क्या शी चिनफिंग ने किर्गिस्तान, अजरबैजान और बेलारूस के राष्ट्रपतियों से मुलाकात की?

सारांश
Key Takeaways
- शी चिनफिंग की मुलाकातें महत्वपूर्ण हैं।
- किर्गिस्तान, अजरबैजान और बेलारूस के साथ साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में कदम।
- पारस्परिक सहयोग के नए रास्ते खुल सकते हैं।
बीजिंग, 31 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने थ्येनचिन में विभिन्न अवसरों पर वर्ष 2025 एससीओ शिखर सम्मेलन और चीनी जनता के जापानी आक्रमण विरोधी युद्ध और विश्व फासीवाद विरोधी युद्ध की 80वीं वर्षगांठ मनाने के कार्यक्रम में भाग लेने वाले किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सादिर नर्गोज़ोएविच जापारोव, अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव और बेलारूस के राष्ट्रपति लुकाशंको से भेंट की।
जापारोव के साथ बैठक के दौरान, चीन ने किर्गिस्तान के साथ पारस्परिक समर्थन और विकास रणनीति को मजबूत करने का आश्वासन दिया। दोनों देशों के बीच आधुनिकीकरण और राष्ट्रीय पुनरुत्थान के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। चीन ने कहा कि वह किर्गिस्तान का एससीओ के घूर्णन अध्यक्ष देश के रूप में पूरा समर्थन देगा।
जापारोव ने कहा कि चीन किर्गिस्तान का एक अच्छा पड़ोसी और मित्र है। किर्गिस्तान चीन के अनुभवों से सीखना चाहता है और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए उत्सुक है।
अलीयेव के साथ बातचीत में, शी ने कहा कि चीन और अजरबैजान के बीच संपर्क और सहयोग की मजबूत नींव है। चीन अजरबैजान के साथ समृद्ध सहयोग का रुख बनाए रखकर दोनों देशों की साझी जीत की दिशा में आगे बढ़ने को तैयार है।
अलीयेव ने बताया कि अजरबैजान और चीन ने सर्वांगीण रणनीतिक साझेदारी स्थापित की है। वह एससीओ के माध्यम से सहयोग को और बढ़ाने के इच्छुक हैं।
लुकाशंको के साथ चर्चा में, शी ने कहा कि चीन और बेलारूस की जनता ने मिलकर सैन्यवाद और फासीवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ी है। दोनों देशों की मित्रता गहरी और स्थायी है।
लुकाशंको ने कहा कि बेलारूस चीन का हर समय का साझेदार और विश्वसनीय मित्र है। वह विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाने के लिए तत्पर है।
(साभार- चाइना मीडिय ग्रुप, पेइचिंग)