वांग यी ने वैश्विक विकास पहल की पाँचवीं वर्षगाँठ पर बीजिंग में उच्च स्तरीय बैठक को संबोधित किया
सारांश
मुख्य बातें
चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने 28 जुलाई 2026 को बीजिंग में वैश्विक विकास पहल (Global Development Initiative) की पाँचवीं वर्षगाँठ के अवसर पर आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में भाग लिया और मुख्य संबोधन दिया। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य के रूप में वांग यी ने इस मंच से पहल के भविष्य की दिशा और वैश्विक विकास में चीन की भूमिका को रेखांकित किया।
पहल की पृष्ठभूमि और उद्देश्य
वांग यी ने अपने संबोधन में कहा कि पाँच वर्ष पूर्व, जब दुनिया वैश्विक विकास की दिशा को लेकर गंभीर चुनौतियों से जूझ रही थी, तब चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने इस पहल का प्रस्ताव रखा था। उन्होंने कहा कि इस पहल ने वैश्विक विकास को नई गति देने के लिए चीन का समाधान और योगदान अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने प्रस्तुत किया। यह ऐसे समय में आया था जब विकासशील देशों में आर्थिक असमानता और महामारी के बाद की पुनर्बहाली की चुनौतियाँ चरम पर थीं।
पाँच वर्षों की उपलब्धियाँ
वांग यी के अनुसार, बीते पाँच वर्षों में इस पहल का प्रभाव लगातार विस्तृत हुआ है। विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के तंत्र सुदृढ़ हुए हैं और अनेक व्यावहारिक परियोजनाएँ सफलतापूर्वक क्रियान्वित की गई हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा जटिल और अस्थिर अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में इस पहल की प्रासंगिकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। गौरतलब है कि यह पहल संयुक्त राष्ट्र के 2030 सतत विकास एजेंडा के लक्ष्यों के साथ संरेखित करके आगे बढ़ाई जा रही है।
भविष्य की रणनीति और प्राथमिकताएँ
वांग यी ने चार प्रमुख प्राथमिकताएँ रेखांकित कीं — पहली, सभी देशों द्वारा मिलकर शांतिपूर्ण विकास का माहौल तैयार करना; दूसरी, 2030 सतत विकास लक्ष्यों को तेज़ी से हासिल करने के प्रयास; तीसरी, नवाचार-आधारित विकास के लिए खुलेपन और आपसी सीख को बढ़ावा; और चौथी, बहुपक्षवाद को अपनाते हुए वैश्विक शासन व्यवस्था में सुधार।
वैश्विक भूमिका पर चीन का रुख
वांग यी ने जोर देकर कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियाँ चाहे जैसी भी हों, चीन एक जिम्मेदार प्रमुख देश के रूप में अपनी भूमिका निभाता रहेगा। उन्होंने कहा कि चीन अपने विकास को दुनिया के सभी देशों के साझा विकास से जोड़कर आगे बढ़ाएगा और मानव जाति के साझा भविष्य वाले समुदाय के निर्माण को प्रोत्साहित करेगा। आलोचकों का कहना है कि इस पहल को लेकर पश्चिमी देशों में संशय बना हुआ है, जो इसे भू-राजनीतिक प्रभाव विस्तार के एक उपकरण के रूप में देखते हैं।
आगे क्या
वैश्विक विकास पहल की पाँचवीं वर्षगाँठ के बाद उम्मीद है कि आने वाले महीनों में नई परियोजनाओं की घोषणाएँ होंगी और विकासशील देशों के साथ द्विपक्षीय सहयोग को और विस्तार दिया जाएगा। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संयुक्त राष्ट्र महासभा के आगामी सत्र में यह पहल किस रूप में प्रस्तुत होती है।