बिश्केक में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने किर्गिस्तान के राष्ट्रपति झापारोव से की शिष्टाचार भेंट
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने 6 जून 2025 को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में राष्ट्रपति सादिर झापारोव से शिष्टाचार भेंट की। यह मुलाकात शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के सदस्य देशों के आंतरिक मामलों और सार्वजनिक सुरक्षा मंत्रियों की परिषद की बैठक के दौरान हुई, जो 4 से 6 जून 2025 तक बिश्केक में आयोजित की जा रही है।
मुलाकात की पृष्ठभूमि
किर्गिस्तान में भारतीय दूतावास ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने SCO सदस्य देशों के प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों के साथ राष्ट्रपति सादिर झापारोव से भेंट की। इस बैठक की अध्यक्षता इस वर्ष किर्गिस्तान कर रहा है, जो 2025-26 के लिए SCO की अध्यक्षता संभाले हुए है।
राष्ट्रपति झापारोव ने अपनी अध्यक्षता का विषय 'SCO के 25 वर्ष : सतत शांति, विकास और समृद्धि की दिशा में साथ-साथ' निर्धारित किया है, जो संगठन की रजत जयंती को रेखांकित करता है।
मंत्री का स्वागत और कार्यक्रम
गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय गुरुवार को बिश्केक पहुँचे, जहाँ किर्गिस्तान के आंतरिक मामलों के मंत्री उलान नियाज़बेकोव और भारत के राजदूत बिरेंदर सिंह यादव ने उनका मानस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर स्वागत किया।
SCO में भारत की सक्रिय भागीदारी
यह यात्रा SCO मंचों पर भारत की निरंतर सक्रियता को दर्शाती है। गौरतलब है कि अप्रैल में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी SCO रक्षा मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए किर्गिस्तान गए थे। इसके अतिरिक्त, पिछले महीने भारत के उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार पवन कपूर ने बिश्केक में आयोजित SCO सुरक्षा परिषद सचिवों की 21वीं बैठक में हिस्सा लिया था, जिसके दौरान उन्होंने ईरान और किर्गिस्तान के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की।
SCO का विस्तार और संरचना
शंघाई सहयोग संगठन की स्थापना 15 जून 2001 को हुई थी। इसके संस्थापक सदस्य चीन, रूस, कजाखस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान थे। 2017 में भारत और पाकिस्तान इसमें शामिल हुए, 2023 में ईरान को और 2024 में बेलारूस को सदस्यता प्रदान की गई। वर्तमान में SCO के 10 सदस्य देश हैं।
संगठन के दो पर्यवेक्षक देश अफगानिस्तान और मंगोलिया हैं, जबकि 14 संवाद साझेदार देशों में नेपाल, तुर्की, श्रीलंका, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और कुवैत सहित अन्य देश शामिल हैं।
आगे की राह
SCO मंच पर भारत की यह बहुस्तरीय कूटनीतिक सक्रियता — रक्षा, सुरक्षा और गृह मंत्रालय के स्तर पर — इस बात का संकेत है कि नई दिल्ली मध्य एशिया के साथ अपने बहुपक्षीय जुड़ाव को रणनीतिक रूप से गहरा करने में जुटी है।