SCO की 25वीं वर्षगांठ: वांग यी ने बीजिंग समारोह में 'शांगहाई भावना' को बताया वैश्विक शांति की नींव
सारांश
मुख्य बातें
चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने 16 जून 2026 को बीजिंग में शांगहाई सहयोग संगठन (SCO) की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित स्वागत समारोह में भाग लिया और संगठन की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए भविष्य की दिशा तय करने का आह्वान किया। इस समारोह में चीन में कार्यरत SCO सदस्य देशों के राजदूतों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों सहित लगभग 200 लोग उपस्थित रहे।
मुख्य घटनाक्रम
वांग यी ने अपने संबोधन में कहा कि SCO की स्थापना ने समकालीन अंतरराष्ट्रीय संबंधों में एक नया अध्याय खोला है। उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों में सदस्य देशों ने एकजुट होकर सहयोग किया है और 'शांगहाई भावना' — जो आपसी विश्वास, पारस्परिक लाभ, समानता, परामर्श, विविध सभ्यताओं के प्रति सम्मान और साझा विकास पर आधारित है — को जीवंत रखा है।
वांग यी ने यह भी रेखांकित किया कि SCO ने एक ऐसा क्षेत्रीय सहयोग मॉडल विकसित किया है जिसमें पड़ोसी देश बिना किसी सैन्य गठबंधन के साझेदारी करते हैं, संयुक्त रूप से सुरक्षा एवं स्थिरता की रक्षा करते हैं और विकास व समृद्धि को बढ़ावा देते हैं।
चीन की भूमिका और वैश्विक पहल
वांग यी ने कहा कि चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने वैश्विक स्तर पर चार वैश्विक पहल प्रस्तावित की हैं और मानव जाति के साझा भविष्य वाले समुदाय के निर्माण की वकालत करते हुए वर्तमान वैश्विक चुनौतियों का चीनी समाधान प्रस्तुत किया है। उन्होंने जोर दिया कि SCO को विश्व शांति, विकास, सहयोग और पारस्परिक लाभ को बढ़ावा देने में और अधिक सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
वांग यी ने यह भी उल्लेख किया कि इस वर्ष चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना की शुरुआत हो रही है और चीन सभी SCO सदस्य देशों के साथ विकास के अवसरों को साझा करने तथा सहयोग एवं पारस्परिक लाभ हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है।
SCO महासचिव का संबोधन
SCO महासचिव येरमेकबायेव ने अपने संबोधन में कहा कि थ्येनचिन शिखर सम्मेलन में अगले 10 वर्षों के लिए SCO की विकास रणनीति को अपनाया गया, जिससे एक महत्वाकांक्षी लेकिन यथार्थवादी दिशा निर्धारित हुई। उन्होंने कहा कि वर्तमान में SCO पर अंतरराष्ट्रीय ध्यान लगातार बढ़ रहा है और उन्हें आशा है कि सदस्य देश अपने नागरिकों की भलाई के साथ-साथ क्षेत्रीय शांति और विकास को बढ़ावा देते रहेंगे।
आम जनता और क्षेत्र पर असर
गौरतलब है कि SCO अब दुनिया की लगभग 40% आबादी और वैश्विक भूभाग के एक बड़े हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव बढ़ रहे हैं और बहुपक्षीय मंचों की प्रासंगिकता पर बहस तेज हो गई है।
क्या होगा आगे
थ्येनचिन शिखर सम्मेलन में अपनाई गई 10 वर्षीय विकास रणनीति के क्रियान्वयन की दिशा में SCO सदस्य देशों से ठोस कदमों की अपेक्षा है। चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना के साथ इस सहयोग के तालमेल पर आने वाले महीनों में नज़र रहेगी।