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पुंछ में आतंकवाद-विरोधी अभियान: डीजीपी नलिन प्रभात ने की व्यापक सुरक्षा समीक्षा

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पुंछ में आतंकवाद-विरोधी अभियान: डीजीपी नलिन प्रभात ने की व्यापक सुरक्षा समीक्षा

सारांश

पीर पंजाल क्षेत्र में लश्कर-ए-तैयबा की गतिविधियाँ और एलओसी पर घुसपैठ की ताज़ा कोशिशों के बीच जम्मू-कश्मीर के डीजीपी नलिन प्रभात ने पुंछ में सुरक्षा समीक्षा की। एसआईए के छापों में सीमा पार हैंडलर्स से संपर्क के सबूत मिले हैं और दूरदराज़ के जंगलों में CASO अभियान जारी हैं।

मुख्य बातें

डीजीपी नलिन प्रभात ने 14 सितंबर 2026 को पुंछ जिले में आतंकवाद-विरोधी अभियानों की विस्तृत समीक्षा की।
स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एसआईए) ने मंडी और सुरनकोट में छापे मारे; कट्टरपंथ नेटवर्क और एलओसी पार हैंडलर्स से संपर्क के सबूत मिले।
सितंबर की शुरुआत में बालाकोट सेक्टर (मेंढर) में डब्बी गाँव के पास घुसपैठ की कोशिश नाकाम; गोलीबारी के बाद तलाशी अभियान शुरू।
धारा सांगला , भाटादुरियन और खेरोवाली ढोक में बड़े पैमाने पर घेराबंदी और तलाशी अभियान (CASO) जारी।
पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों की गतिविधियाँ इन अभियानों का प्रमुख कारण बताई जा रही हैं।

जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात ने सोमवार, 14 सितंबर 2026 को पुंछ जिले का दौरा कर वहाँ चल रहे आतंकवाद-विरोधी अभियानों की विस्तृत समीक्षा की। पीर पंजाल क्षेत्र में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों की बढ़ती गतिविधियों और हाल की घुसपैठ की कोशिशों के मद्देनज़र यह दौरा अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

समीक्षा बैठक का ब्यौरा

डीजीपी नलिन प्रभात के साथ जम्मू जोन के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस तेजिंदर सिंह भी उपस्थित रहे। अधिकारियों के अनुसार, बैठक में ताज़ा घटनाक्रम, ऑपरेशन की तैयारी और ज़मीन पर विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच तालमेल की स्थिति पर विस्तृत जानकारी साझा की गई। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'हाल ही में घुसपैठ की कोशिशों और पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों की गतिविधियों को देखते हुए यह दौरा अहम है।'

एसआईए के छापे और खुफिया सुराग

स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एसआईए) ने हाल ही में पुंछ के मंडी और सुरनकोट इलाकों तथा उधमपुर में कई ठिकानों पर छापे मारे। इन अभियानों का उद्देश्य कट्टरपंथ फैलाने वाले नेटवर्क और लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) पार सक्रिय हैंडलर्स से संपर्क रखने वाले स्थानीय तत्वों को बेनकाब करना था। एसआईए को मिले सबूतों से कथित तौर पर यह संकेत मिले हैं कि कई स्थानीय लोग एलओसी के उस पार बैठे हैंडलर्स के सीधे संपर्क में थे और इन नेटवर्कों का उपयोग अलगाववादी विचारधारा तथा ऑनलाइन कट्टरपंथ को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा था।

बालाकोट सेक्टर में घुसपैठ की कोशिश

सितंबर की शुरुआत में बालाकोट सेक्टर (मेंढर) में डब्बी गाँव के निकट एलओसी पार करने का प्रयास कर रहे आतंकवादियों के एक समूह को सीमा पर तैनात सैनिकों ने देखा। इसके बाद दोनों तरफ से तीखी गोलीबारी हुई, जिसके पश्चात स्थानीय जंगलों में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया गया। यह घटना पुंछ-राजौरी बेल्ट में आतंकी गतिविधियों की बढ़ती आशंका को रेखांकित करती है।

घेराबंदी और तलाशी अभियान जारी

धारा सांगला, भाटादुरियन और खेरोवाली ढोक जैसे दुर्गम वनक्षेत्रों में बड़े पैमाने पर घेराबंदी और तलाशी अभियान (CASO) जारी हैं। ये अभियान तकनीकी खुफिया जानकारी और पीर पंजाल सुरंग जैसी संवेदनशील बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं के आसपास संदिग्ध गतिविधियों पर आधारित स्थानीय सूचनाओं के आधार पर छेड़े गए हैं।

संयुक्त सुरक्षा ग्रिड की भूमिका

भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों से बना संयुक्त सुरक्षा ग्रिड सीमा पार घुसपैठ रोकने और आतंकी नेटवर्क ध्वस्त करने के प्रयासों को और तेज़ कर रहा है। आलोचकों का कहना है कि पुंछ-राजौरी बेल्ट पिछले कुछ वर्षों में बार-बार आतंकी हमलों का केंद्र बना है, जो इस इलाक़े में दीर्घकालिक सुरक्षा रणनीति की ज़रूरत को उजागर करता है। आने वाले दिनों में खुफिया जानकारी पर आधारित और अभियान तेज़ होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पूर्वसक्रिय (proactive) मोड में काम करने की कोशिश कर रहा है। फिर भी, यह सवाल बना रहता है कि स्थानीय नेटवर्क को कट्टरपंथ से जोड़ने वाली खुफिया जानकारी मिलने के बावजूद रोकथाम में इतना समय क्यों लगा। पीर पंजाल सुरंग जैसी रणनीतिक परियोजनाओं के आसपास संदिग्ध गतिविधियाँ यह भी दर्शाती हैं कि बुनियादी ढाँचे की सुरक्षा अब पारंपरिक सीमा-रक्षा से अलग एक अतिरिक्त मोर्चा बन चुकी है।
RashtraPress
14 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डीजीपी नलिन प्रभात ने पुंछ में किस उद्देश्य से दौरा किया?
डीजीपी नलिन प्रभात ने 14 सितंबर 2026 को पुंछ जिले में चल रहे आतंकवाद-विरोधी अभियानों की समीक्षा करने के लिए दौरा किया। उन्हें ताज़ा घटनाक्रम, ऑपरेशन की तैयारी और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय की स्थिति की जानकारी दी गई।
पुंछ में एसआईए के छापों में क्या मिला?
स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एसआईए) को मंडी और सुरनकोट क्षेत्रों में छापों के दौरान ऐसे सबूत मिले जो कथित तौर पर दर्शाते हैं कि कुछ स्थानीय लोग एलओसी के उस पार बैठे हैंडलर्स के संपर्क में थे। आरोप है कि इन नेटवर्कों का उपयोग अलगाववादी विचारधारा फैलाने और ऑनलाइन कट्टरपंथ को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा था।
बालाकोट सेक्टर में हाल की घुसपैठ की कोशिश कब और कहाँ हुई?
सितंबर 2026 की शुरुआत में बालाकोट सेक्टर (मेंढर) में डब्बी गाँव के पास एलओसी पार करने की कोशिश कर रहे आतंकवादियों के एक समूह को सीमा पर तैनात सैनिकों ने देखा। इसके बाद दोनों तरफ से गोलीबारी हुई और स्थानीय जंगलों में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू हुआ।
पुंछ में CASO अभियान किन इलाकों में चल रहे हैं?
धारा सांगला, भाटादुरियन और खेरोवाली ढोक जैसे दूरदराज़ के वनक्षेत्रों में घेराबंदी और तलाशी अभियान (CASO) जारी हैं। ये अभियान तकनीकी खुफिया जानकारी और पीर पंजाल सुरंग के पास संदिग्ध गतिविधियों पर आधारित स्थानीय सूचनाओं के आधार पर शुरू किए गए हैं।
पुंछ में आतंकवाद-विरोधी अभियानों में कौन-कौन सी एजेंसियाँ शामिल हैं?
भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों का संयुक्त सुरक्षा ग्रिड पुंछ में ऑपरेशन का नेतृत्व कर रहा है। स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एसआईए) खुफिया जानकारी पर आधारित छापों के ज़रिये आतंकी नेटवर्क को निशाना बना रही है।
राष्ट्र प्रेस
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