26 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

शी चिनफिंग 30 अगस्त से SCO बिश्केक शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे, किर्गिस्तान और मिस्र की राजकीय यात्रा भी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
शी चिनफिंग 30 अगस्त से SCO बिश्केक शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे, किर्गिस्तान और मिस्र की राजकीय यात्रा भी

सारांश

चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग की 30 अगस्त से शुरू होने वाली यात्रा सिर्फ एक शिखर सम्मेलन नहीं — यह SCO की 25वीं वर्षगांठ, किर्गिस्तान के साथ नए सहयोग और मिस्र के साथ 70 साल के रिश्तों को नई ऊर्जा देने का बहुआयामी कूटनीतिक अभियान है।

मुख्य बातें

चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग 30 अगस्त से 3 सितंबर 2026 तक बिश्केक में SCO शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे।
वह किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सादिर जापारोव और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल सिसी के निमंत्रण पर दोनों देशों की राजकीय यात्रा भी करेंगे।
इस वर्ष SCO की स्थापना की 25वीं वर्षगांठ है।
मिस्र यात्रा 10 वर्षों में शी चिनफिंग की पहली राजकीय यात्रा होगी और चीन-मिस्र राजनयिक संबंधों की 70वीं वर्षगांठ के अवसर पर हो रही है।
पिछले वर्ष राष्ट्रपति शी और राष्ट्रपति जापारोव के बीच तीन बार मुलाकात हो चुकी है।

चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग 30 अगस्त से 3 सितंबर 2026 तक किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित शांगहाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। इसके साथ ही वह किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सादिर जापारोव और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल सिसी के निमंत्रण पर दोनों देशों की आधिकारिक राजकीय यात्रा भी करेंगे। यह जानकारी बुधवार, 26 अगस्त को बीजिंग में चीनी विदेश मंत्रालय की नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी गई।

SCO की 25वीं वर्षगांठ और बिश्केक शिखर सम्मेलन का महत्व

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन च्येन ने बताया कि इस वर्ष SCO की स्थापना की 25वीं वर्षगांठ है। उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों में सदस्य देशों ने 'शांगहाई भावना' को जीवित रखते हुए SCO को दुनिया का सबसे बड़ा, सर्वाधिक जनसंख्या वाला और सर्वाधिक संभावनाशील व्यापक क्षेत्रीय सहयोग संगठन बनाने में निर्णायक भूमिका निभाई है। गौरतलब है कि पिछले वर्ष चीन के थ्येनचिन शहर में आयोजित SCO शिखर सम्मेलन को संगठन के उच्च-स्तरीय विकास के एक नए चरण की शुरुआत के रूप में देखा गया था।

लिन च्येन ने कहा कि चीन बिश्केक शिखर सम्मेलन में सभी पक्षों के साथ मिलकर आम सहमति को और मजबूत करने, क्षेत्रीय सुरक्षा, स्थिरता और विकास को बढ़ावा देने तथा 'मानव जाति के साझा भविष्य वाले समुदाय' के निर्माण में सकारात्मक योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है।

किर्गिस्तान यात्रा: द्विपक्षीय वार्ता और सहयोग का नया अध्याय

प्रवक्ता ने किर्गिस्तान यात्रा के बारे में बताया कि चीन और किर्गिस्तान पड़ोसी, मित्र और साझेदार के रूप में गहरे संबंध साझा करते हैं। पिछले वर्ष राष्ट्रपति शी और राष्ट्रपति जापारोव के बीच तीन बार मुलाकात हुई, जिसने दोनों देशों के बीच सहयोग के एक नए स्वर्णिम दौर की नींव रखी।

आगामी यात्रा के दौरान दोनों राष्ट्रपतियों के बीच द्विपक्षीय संबंधों, प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग और क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्थिति पर गहन विचार-विमर्श होगा। चीन का उद्देश्य इस यात्रा के माध्यम से दोनों देशों के बीच व्यापक एवं पारस्परिक लाभकारी सहयोग को नई ऊँचाई देना है।

मिस्र यात्रा: 10 वर्षों बाद और राजनयिक संबंधों की 70वीं वर्षगांठ

लिन च्येन के अनुसार, राष्ट्रपति शी की मिस्र यात्रा 10 वर्षों में पहली राजकीय यात्रा होगी। यह यात्रा चीन-मिस्र राजनयिक संबंधों की 70वीं वर्षगांठ के अवसर पर हो रही है, जो इसे ऐतिहासिक महत्व देती है। मिस्र उन पहले अरब और अफ्रीकी देशों में शामिल था जिसने चीन लोक गणराज्य के साथ राजनयिक संबंध स्थापित किए थे।

हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच राजनीतिक आपसी विश्वास, आर्थिक सहयोग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यात्रा के दौरान राष्ट्रपति शी और राष्ट्रपति सिसी द्विपक्षीय संबंधों और साझा चिंता वाले अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विस्तृत चर्चा करेंगे।

वैश्विक कूटनीति में चीन की सक्रिय भूमिका

यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक भू-राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं और SCO का विस्तार हो रहा है। चीन का SCO के मंच पर सक्रिय नेतृत्व और साथ ही दो महत्वपूर्ण देशों — किर्गिस्तान और मिस्र — की एक साथ राजकीय यात्रा, बीजिंग की बहुआयामी कूटनीतिक रणनीति को दर्शाती है। आने वाले दिनों में इस शिखर सम्मेलन के परिणामों पर पूरे क्षेत्र की निगाहें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

किर्गिस्तान द्विपक्षीय वार्ता और मिस्र की 10 साल बाद पहली राजकीय यात्रा — यह संयोग नहीं, चीन की सुनियोजित बहुआयामी कूटनीति है। मिस्र यात्रा का समय विशेष रूप से उल्लेखनीय है: 70 वर्षों के राजनयिक संबंध और अफ्रीका तथा अरब जगत में चीन की बढ़ती पकड़ — दोनों एक साथ रेखांकित होते हैं। SCO की 25वीं वर्षगांठ पर बिश्केक में चीन का नेतृत्व यह संदेश देता है कि बीजिंग पश्चिमी-केंद्रित व्यवस्था के विकल्प के रूप में इस मंच को और मजबूत करना चाहता है — और इसके लिए वह मध्य एशिया से लेकर उत्तरी अफ्रीका तक अपनी कूटनीतिक पहुँच एक साथ विस्तारित कर रहा है।
RashtraPress
26 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

SCO बिश्केक शिखर सम्मेलन 2026 कब और कहाँ होगा?
SCO बिश्केक शिखर सम्मेलन 30 अगस्त से 3 सितंबर 2026 तक किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित होगा। इस वर्ष SCO की स्थापना की 25वीं वर्षगांठ भी है।
शी चिनफिंग की मिस्र यात्रा क्यों महत्वपूर्ण है?
यह 10 वर्षों में शी चिनफिंग की मिस्र की पहली राजकीय यात्रा है और चीन-मिस्र राजनयिक संबंधों की 70वीं वर्षगांठ के अवसर पर हो रही है। यह यात्रा दोनों देशों के बीच आर्थिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक सहयोग को नई दिशा देने का अवसर है।
शी चिनफिंग की किर्गिस्तान यात्रा का उद्देश्य क्या है?
इस यात्रा के दौरान राष्ट्रपति शी और किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सादिर जापारोव द्विपक्षीय संबंधों, प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग और क्षेत्रीय स्थिति पर विचार-विमर्श करेंगे। पिछले वर्ष दोनों नेता तीन बार मिल चुके हैं, जिससे सहयोग का एक नया दौर शुरू हुआ है।
SCO क्या है और इसमें कौन-कौन से देश शामिल हैं?
शांगहाई सहयोग संगठन (SCO) दुनिया का सबसे बड़ा क्षेत्रीय सहयोग संगठन है जिसकी स्थापना 2001 में हुई थी। इसमें चीन, रूस, भारत, पाकिस्तान, कज़ाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, उज़्बेकिस्तान और ईरान सहित कई देश शामिल हैं।
इससे पहले SCO का शिखर सम्मेलन कहाँ हुआ था?
पिछले वर्ष SCO का शिखर सम्मेलन चीन के थ्येनचिन शहर में आयोजित हुआ था। चीनी प्रवक्ता के अनुसार, उस सम्मेलन ने SCO के उच्च-स्तरीय विकास के एक नए चरण की शुरुआत की थी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 11 महीने पहले
  6. 12 महीने पहले
  7. 12 महीने पहले
  8. 1 साल पहले