क्या एससीओ शिखर सम्मेलन में पुतिन की द्विपक्षीय बैठकों का कार्यक्रम तैयार हो रहा है?

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क्या एससीओ शिखर सम्मेलन में पुतिन की द्विपक्षीय बैठकों का कार्यक्रम तैयार हो रहा है?

सारांश

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए तैयार हैं। क्रेमलिन ने द्विपक्षीय बैठकों के कार्यक्रम को अंतिम रूप देने के लिए काम शुरू कर दिया है। जानें इस सम्मेलन में क्या खास होने वाला है!

Key Takeaways

  • पुतिन शंघाई सहयोग संगठन सम्मेलन में भाग लेंगे।
  • क्रेमलिन द्विपक्षीय बैठकों का कार्यक्रम तैयार कर रहा है।
  • एससीओ का आयोजन चीन में होगा।
  • मोदी भी इस सम्मेलन में शामिल होंगे।
  • भारत 2017 से एससीओ का सदस्य है।

मॉस्को, 27 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन चीन में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। क्रेमलिन ने बुधवार को यह पुष्टि की कि राष्ट्रपति कार्यालय इस समय पुतिन की द्विपक्षीय बैठकों के कार्यक्रम को तैयार कर रहा है, जो सम्मेलन के दौरान आयोजित होंगी।

जब पुतिन और अज़रबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव के बीच बैठक की संभावना पर सवाल पूछा गया, तो रूसी राष्ट्रपति के प्रेस सचिव दिमित्री पेस्कोव ने कहा, "हम वर्तमान में द्विपक्षीय बैठकों का कार्यक्रम तैयार कर रहे हैं, जिन्हें हमारे चीनी मित्रों द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में शामिल किया जाएगा। जैसे ही यह अंतिम रूप लेगा, हम आपको सूचित करेंगे।"

एससीओ शिखर सम्मेलन चीन के तियानजिन शहर में 31 अगस्त से 1 सितंबर तक आयोजित होगा। इसमें पुतिन समेत संगठन के 20 से अधिक सदस्य देशों के नेता शामिल होंगे। एससीओ की स्थापना 15 जून 2001 को शंघाई में हुई थी।

एससीओ के सदस्य देश हैं: चीन, रूस, भारत, कजाखस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, पाकिस्तान, उज़्बेकिस्तान, ईरान और बेलारूस। संगठन के दो पर्यवेक्षक देश अफगानिस्तान और मंगोलिया हैं, जबकि 14 संवाद साझेदारों में तुर्की, कुवैत, अज़रबैजान, आर्मेनिया, कंबोडिया, नेपाल, श्रीलंका, सऊदी अरब, मिस्र, कतर, बहरीन, मालदीव, म्यांमार और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के निमंत्रण पर तियानजिन में एससीओ शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। वे इस सप्ताह जापान की दो दिवसीय यात्रा पूरी करने के बाद चीन जाएंगे।

विदेश मंत्रालय (एमईए) ने बताया कि शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी कई नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। भारत 2017 से एससीओ का सदस्य है और 2022-23 में संगठन की परिषद के राष्ट्राध्यक्षों की अध्यक्षता कर चुका है।

प्रधानमंत्री मोदी की चीन और जापान यात्रा को लेकर मंगलवार को आयोजित विशेष प्रेस ब्रीफिंग में विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि प्रधानमंत्री शिखर सम्मेलन के इतर कई द्विपक्षीय बैठकें करेंगे और उन बैठकों के कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

जब मोदी और पुतिन की संभावित मुलाकात के बारे में पूछा गया तो मिस्री ने कहा, "जैसा कि हमेशा ऐसे आयोजनों में होता है, कई द्विपक्षीय बैठकें होती हैं। हम अभी उन बैठकों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में हैं। जैसे ही तय होगा, आपको अपडेट किया जाएगा और उन बैठकों की जानकारी साझा की जाएगी। फिलहाल बैठक से पहले यह कहना जल्दबाजी होगी कि किन विषयों पर चर्चा होगी और किन पर नहीं।"

Point of View

और यह सम्मेलन इस दिशा में एक कदम है। एससीओ के सदस्य देशों के बीच बातचीत से क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा में वृद्धि होगी।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

एससीओ शिखर सम्मेलन कब होगा?
एससीओ शिखर सम्मेलन 31 अगस्त से 1 सितंबर तक चीन के तियानजिन शहर में आयोजित होगा।
पुतिन किसके निमंत्रण पर सम्मेलन में भाग ले रहे हैं?
पुतिन चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के निमंत्रण पर सम्मेलन में भाग ले रहे हैं।
भारत कब से एससीओ का सदस्य है?
भारत 2017 से एससीओ का सदस्य है।