करता है, जिसका प्रभाव नई पीढ़ी पर पड़ सकता है।
बिहार में आगे और कौन-सी बुनियादी ढाँचा परियोजनाएँ आने वाली हैं?
मंत्री कुमार शैलेन्द्र के अनुसार, केंद्र और बिहार सरकार के सहयोग से कई पुल और सड़क परियोजनाएँ निर्माणाधीन हैं। इनका लोकार्पण आने वाले दो से तीन महीनों में किए जाने की योजना है।
राष्ट्र प्रेस
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