28 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

एससीओ शिखर सम्मेलन 2026: बिश्केक में 31 अगस्त से, शी चिनफिंग होंगे शामिल

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
एससीओ शिखर सम्मेलन 2026: बिश्केक में 31 अगस्त से, शी चिनफिंग होंगे शामिल

सारांश

एससीओ का 2026 शिखर सम्मेलन 31 अगस्त से बिश्केक में होगा, जहाँ शी चिनफिंग एक बार फिर वैश्विक शासन पर चीन का पक्ष रखेंगे। 25 वर्षों में 6 से बढ़कर दुनिया के सबसे बड़े क्षेत्रीय संगठन बने एससीओ की यह बैठक बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों के बीच अहम मानी जा रही है।

मुख्य बातें

एससीओ शिखर सम्मेलन 2026 का आयोजन 31 अगस्त और 1 सितंबर को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में होगा।
चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग सम्मेलन में भाग लेंगे; वे लगातार कई वर्षों से एससीओ बैठकों में सक्रिय भूमिका निभाते आए हैं।
पिछले वर्ष थ्येनचिन में शी चिनफिंग ने 'वैश्विक शासन पहल' पेश की थी, जो उनकी तीन पूर्व वैश्विक पहलों की कड़ी है।
पिछले 25 वर्षों में एससीओ 6 संस्थापक सदस्यों से बढ़कर विश्व का सबसे बड़ा क्षेत्रीय संगठन बन चुका है।
बिश्केक बैठक में व्यापार, सुरक्षा और क्षेत्रीय संपर्क पर चर्चा होने की संभावना है।

शांगहाई सहयोग संगठन (एससीओ) का 2026 का वार्षिक शिखर सम्मेलन 31 अगस्त और 1 सितंबर को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित होगा। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग इस सम्मेलन में भाग लेंगे और अपना संबोधन देंगे। यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक भू-राजनीतिक समीकरण तेज़ी से बदल रहे हैं और एससीओ की भूमिका पर नए सिरे से चर्चा छिड़ी हुई है।

मुख्य घटनाक्रम

बिश्केक में होने वाले इस शिखर सम्मेलन में एससीओ के सदस्य देशों के प्रमुख एकत्रित होंगे। शी चिनफिंग पिछले कई वर्षों से लगातार एससीओ शिखर सम्मेलनों में भाग लेते आए हैं — ताजिकिस्तान के दुशांबे से लेकर रूस के उफा, कजाखस्तान के अस्ताना और चीन के थ्येनचिन तक। प्रत्येक मंच पर उन्होंने न्यायसंगत और समतापूर्ण अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था की स्थापना तथा सतत विकास एवं साझा समृद्धि के विषयों पर चीन का पक्ष रखा है।

वैश्विक शासन पहल की पृष्ठभूमि

एक वर्ष पूर्व थ्येनचिन में आयोजित 'एससीओ+' सम्मेलन में शी चिनफिंग ने 'वैश्विक शासन पहल' प्रस्तुत की थी। यह पहल उनकी पहले से घोषित वैश्विक विकास पहल, वैश्विक सुरक्षा पहल और वैश्विक सभ्यता पहल के बाद आई — जिसे चीन अंतर्राष्ट्रीय स्थिरता के लिए एक महत्वपूर्ण योगदान के रूप में प्रस्तुत करता है। आलोचकों का कहना है कि ये पहलें वैश्विक संस्थाओं में चीन के प्रभाव को विस्तार देने की रणनीति का हिस्सा हैं।

एससीओ की विस्तार-यात्रा

गौरतलब है कि पिछले 25 वर्षों में एससीओ 6 संस्थापक सदस्यों से बढ़कर दुनिया का सबसे बड़ा क्षेत्रीय संगठन बन चुका है। 'शांगहाई भावना' के सिद्धांतों — परस्पर विश्वास, समानता, और सहयोग — के आधार पर इस संगठन ने क्षेत्रीय सहयोग का एक विशिष्ट मॉडल विकसित किया है। भारत और पाकिस्तान के 2017 में सदस्य बनने के बाद इस संगठन की भू-राजनीतिक प्रासंगिकता और बढ़ गई है।

आगे क्या होगा

बिश्केक शिखर सम्मेलन में सदस्य देशों के बीच व्यापार, सुरक्षा और क्षेत्रीय संपर्क पर चर्चा होने की संभावना है। चीन की ओर से संकेत मिले हैं कि वह इस मंच पर वैश्विक शासन के अपने दृष्टिकोण को और मज़बूती से रखेगा तथा सदस्य देशों के साथ साझे भविष्य की रूपरेखा को आगे बढ़ाएगा। यह सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब पश्चिमी देशों के साथ चीन और रूस के संबंध तनावपूर्ण बने हुए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन आलोचकों की नज़र में यह पश्चिमी नेतृत्व वाली संस्थाओं के समानांतर एक वैकल्पिक ढाँचा खड़ा करने की कोशिश है। भारत के लिए एससीओ एक जटिल मंच है — चीन और पाकिस्तान दोनों के साथ एक ही मेज़ पर बैठना कूटनीतिक संतुलन की माँग करता है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बिश्केक में भारत की भागीदारी का स्वर क्या रहता है।
RashtraPress
28 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एससीओ शिखर सम्मेलन 2026 कहाँ और कब होगा?
एससीओ शिखर सम्मेलन 2026 का आयोजन 31 अगस्त और 1 सितंबर को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में होगा। इसमें सदस्य देशों के शीर्ष नेता भाग लेंगे।
शी चिनफिंग एससीओ सम्मेलनों में क्यों नियमित रूप से शामिल होते हैं?
शी चिनफिंग एससीओ को वैश्विक शासन में चीन की भूमिका को रेखांकित करने के प्रमुख मंच के रूप में देखते हैं। वे प्रत्येक सम्मेलन में न्यायसंगत अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था और साझा समृद्धि जैसे विषयों पर चीन का पक्ष रखते हैं।
शी चिनफिंग की 'वैश्विक शासन पहल' क्या है?
यह पहल थ्येनचिन में 'एससीओ+' सम्मेलन के दौरान प्रस्तुत की गई थी और वैश्विक विकास पहल, वैश्विक सुरक्षा पहल तथा वैश्विक सभ्यता पहल के बाद शी चिनफिंग का चौथा प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य वैश्विक शासन प्रणाली को अधिक न्यायसंगत बनाना बताया गया है।
एससीओ कितना बड़ा संगठन है और इसमें कौन-कौन से देश शामिल हैं?
पिछले 25 वर्षों में एससीओ 6 संस्थापक सदस्यों से बढ़कर विश्व का सबसे बड़ा क्षेत्रीय संगठन बन चुका है। इसमें चीन, रूस, भारत, पाकिस्तान, कजाखस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान सहित कई देश सदस्य हैं।
बिश्केक शिखर सम्मेलन में किन मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है?
इस सम्मेलन में व्यापार, क्षेत्रीय सुरक्षा और संपर्क (connectivity) के मुद्दे प्रमुख रहने की उम्मीद है। चीन की ओर से वैश्विक शासन के अपने दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के संकेत भी मिले हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 9 महीने पहले
  3. 11 महीने पहले
  4. 12 महीने पहले
  5. 1 साल पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले