राजनाथ सिंह ने SCO बैठक में किर्गिस्तान व बेलारूस के रक्षामंत्रियों से की द्विपक्षीय वार्ता
सारांश
Key Takeaways
- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 28 अप्रैल 2026 को बिश्केक में SCO बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ताएँ कीं।
- किर्गिस्तान के रक्षा मंत्री मेजर जनरल मुकाम्बेतोव रुसलान मुस्तफायेविच से मुलाकात में सैन्य प्रशिक्षण, संयुक्त अभ्यास और रक्षा तकनीक पर चर्चा हुई।
- बेलारूस के रक्षा मंत्री लेफ्टिनेंट जनरल विक्टर ख्रेनिन से बैठक में सैन्य उपकरण व तकनीकी सहयोग के नए अवसरों पर विचार हुआ।
- रूस के रक्षा मंत्री आंद्रेई बेलौसोव और चीन के रक्षा मंत्री एडमिरल डोंग जुन से भी राजनाथ सिंह की अलग-अलग बैठकें हुईं।
- सभी वार्ताओं में क्षेत्रीय सुरक्षा, सैन्य सहयोग और द्विपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ करने पर जोर दिया गया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार, 28 अप्रैल 2026 को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की रक्षा मंत्रियों की बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय मुलाकातें कीं। इनमें किर्गिस्तान के रक्षा मंत्री मेजर जनरल मुकाम्बेतोव रुसलान मुस्तफायेविच और बेलारूस के रक्षा मंत्री लेफ्टिनेंट जनरल विक्टर ख्रेनिन के साथ हुई बैठकें विशेष रूप से उल्लेखनीय रहीं। इन वार्ताओं में क्षेत्रीय सुरक्षा, सैन्य सहयोग और द्विपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ करने पर केंद्रित चर्चा हुई।
किर्गिस्तान के साथ रणनीतिक साझेदारी
राजनाथ सिंह ने मेजर जनरल मुकाम्बेतोव रुसलान मुस्तफायेविच के साथ विस्तृत बातचीत के बाद कहा कि यह बैठक बेहद उपयोगी और सार्थक रही। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत और किर्गिज़ गणराज्य के बीच एक सुदृढ़ रणनीतिक साझेदारी है, जो लोकतंत्र, विकास, संस्कृति और समृद्ध विरासत जैसे साझा मूल्यों पर आधारित है।
दोनों देशों के बीच हुई चर्चा में सैन्य प्रशिक्षण, संयुक्त अभ्यास और रक्षा तकनीक के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। राजनाथ सिंह ने यह भी रेखांकित किया कि भारत इस साझेदारी को और आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
बेलारूस के साथ रक्षा सहयोग के नए अवसर
लेफ्टिनेंट जनरल विक्टर ख्रेनिन के साथ हुई बैठक के बारे में राजनाथ सिंह ने कहा कि बेलारूस के रक्षा मंत्री से मिलकर उन्हें प्रसन्नता हुई और दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत बनाने पर सार्थक बातचीत हुई।
इस वार्ता में सैन्य उपकरण, तकनीकी सहयोग और रक्षा प्रशिक्षण के क्षेत्र में नई साझेदारी की संभावनाओं पर चर्चा की गई। गौरतलब है कि भारत और बेलारूस के बीच रक्षा संबंध पहले से स्थापित हैं, और इस बैठक को उन संबंधों को नई दिशा देने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
रूस व चीन के रक्षामंत्रियों से भी मुलाकात
इससे पहले राजनाथ सिंह ने रूस के रक्षा मंत्री आंद्रेई बेलौसोव के साथ भी बैठक की, जिसे उन्होंने बेहतरीन और सार्थक बताया। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई जब वैश्विक स्तर पर सुरक्षा चुनौतियाँ तेज़ी से बदल रही हैं। अधिकारियों के अनुसार दोनों नेताओं के बीच क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा हालात, रक्षा सहयोग, सैन्य तकनीक और संयुक्त परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
इसी दिन बिश्केक में राजनाथ सिंह और चीन के रक्षा मंत्री एडमिरल डोंग जुन के बीच भी एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें क्षेत्रीय सुरक्षा और आपसी सहयोग के मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।
SCO मंच पर भारत की सक्रिय कूटनीति
इन सभी बैठकों से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि भारत शंघाई सहयोग संगठन के मंच का उपयोग अपने मित्र देशों के साथ रक्षा और रणनीतिक संबंधों को नई ऊँचाइयों पर ले जाने के लिए कर रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिण एशिया और मध्य एशिया में भू-राजनीतिक समीकरण तेज़ी से बदल रहे हैं। आने वाले महीनों में इन द्विपक्षीय वार्ताओं के ठोस परिणाम सामने आने की उम्मीद है।